राष्ट्रीय विकास परिषद् (National Development Council)
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स्थापना का उद्देश्य: पंचवर्षीय योजनाओं के निर्माण में राज्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना।
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स्थापना तिथि: 6 अगस्त, 1952 (सरकार के एक प्रस्ताव के माध्यम से)।
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परिषद् की संरचना:
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अध्यक्ष: भारत के प्रधानमंत्री, परिषद् के पदेन अध्यक्ष होते हैं।
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सचिव: योजना आयोग के सचिव ही इसके पदेन सचिव होते हैं।
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सदस्य: भारतीय संघ के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री तथा योजना आयोग के सभी सदस्य इसके पदेन सदस्य होते हैं।
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अन्तर्राज्य परिषद् (Inter-State Council)
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संवैधानिक प्रावधान: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 263 के अंतर्गत केन्द्र एवं राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से राष्ट्रपति द्वारा अन्तर्राज्य परिषद् की स्थापना की जा सकती है।
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स्थापना और बैठक:
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इसकी स्थापना पहली बार जून 1990 में की गई थी।
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इसकी पहली बैठक 10 अक्टूबर 1990 को आयोजित हुई थी।
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परिषद् की बैठक वर्ष में तीन बार आयोजित की जानी अनिवार्य है।
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बैठक के लिए कोरम (गणपूर्ति): बैठक हेतु कम से कम दस सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य है।
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सदस्य संरचना:
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प्रधानमंत्री (अध्यक्ष)।
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प्रधानमंत्री द्वारा मनोनीत छह कैबिनेट स्तर के मंत्री।
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सभी राज्यों के मुख्यमंत्री।
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सभी संघ राज्य क्षेत्रों (केंद्र शासित प्रदेशों) के मुख्यमंत्री।
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जिन संघ राज्य क्षेत्रों में मुख्यमंत्री नहीं हैं, वहाँ के प्रशासक।
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अध्यक्षता:
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परिषद् की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं।
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प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति में, उनके द्वारा नियुक्त कैबिनेट स्तर का मंत्री बैठक की अध्यक्षता करता है।
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