पाठ से

मेरी समझ से

(क) नीचे दिए गए प्रश्नो का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (*) बनाइए—

(1) “जैसे पौधे को भी सब भेद मालूम हो गया हो” पौधे को कौन-सा भेद पता लग गया?

  • उसे उल्‍टा लटकाया गया है। (*)
  • उसे किसी ने सजा दी है।
  • बच्चे को गमला रखना नहीं आया।
  • प्रकाश ऊपर से आ रहा है।

उत्तर :- उसे उल्‍टा लटकाया गया है। (*)

(2) पेड़-पौधे जीव-जंतुओं के मित्र कैसे हैं ?

  •  हमारे जैसे ही साँस लेते हैं।
  •  हमारे जैसे ही भोजन ग्रहण करते हैं।
  •  हवा को शद्धु करके सहायता करते हैं। (*)
  •  धरती पर हमारे साथ ही जन्मे हैं।

उत्तर :- हवा को शद्धु करके सहायता करते हैं। (*)

(ख) अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?

उत्तर :- पौधा अपने आस-पास की स्थिति को पहचान लेता है, जिसे यहाँ “भेद” कहा गया है। यह भेद यह है कि उसे गलत तरीके से या उल्टा लटका दिया गया है। पेड़-पौधे जीव-जंतुओं के मित्र हैं क्योंकि वे उन्हें ऑक्सीजन, भोजन और रहने के लिए आश्रय प्रदान करते हैं, जबकि जीव-जंतु बदले में कार्बन डाइऑक्साइड और पोषण देकर उनकी मदद करते हैं, जिससे एक स्वस्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र बनता है 

पंक्‍तियों पर चर्चा

पाठ में से चुनकर कुछ पंक्‍तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए।
आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए।

(क) “पेड़-पौधों के रेशे-रेशे में सूरज की किरणे आबद्ध हैं। ईंधन को जलाने पर जो प्रकाश व ताप बाहर प्रकट होता है, वह सूर्य की ही ऊर्जा है।”

उत्तर :- इस कथन में बताया गया है कि पौधे सूर्य की रोशनी से अपना भोजन बनाते हैं और इस ऊर्जा को अपने रेशों में एकत्र करते हैं।जब ईंधन के रूप में लकड़ी को जलाया जाता है तो उसके भीतर की सौर ऊर्जा, प्रकाश और गर्मी के रूप में बाहर निकलती है, जिससे यह समझ आता है कि सूर्य की ऊर्जा पृथ्वी पर जीवन के लिए अति आवश्यक है।

(ख) “मधुमक्खी व तितली के साथ वृक्ष की चिरकाल से घनिष्ठता है। वे दल-बल सहित फूल देखने आती हैं।”

उत्तर :- इस कथन का अर्थ है कि मधुमक्खियाँ व तितलियाँ सदा से ही पेड़-पौधों से जुड़ी हैं। वृक्ष उन्हें पराग और रस देते हैं और बदले में मधुमक्खी व तितली परागण करके वृक्ष को बीज उत्पन्न करने में मदद करती हैं। वे अपने दल-बल के साथ फूलों पर आती हैं  क्योंकि फूलों का रस और सुगंध उन्हें आकर्षित करते है और वे परागकणों को एक फूल से दूसरे फूल तक ले जाती हैं, जिससे बीज तैयार होते हैं।

मिलकर करें मिलान

पाठ में से चुनकर कुछ वाक्यांश नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही अर्थ या संदर्भ से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।

उत्तर :-

वाक्यांश  अर्थ या संदर्भ
1. बीज का ढक्कन दरक गया 6. बीज के दोनों दलों में दरार आ गई या फट गए।
2. उसे ‘अंगारक’ वायु कहते हैं 4. साँस छोड़ने पर निकलने वाली वायु-कार्बन डाईआक्साइड।
3. पत्ते सूर्य ऊर्जा के सहारे ‘अंगारक’ वायु से अंगार
नि:शेष कर डालते हैं
5. सूर्य के प्रकाश से पत्ते विषाक्‍त वायु के प्रभाव को नष्ट  कर देते हैं।
4. प्रकाश ही जीवन का मूलमंत्र है 2. जीवन के लिए सूर्य का प्रकाश आधारशक्‍ति या महत्वपूर्ण है।
5. जैसे फूल-फूल के बहाने वह स्वयं हँस रहा हो 3. अपनी संपन्नता और भावी पीढ़ी की उत्पत्ति से प्रसन्न-संतुष्ट
6. इस अपरूप उपादान से किस तरह ऐसे सुंदर फूल खिलते हैं 1. मटमैली माटी और विषाक्‍त वायु से सुंदर-सुंदर फूलों में  परिवर्तित होते हैं ।

सोच-विचार के लिए

पाठ को एक बार फिर से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए—
(क) बीज के अंकुरित होने में किस-किस का सहयोग मिलता है?

उत्तर :- बीज के अंकुरित होने में जल (नमी), हवा (ऑक्सीजन), उचित तापमान और उचित प्रकाश का सहयोग मिलता है।

(ख) पौधे अपना भोजन कैसे प्राप्त करते हैं?

उत्तर :- पौधे अपना भोजन प्रकाश संश्लेषण’ नामक प्रक्रिया से बनाते हैं। इस प्रक्रिया में पौधे सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके पानी और कार्बन डाइऑक्साइड को ग्लूकोज में बदलते हैं

लेख की रचना

इस लेख में एक के बाद एक विचार को लेखक ने सुसंगत रूप से प्रस्तुत किया है ।  गमले को औंधा  लटकाना या मूली काटकर बोना जैसे उदाहरण देकर बात कहना इस लेख का एक तरीका है। अपने तथ्य को वास्तविकता या व्यावहारिकता से जोड़ना भी इस लेख की विशेषता है।
(क) जैसे लेखक ने ‘पेड़ की बात’ कही है वैसे ही अपने आस-पास की चीजें देखिए और किसी एक चीज़ पर लेख लिखिए, जैसे—गेहूँ की बात।

उत्तर :-   गेहूँ की बात

मैं एक छोटा सा बीज हूँ। मैं मिट्टी में सोया हुआ और उम्मीदों से भरा हूँ।। समय के साथ मिट्टी के अंदर की गर्माहट और पानी ने मुझमें जीवन फूँका। धीरे-धीरे, मैंने अपनी जड़ें मिट्टी में फैलाईं और ऊपर की ओर एक अंकुर निकाला। यह अंकुर ही मेरी पहली राह थी, मिट्टी से बाहर की दुनिया देखने की चाहत। वसतं के आने पर सूरज की किरणें मुझे ऊर्जा देने लगीं। मैंने अपनी पत्तियाँ खोलीं और हरा होने लगा। किसान ने मुझे प्यार से सींचा। मैं हर दिन बढ़ता गया। जब मैं पूरी तरह से उग गया, तो मेरे बालियाँ निकलने लगीं, जिनमें सुनहरे गेहूँ के दाने थे। यह दाने ही मेरी पहचान थे, जो मेरी मेहनत और सूरज की ऊर्जा का प्रतीक थे। जब गेहूँ पक गए, तो किसान ने उन्हें काटा। मुझे खुशी हुई कि मेरा जीवन अब किसी के काम आएगा। फिर मुझे खलिहान में सुखाया गया और मेरे दानों को अलग किया गया। फिर मेरा सफर और भी दिलचस्प हुआ। मुझे आटा चक्की में ले जाया गया, जहाँ मैंने अपना रूप बदला। मैं आटा बन गया, जो नरम और मुलायम था। अब मेरी बारी थी घर पहुँचकर लोगों के जीवन में शामिल होने की। एक रसोई में, मैं फिर एक बार अपनी शक्ति दिखाने को तैयार था। गरम पानी में सानकर, तवे पर सेंककर मुझे रोटी का रूप दिया गया। वह रोटी, जो कभी मिट्टी में सोया एक बीज थी, अब परिवार के सदस्यों के भोजन का हिस्सा थी। मेरी इस यात्रा में मुझे संतुलन का अनुभव हुआ, जहाँ मैंने खुद को समर्पित करके किसी और का जीवन संवारा। मैं परिवार का पेट भरता हूँ, उन्हें ऊर्जा देता हूँ और जीवन के हर हिस्से में अपनी उपस्थिति दर्ज कराता हूँ।
(ख) उसे कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।

उत्तर :- छात्र उपरोक्त ‘गेहूँ की बात’ को अपने मित्रों के साथ साझा करें।

 

अनुमान या कल्पना से

अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए।
(क) “इस तरह संतान के लिए अपना जीवन न्‍योछावर करके वृक्ष समाप्त हो जाता है।” वृक्ष के समाप्त होने के बाद क्या होता है?

उत्तर :- वृक्ष के समाप्त होने के बाद उसके सूखे पत्ते और तने मिट्टी में मिल जाते हैं और मिट्टी के पोषक तत्वों को बढ़ाते हैं। ऐसा होने पर मिट्टी उपजाऊ बनती है और उस मिट्टी से नए पौधे अंकुरित होते हैं।

(ख) पेड़-पौधों के बारे में लेखक की रुचि कैसे जागृत हुई होगी?

उत्तर :- लेखक का बचपन प्रकृति और आसपास के वातावरण में बीता होगा, जिससे उनकी रुचि जागृत हुई होगी।

प्रवाह चार्ट

बीज से बीज तक की यात्रा का आरेख पूरा कीजिए—

उत्तर :- बीज ⇒ अंकुर ⇒ पौधा ⇒ पत्ता ⇒ कली ⇒ फूल ⇒ फल ⇒ बीज

अंकुरण

  • मिट्टी के किसी भी पात्र में मिट्टी भरकर उसमें राजमा या चने के 4–5 बीज बो दीजिए।
  •  हल्का-सा पानी छिड़क दीजिए।
  •  3–4 दिन तक थोड़ा-थोड़ा पानी डालि‍ए।
  • अब इसमें आए परिवर्तन लेखन पस्ति‍ुका में लिखिए।

(संकेत— एक दिन में पौधे की लंबाई कितनी बढ़ती है, कितने पत्ते निकले, प्रकाश की तरफ़ पौधे मुड़े या नहीं आदि।)

उत्तर :- छात्र इस क्रिया को स्वयं करें।

शब्दों के रूप

नीचे दिए गए चित्र को देखिए।
यहाँ मिट्टी से जुड़े, कुछ शब्‍द नीचे दिए गए हैं जो उसकी विशेषता बता रहे हैं। अब आप पेड़, सर्दी , सूर्य जैसे शब्‍दों की विशेषता बताने वाले शब्‍द बॉक्‍स बनाकर लिखिए—
म‍िट्टी की विशेषता :- उपजाऊ, चि‍कनी, नम, भुरभुरी, काली, रेतीली

उत्तर :-

पेड़ की विशेषता :- मजबूत, ऊँचा, हरा-भरा, घना, छायादार, फलदार, लंबा।

सर्दी :- ठंडी, ठिठुरन, शीतल, बर्फीली, कड़ाके की, सुहानी।

सूर्य :- प्रकाशमान, उज्ज्वल, तेज, गर्म, चमकीला, सुनहरी, प्रचंड, लाल, पीला।

पाठ से आगे

मेरे प्रिय
नीचे दी गई तालिका से प्रत्‍येक के लिए अपनी पसंद के तीन-तीन नाम लिखिए—

उत्तर :- छात्र अपनी पसंद के नाम लिख सकते हैं।

फूल  पक्षी  वृक्ष  पुस्तक  खेल
गुलाब मोर पीपल मल्हार क्रिकेट
कमल कोयल आम गणित प्रकाश फुटबॉल
गेंदा चिड़िया अमरूद अकबर-बीरबल की कहानियाँ खो-खो

आज की पहेली

इस शब्द सीढ़ी में पाठ में आए शब्द हैं। उन्हें पूरा कीजिए और पाठ में रेखांकित कीजिए—

उत्तर :- 

रा
मा
ता
ल्‍ल
सं
ना
बू
था

खोजबीन के लिए

इंटरनेट कड़ियों का प्रयोग करके आप जगदीशचंद्र बसु के बारे में और जान-समझ सकते हैं—
• जगदीशचंद्र बसु
• जगदीशचंद्र बसु— एक विलक्षण और संवेदनशील वैज्ञानिक

उत्तर :- छात्र इंटरनेट और अपने अध्यापकों की मदद से जगदीशचंद्र बसु के बारे में जानकारी प्राप्त करें।

किसी अन्य पाठ के प्रश्नोत्तर के लिए नीचे देखें

पुस्तक : मल्हार

पाठ 1 : मातृभूमि (कविता)
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पाठ 4 : हार की जीत (कहानी)
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पाठ 7 : जलाते चलो (कविता)
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पाठ 11 : चेतक की वीरता (कविता)
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पाठ 13 : पेड़ की बात (निबंध)
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