पाठ से
आइए, अब हम इस पाठ को थोड़ा और निकटता से समझ लेते हैं। आगे दी गई गतिविधियाँ इस कार्य में आपकी सहायता करेंगी।
मेरी समझ से
(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (*) बनाइए—
(1) माँ एलेसेंड्रा के बारे में कौन-सा कथन सत्य है?
- वे असम के जीवन के बारे में बहुत-कुछ जानती थीं।
- उन्हें असम, बिहू और सत्रिया नृत्य से बहुत प्रेम था।
- उन्होंने एंजेला को कुछ असमिया शब्द भी सिखाए।
- वे अपने कार्य में सहायता के लिए बेटी को लाई थीं।
उत्तर :- वे असम के जीवन के बारे में बहुत-कुछ जानती थीं।
(2) “अनु और एंजेला ने तुरंत एक-दूसरे की तरफ़ देखा।” क्यों?
- अनु के पास खिलौने थे।
- दोनों की आयु एक समान थी।
- दोनों को अँग्रेजी भाषा आती थी।
- एंजेला अनु से असमिया भाषा सीखना चाहती थी।
उत्तर :– दोनों की आयु एक समान थी।
(ख) अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर :- अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए।
मिलकर करें मिलान
पाठ में से कुछ शब्द चुनकर स्तंभ 1 में दिए गए हैं। उनसे संबंधित वाक्य स्तंभ 2 में दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और रेखा खींचकर शब्दों का मिलान उपयुक्त वाक्यांशों से कीजिए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।
| स्तंभ 1 | स्तंभ 2 |
| 1. सत्र | 6. ये असम के मठ हैं। इनकी संख्या पाँच सौ से भी ज्यादा है। ये पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों के स्थान हैं। सत्रिया नृत्य की उत्पत्ति इन्ही सत्रों में हुई है। |
| 2. बोहाग बिहू | 4. असम में मनाया जाने वाला एक त्योहार। यह असम में नए साल की शुरुआत और बसंत के आगमन का प्रतीक है। |
| 3. लंदन | 2. ‘यूनाइटेड किंगडम’ और ‘इंग्लैंड ’ की राजधानी। |
| 4. गुवाहाटी | 5. भारत के असम राज्य का एक प्राचीन और सबसे बड़ा नगर है। |
| 5. ब्रिटिश अकादमी | 3. ‘यूनाइटेड किंगडम’ देश की एक सरकारी संस्था । |
| 6. बीसवीं शताब्दी | 1. ग्रेगरी कैलेंडर के अनुसार 1 जनवरी 1901 से 31 दि संबर 2000 तक का समय। |
पंक्तियों पर चर्चा
पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपनी कक्षा में साझा कीजिए और लिखिए।
(क) “असम, भारत के पूर्वोतर क्षेत्र में है, जिसे अपने वन्य-जीवन, रेशम और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। इसके साथ असम में नृत्य की भी एक समृद्ध परंपरा है।”
उत्तर :- भारत के पूर्वोतर क्षेत्र में स्थित सात राज्यों में से असम भी एक महत्वपूर्ण राज्य है। इसकी अनेक विशेषताएँ है जैसे – यहाँ विविध प्रकार के वन्य जीव पाए जाते हैं, रेशम और चाय की खेती की जाती है और शास्त्रीय नृत्य सत्त्रिया व कई लोक नृत्य जैसे बिहू, बागुरुंबा, भोरताल, और ओजापाली आदि यहाँ की परंपरा के अभिन्न अंग हैं।
(ख) “पूरी दुनिया की संस्कृतियों में लोग नृत्य और संगीत से अपनी भावनाओ को व्यक्त करते हैं।”
उत्तर :- यह वाक्य बताता है कि नृत्य और संगीत दुनिया की सभी संस्कृतियों में भावनाओं को व्यक्त करने का एक सार्वभौमिक तरीका है। प्रत्येक संस्कृति में नृत्य और संगीत के अपने विशेष रूप होते हैं, जो उनके जीवन जीने के तरीके और परंपराओं से गहराई से जुड़े होते हैं। नृत्य और संगीत सिर्फ मनोरंजन के साधन नहीं हैं, बल्कि लोगों की खुशी, दुख, प्रेम, क्रोध और अन्य भावनाओं को व्यक्त करने के माध्यम भी हैं।
सोच-विचार के लिए
निबंध को एक बार फिर से पढ़िए और निम्नलिखित के बारे में पता लगाकर अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए—
(क) “एंजेला के मन में कई तरह के विचार चल रहे थे।” उसके मन में कौन-कौन से विचार चल रहे होंगे?
उत्तर :- एंजेला की माँ ने जब पूछा कि उसे बिहू कैसा लगा? तो उस समय एंजेला के मन में कई विचार चल रहे थे। हमारे अनुमान के अनुसार वह सोच रही होगी कि वह इन सारी बातों को अपने स्कूल के मित्रों से साझा करूंगी। वह बिहू नृत्य में स्त्रियॉं कि भागीदारी के बारे में भी सोच रही होगी। वह माँ के काम पर भी गर्व महसूस कर रही होगी।
(ख) “बिहू एक कृषि आधारित त्योहार है।” कैसे?
उत्तर :- बिहू असम का एक कृषि-आधारित त्योहार है क्योंकि यह कृषि चक्र के तीन प्रमुख चरणों में मनाया जाता है। बीज बोने के समय (बोहाग बिहू), धान रोपने और बढ़ते मौसम के दौरान (काटी बिहू), और फसल पकने व कटाई के समय (माघ बिहू)। यह त्योहार किसानों की मेहनत और ईश्वर को धन्यवाद देने, कृषि समृद्धि और नव वर्ष के आगमन का प्रतीक है।
(ग) ऐसा लगता है कि भारत से जाने के बाद भी एंजेला के मन में असम ही छाया हुआ था। पाठ से इस कथन के समर्थन के लिए कुछ उदाहरण खोजकर लिखिए।
उत्तर :- भारत से जाने के बाद भी एंजेला के मन में असम के छाये रहने के कुछ उदाहरण हैं:
- लंदन वापस लौटने के बाद एंजेला का अपनी माँ के रिकॉर्ड किए गए असम के वीडियो देखना,
- अपने स्कूल में रंग-बिरंगे सत्रिया और बिहू नृत्यों का प्रदर्शन करना,
- इस बात से खुश होना कि उसने अपने सहपाठियों व शिक्षकों को असम की संस्कृति से परिचित करवाया।
(घ) समय के बदलने के साथ-साथ सत्रिया नृत्य की परंपरा में क्या बदलाव आया है?
उत्तर :- समय के साथ सत्रिया नृत्य में हुए मुख्य बदलाव निम्न प्रकार हैं-
- पहले जहां यह नृत्य केवल पुरुष मठों (सत्रों) के भीतर करते थे, अब महिला कलाकार भी इसमें सक्रिय रूप से शामिल हो गई हैं।
- सत्रिया नृत्य अब केवल मठों तक ही सीमित नहीं है. यह मंचों पर एक प्रदर्शन कला के रूप में प्रस्तुत किया जाने वाला एक शास्त्रीय नृत्य बन गया है।
- सत्रिया नृत्य अब असम की सीमाओं से बाहर निकलकर देश और दुनिया के मंचों पर अपना स्थान बना रहा है।
- 2000 में संगीत नाटक अकादमी ने सत्रिया नृत्य को भारत के शास्त्रीय नृत्यों में शामिल किया, जिससे इस नृत्य की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी।
इन वाक्यों में बिहू और असम का ऐसा रोचक और सरस वर्णन किया गया है कि लगता है मानो हम कोई कहानी पढ़ रहे हैं।
इस निबंध में वस्तु, घटना, प्रदेश आदि का वर्णन किया गया है। इसमें जो कुछ भी स्वयं देखा गया है, उसका वर्णन किया गया है। इस प्रकार के निबंधों में घटनाओ का एक क्रम होता है। इनमें आम जीवन की बातें होती हैं। इनकी भाषा सरल होती है। उदाहरण के लिए होली, दीपावली आदि के बारे में बताना।
इस पाठ को एक बार फिर से पढ़िए और इसकी बनावट पर ध्यान दीजिए। इस पाठ की विशेषताएँ पहचानिए और अपनी कक्षा में साझा कीजिए और लिखिए, जैसे इस पाठ में लंदन से यात्रा शुरू करने से लेकर वापस लंदन पहुँचने तक के अनुभवों का वर्णन किया गया है।
उत्तर :- इस पाठ में लेखिका ने जो कुछ स्वयं देखा और अनुभव किया है, उसका वर्णन किया गया है, जैसे लंदन से अपनी यात्रा का विवरण। लेखिका के द्वारा घटनाओं को एक तार्किक क्रम में प्रस्तुत किया गया है जिससे पाठक एक कहानी की तरह प्रवाह महसूस कर सकते हैं। इस पाठ की भाषा सरल और आम बोलचाल की है। इस निबंध में आम जीवन से जुड़ी बातें और अनुभव शामिल हैं, जैसे त्योहारों के बारे में जानना । बिहू और असम का वर्णन इतना आकर्षक है कि पाठक को यह किसी कहानी की तरह लगता है।
अनुमान या कल्पना से
अपनी कक्षा में चर्चा कीजिए—
(क) “बिहू नृत्य और इसके उत्सव से अचंभित एंजेला और उसके परिवार ने इसके साथ-साथ लजीज पकवानों का पूरा आनंद लिया।”
एंजेला और उसका परिवार बिहू नृत्य और उसके उत्सव को देखकर अचंभित क्यों हो गया?
उत्तर :- एंजेला और उसके परिवार ने बिहू नृत्य को जीवंत और उत्साहपूर्ण पाया जिससे वे पारंपरिक उत्सव के उत्सव को देखकर अचंभित हो गए। इसके अलावा, उत्सव के दौरान पकाए जाने वाले लजीज पकवानों का स्वाद भी उन्हें बहुत पसंद आया, जिससे उनका अनुभव आनंदमय हो गया। वे बिहू नृत्य के उत्साहपूर्ण और रंगीन माहौल, पारंपरिक पोशाकों, अनोखी नृत्य शैली, फुर्तीले कदमों और हाथों की तीव्र गति को देखकर अचंभित हो गए।
(ख) “जब तक एंजेला कुछ समझ पाती, तब तक वह लंदन से नई दिल्ली होते हुए गुवाहाटी की उड़ान पर थी।”
एंजेला और उसकी माँ एलेसेंड्रा ने भारत की यात्रा से पहले कौन-कौन सी तैयारियाँ की होंगी?
उत्तर :- एंजेला और उसकी माँ एलेसेंड्रा ने भारत यात्रा के लिए निम्न यारियाँ की होंगी।
- पासपोर्ट और वीजा की व्यवस्था की होगी,
- खर्चे की व्यवस्था की होगी,
- एलेसेंड्रा ने डॉक्यूमेंट्री के लिए पैकिंग की होगी, जैसे कि कैमरे, रिकॉर्डिंग उपकरण, और भारत के रीति-रिवाजों की जानकारी।
(ग) “वहाँ एक बड़े से बरगद के पेड़ के नीचे मंच बनाया गया था।”
बिहू नृत्य के लिए बरगद के पेड़ के नीचे मंच क्यों बनाया गया होगा?
उत्तर :- बिहू नृत्य के लिए बरगद के पेड़ के नीचे मंच बनाने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे
- छाया प्रदान करना,
- प्राकृतिक व सांस्कृतिक वातावरण बनाना,
- सामुदायिक सभा के लिए प्राकृतिक स्थान होना, तथा
- बरगद के पेड़ के धार्मिक महत्व के कारण उत्सव के वातावरण को और खास बनाना।
शब्दों की बात
नीचे शब्दों से जुड़ी कुछ गतिविधियाँ दी गई हैं। इन्हें करने के लिए आप शब्दकोश, अपने शिक्षकों और मित्रों की सहायता भी ले सकते हैं।
असम से जुड़े शब्द
इस पाठ में अनेक शब्द ऐसे हैं जो असम से विशेष रूप से जुड़े हैं। अपने समूह में मिलकर उन शब्दों की पहचान कीजिए। इसके बाद उन्हें नीचे दिए गए स्थान पर लिखिए—
(संकेत— असम के नृत्य, त्योहार, भाषा आदि ।)
उत्तर :-
असम के नृत्य – बीहू, भोरताल, बागुरुम्बा, ओजापाली आदि।
असम के त्योहार – बिहू, बैशागू, अली-ऐ-लिगांग, बाईखो, रोंगकर आदि।
असम की भाषा – असमिया
असम की पोशाक – महिलाओं के लिए मेखला चादर, पुरुषों के लिए धोती या सूरिया
असम की नदियाँ – ब्रह्मपुत्र, बराक, सुबनसिरी, धनसिरी, जिया भोरेली, कोपिली, मानस, दिकोव, और तोर्सा
असम की राजधानी – दिसपुर
तीन बिहू
“असम में बिहू साल में तीन बार मनाया जाता है।”
| रोंगाली या बोहाग (बैसाख, सामान्य तया अप्रैल में) |
भोगाली या माघ (माघ, सामान्य तया जनवरी में) |
कोंगाली या काटी (कार्तिक, सामान्य तया अक्तूबर में) |
(क) एंजेला और उसकी माँ एलेसेंड्रा कौन-से बिहू के अवसर पर भारत आए थे? लिखिए।
उत्तर :- एंजेला और उसकी माँ एलेसेंड्रा रोंगाली या बोहाग बिहू के अवसर पर भारत आए थे। यह अप्रैल के महीने या बैसाख में मनाया जाता है। इस महीने में किसान बीज बोते हैं।
(ख) तीनों बिहू के लिए लिखिए कि उस समय किसान खेतों में क्या कर रहे होते हैं?
उत्तर :- तीनों बिहू के दौरान किसान खेतों में निम्न प्रकार से खेती करते है –
- रंगाली बिहू (बोहाग बिहू) – किसान बुवाई करते हैं।
- कोंगाली बिहू (काटी बिहू) – किसान खेत की देखभाल करते हैं और पके धान की पूजा करते हैं।
- भोगाली बिहू (माघ बिहू) – किसान फसल कटाई के बाद खेतों को साफ करते हैं और अगली फसल की तैयारी करते हैं।
पाठ से आगे
आपकी बात
अपने समूह में चर्चा कीजिए—
(क) “रीना आंटी की एक बिटिया थी— अनु”
‘बिटिया’ का अर्थ है ‘बेटी’। बेटी को प्यार से बुलाने के लिए और स्नेह जताने के लिए ‘बिटिया’ शब्द का प्रयोग भी किया जाता है। ‘बिटिया’ जैसा ही एक अन्य शब्द ‘बिट्टो ’ भी है।
आपके घर में आपको प्यार से किन-किन नामों से पुकारा जाता है?
उत्तर :- छात्र अपना घर पर पुकारे जाने वाले नाम के बारे में स्वयं बताएँ। जिसे अँग्रेजी भाषा में ‘निक नेम’ कहा जाता है।
(ख) आपके नाम का क्या अर्थ है? आपका नाम किसने रखा? पता करके बताइए।
उत्तर :- छात्र अपने अभिभावकों या अध्यापकों की मदद से इस प्रश्न का हल खोजें।
(ग) “वे एक साथ खेल रहे थे”
आप कौन-कौन से खेल अपने मित्रों के साथ मिलकर खेलते हैं? बताइए।
उत्तर :- हम अपने मित्रों के साथ निम्न खेल खेलते हैं
क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, खो-खो, कबड्डी, लुका-छिपी, पिट्ठू, कैरम आदि खेलते हैं।
(घ) “असम में नृत्य की भी एक समृद्ध परंपरा है।”
आपने इस पाठ में बिहू और सत्रिया नृत्यों के बारे में तो पढ़ा है। आपके प्रांत में कौन-कौन से नृत्य प्रसिद्ध हैं? आपको कौन-सा नृत्य करना पसंद हैं?
उत्तर :- आप जिस क्षेत्र में रहते हैं वहाँ के नृत्यों के बारे में पता करके लिखें।
पूर्वोत्तर की यात्रा
असम भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित है। असम के अतिरिक्त पूर्वोत्तर भारत में सात अन्य राज्य भी हैं। आपको अवसर मिले तो इनमें से किसी राज्य की यात्रा कीजिए। आठ राज्यों के नाम हैं— अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड, मणिपुर और असम।
उत्तर :- अपने माता-पिता या अभिभावकों के साथ यात्रा की तैयारी कर सकते हैं।
टाइम मशीन
“उसे ऐसा लग रहा था, जैसे वह आश्चर्यजनक रूप से किसी टाइम-मशीन में आकर बैठ गई हो!” क्या आपने पहले कभी ‘टाइम-मशीन’ का नाम सुना है? टाइम-मशीन ऐसी काल्पनिक मशीन है, जिसमें बैठकर बीते हुए या आने वाले समय की दुनिया में पहुँचा जा सकता है। ‘टाइम-मशीन’ को अभी तक बनाया नहीं जा सका है। लेकिन अनेक लेखकों ने ‘टाइम-मशीन’ के बारे में कहानियाँ
लिखी हैं, अनेक फि़ल्मकारों ने इसके बारे में फि़ल्में बनाई हैं।
(क) यदि आपको टाइम-मशीन मिल जाए तो आप उसमें बैठकर कौन-से समय में और कौन-से स्थान पर जाना चाहेंगे? क्यों?
उत्तर :- यदि हमें टाइम-मशीन मिल जाए तो हम उसमें बैठकर श्रीराम के समय की अयोध्या नगरी देखने जाना चाहेंगे।
(ख) आपको यदि कोई ऐसी वस्तु बनाने का अवसर मिले जो अभी तक नहीं बनाई गई है तो आप क्या बनाएँगे? क्यों बनाएँगे?
उत्तर :- हम चौबीस घंटे ऑक्सीज़न देने वाले और घर में रखे जाने वाले पौधों को बनाना चाहेंगे क्योंकि करोना के समय में कई लोगों को ऑक्सीज़न की कमी से अपनी जान गवानी पड़ी थी।
(ग) क्या आपने कभी किसी संग्रहालय की यात्रा की है? संग्रहालय ऐसा स्थान होता है जहाँ विभिन्न कालों की प्राचीन वस्तुएँ देखने को मिलती हैं। कभी-कभी संग्रहालय की यात्रा भी ‘टाइम-मशीन’ की यात्रा जैसी लगती है।
अवसर मिले तो आप भी किसी संग्रहालय की यात्रा अवश्य कीजिए और उसके बारे में कक्षा में बताइए।
उत्तर :- आप अपने शहर या राज्य के किसी संग्रहालय की यात्रा करें और अपने मित्रों को बताएँ।
खिलौने विभिन्न प्रकार के
“एंजेला को अनु के खिलौने बहुत अच्छे लगे, जो थोड़े अलग तरह के थे।”
(क) अनु के खिलौने कैसे थे? लंदन में एंजेला के खिलौने कैसे रहे होंगे?
उत्तर :- अनु के खिलौने लकड़ी, गुड़ियों और नारियल की जटा से बने थे, जबकि लंदन में एंजेला के पास वीडियो गेम्स और इलेक्ट्रिक कार जैसे आधुनिक खिलौने रहे होंगे।
(ख) आप घर पर कौन-कौन से खिलौनों से खलेते रहे हैं? उनके नाम बताइए।
उत्तर :- छात्र अपने खिलौनों के नाम लिखें।
(ग) भारत के प्रत्येक प्रांत में हाथ से बच्चों के अनोखे खिलौने बनाए जाते हैं। आपके यहाँ बच्चों के लिए हाथ से बने कौन-कौन से खिलौने मिलते हैं?
उत्तर :- लकड़ी की गाड़ी, कपड़े की बॉल, कपड़े की गुड़िया, कागज के जहाज, नाव आदि।
(घ) भारत के बच्चे स्वयं भी अपने लिए अनोखे खिलौने बना लेते हैं। आप भी तो कागज़, मिट्टी आदि से कोई न कोई खिलौना बनाना जानते होंगे? आप अपने हाथों से बनाए किसी खिलौने को कक्षा में लाकर दिखाइए और उसे बनाने का तरीका सबको सिखाइए।
उत्तर :- छात्र अपने हाथ से बना कोई एक खिलौना अपनी कक्षा के छात्रों को दिखाएँ और उनको भी बनाना सिखाएँ।
पत्र
(क) मान लीजिए आप एंजेला हैं आप लंदन लौट चुकी हैं और आपको भारत की बहुत याद आ रही है अपनी सखी अनु को पत्र लिखकर बताइए कि आपको कैसा अनुभव हो रहा है।
उत्तर :-
प्रिय अनु, नमस्ते!
आशा है तुम सब कुशल से होगे। मैं लंदन लौट आई हूँ, लेकिन यहाँ की शीतल हवा और तेज ज़िंदगी के बीच मुझे भारत की बहुत याद आ रही है। मैं तुम्हारे साथ बिताए पलों को याद कर रही हूँ। मुझे तुम्हारे साथ बिताए वो दिन बहुत याद आते हैं, जब हम साथ में खेलते थे, त्योहार मनाते थे और असम के लोकनृत्य का आनंद लेते थे। लंदन की दिनचर्या बिल्कुल अलग है। अगर तुम्हें कभी लंदन आने का अवसर मिले, तो ज़रूर आना। मैं तुम्हें यहाँ बहुत कुछ दिखाना चाहती हूँ और यह भी बताना चाहती हूँ कि मुझे असम की और तुम्हारे साथ बिताए पलों की कितनी याद आती है।
अपनी बेटी को मेरा प्यार देना
तुम्हारी सखी,
एंजेला
(ख) आप जानते होंगे कि पत्र लिखने के लिए आवश्यक सामग्री, जैसे – पोस्टकार्ड, अंतेर्देशीय लिफ़ाफे आदि डाकघर से खरीदे जा सकते हैं सभंव हो तो आप भी अपने घर के पास के डाकघर में जाइए और एक पोस्टकार्ड खरीदकर पत्र लिखने के लिए उसका उपयोग कीजिए।
उत्तर :- छात्र पुस्तक में दिए निर्देश के अनुसार पोस्टकार्ड पर पत्र लिखें।
(ग) क्या आपने कभी डाक-टिकट देखा है? संसार के सभी देश डाक-टिकट जारी करते हैं। भारत का डाक-विभाग भी समय-समय पर डाक-टिकट जारी करता है। डाक-टिकट किसी देश की संस्कृति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध कराते हैं। इसलिए अनेक लोग देश-विदेश के डाक-टिकटों को एकत्रित करना पसंद करते हैं।
नीचे भारत के विभिन्न लेखकों के सम्मान में जारी किए गए कुछ डाक-टिकटों के चित्र दिए गए हैं। इन्हें ध्यान से देखिए—
उत्तर :- छात्र पुस्तक में दिए गए डाक टिकटों को देखें और उनपर लिखे नाम और संदेश को पढ़ें।
(क) आपको इनमें से कौन-सा डाक-टिकट सबसे अच्छा लगा और क्यों?
उत्तर :- हमें इनमें से कबीर का चित्र वाला डाक टिकट अच्छा लगा, क्योंकि कबीर के दोहे हमें बहुत अच्छे लगते है।
(ख) डाक-टिकटों पर लेखकों के बारे में कौन-कौन सी जानकारी दी गई है?
उत्तर :- डाक टिकटों पर लेखकों का नाम और जन्म व देहांत होने का वर्ष दिया हुआ है।
आज की पहेली
आज हम आपके लिए लाए हैं कुछ असमिया पहेलियाँ। हो सकता है इनमें से कुछ पहेलियों को पढ़कर आपको लगे, अरे! ये पहेली तो मेरे घर पर भी बूझी जाती है! तो कुछ पहेलियाँ आप पहली बार बूझेंगे। तो आइए, आनंद लेते हैं इन रंग-बिरंगी पहेलियों का—
उत्तर :-
| क्रम संख्या | असमिया पहेली | हिन्दी पहेली | संकेत |
| 1. | हातीर दाँत, कदमर पात | हाथी के दाँत-सी, कदंब के पात-सी। | मूली |
| 2. | पानी आसे मास नाइ, हाबि आसे बाघ नाइ |
पानी है पर मछली नहीं, जंगल है पर बाघ नहीं | नारियल |
| 3. | आई बुलि ले नेलागे, बोपाइ बुलि ले लागे |
लग-लग कहे तो ना लगे, बेलग कहे लग जाए |
हौंठ |
| 4.
|
सय चरण कृष्ण वरण, पेट काटि लेउ नाई मरण |
काला तन और छह हैं चरण, पेट कटे पर भी न मरण |
चींटा |
झरोखे से
“असम, भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में है, जिसे अपने वन्य-जीवन, रेशम और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है।”
आपने पढ़ा है कि असम का रेशम (जिसे मूँगा सिल्क भी कहा जाता है) बहुत प्रसिद्ध है क्या आप जानना चाहते हैं, यह क्या है, कैसे बनता है और क्यों प्रसिद्ध है? हाँ? तो पढ़िए आगे—
असम का सुप्रसिद्ध मूँगा सिल्क
कुछ वर्ष पूर्व मेरी नियक्तिु गुवाहाटी हवाई अड्डे पर हुई थी। वहाँ पर प्रायः मैं महिलाओं को एक विशेष प्रकार की आकर्षक साड़ी पहने देखता था। यह साड़ी सदैव भूरे-सुनहरे रंग की झिलमिली- सी होती थी। उस पर अधिकतर पारंपरिक ढंग से लाल या काली बार्डर तथा हरे, लाल अथवा पीले रंग से बूटों आदि की कढ़ाई रहती थी। कुछ समय पश्चा त जब मैं असम के एक विवाह समारोह में गया, तो वहाँ भी अधिकतर महिलाएँ उसी प्रकार की अन्य चमकीली-भूरी-सुनहरी साड़ियाँ पहन कर आई थीं। अनेक पुरुषों ने भी उसी प्रकार के भूरे-सुनहरे रंग के कुर्ते पहने हुए थे। बस केवल रंगों में हल्के या गहरे का अंतर था। मैंने अपने एक असमी मित्र से पूछा कि यह कैसा भूरा-चमकीला कपड़ा है।
मित्र ने बताया कि यह भूरा नहीं बल्कि सनुहरा है । यह असम का सुप्रसिद्ध मूँगा सिल्क है जो सभी प्रकार के रेशमों में सबसे महँगा होता है । मूँगा का असमिया भाषा में अर्थ है पीला या गहरा भूरा । और इसकी सबसे बड़ी विशषेता है कि सम्पूर्ण विश्व में यह केवल असम तथा दशे के पूर्वोत्तर राज्यों में ही तैयार होता है । यह असम को प्रकृति द्वारा दिया गया अनमोल और अद्वितीय उपहार है ।
मित्र ने यह भी बताया कि मूँगा सिल्क की साड़ियों की एक खूबी यह है कि अन्य रेशमी कपड़ों के विपरीत इनको ‘ड्राई क्लीन’ कराने की आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि उन्हें घर पर ही धोया जा सकता है। हर धुलाई के बाद इनका निखार बढ़ता ही जाता है। एक साड़ी औसतन 50 वर्ष तक खराब नहीं होती है। ऐसा माना जाता है कि मूँगा रेशम सभी प्रकार के प्राकृतिक रूप से तैयार किए जाने वाले कपड़ों में सबसे मज़बतू होता है। इसके अलावा इसे गर्मी या सर्दी कि सी भी मौसम में पहना जा सकता है। असम के लोगों का मानना है कि मूँगा सिल्क के कपड़ोंमें अनेक औषधीय गुण भी होते हैं ।
बिमल श्रीवास्तव, स्रोत पत्रिका अप्रैल 2008
साझी समझ
आपको इस लेख में दी गई कौन-सी जानकारी सबसे अच्छी लगी? क्यों? अपने समूह में बताइए।
उत्तर :- हमें ये जानकार अच्छा लगा कि मूँगा सिल्क के कपड़ों को ‘ड्राई क्लीन’ करवाने की जरूरत नहीं होती।
खोजबीन के लिए
असम सहित पूर्वोत्तर भारत के बारे में आप और जान सकते हैं और भारत के पारंपरिक लोक संगीत का आनंद भी ले सकते है,जिन्हे इंटरनेट कड़ियों तथा क्यू.आर. कोड की सहायता से पढ़ें, देखें व समझें—
उत्तर :-
• असम-बिहू लोकगीत – असम के बिहू लोकगीत को बिहू लोकनृत्य के साथ गाया जाता है। यह असमिया नव वर्ष और रोंगाली बिहू उत्सव से जुड़ा है। यह लोकगीत किसानों के जीवन, प्रेम और असम की प्राकृतिक सुंदरता को दर्शाता है।
• सत्रिया नृत्य – सत्रिया नृत्य ‘सत्रों’ नामक असम के वैष्णव मठों में शुरू हुआ था, जो धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बने। यह नृत्य राधा-कृष्ण और विष्णु के अन्य अवतारों जैसे राम की कहानियों पर आधारित होता है।
• मणिपुरी नृत्य – यह नृत्य भारत की प्रमुख शास्त्रीय नृत्य शैली है जो पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर से शुरू हुई है। यह प्रमुख रूप से हिंदू वैष्णव प्रसंगों, राधा और कृष्ण के प्रेम पर आधारित है।
• भारत के लोकनृत्य – भारत में अनेक लोक नृत्य हैं, जो प्रत्येक राज्य और समुदाय की सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान को दर्शाते हैं। कुछ लोकप्रिय लोक नृत्यों में पंजाब का भांगड़ा, गुजरात का गरबा, राजस्थान का घूमर, असम का बिहू, और महाराष्ट्र का लावणी शामिल हैं।
• पूर्वोत्तर राज्यों के लोकनृत्य – पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ प्रमुख लोक नृत्यों में निम्न प्रमुख हैं जो विभिन्न अवसरों, ऋतुओं और संस्कृति का उत्सव मनाते हैं-
- असम का बिहू और बागुरुम्बा,
- मणिपुर का रास लीला और पुंग चोलोम,
- मिजोरम का चेराव (बाँस नृत्य),
- मेघालय का नोंगक्रेम और लाहो नृत्य,
- नागालैंड का चांग लो,
- सिक्किम का सिंघी छम (स्नो लायन नृत्य),
- अरुणाचल प्रदेश का अजी ल्हामू और बार्डो छम,
- त्रिपुरा का होजागिरी नृत्य शामिल हैं,
• भाषा संगम असमिया – भाषा संगम में असमिया एक भारतीय भाषा के तौर पर शामिल है, जिसे शिक्षा मंत्रालय के एक पहल के माध्यम से छात्रों को विभिन्न भारतीय भाषाओं से परिचित कराने के लिए सिखाया जाता है. भाषा संगम भारत की भाषाओं के बीच सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाकर और भाषाई बाधाओं को कम करके एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को बढ़ावा देता है.
• मुकोली बिहू – मुकोली बिहू असम का एक सांस्कृतिक उत्सव है, जिसका अर्थ है ‘खुले स्थान में बिहू’। यह एक ऐसा मंच है जहाँ युवा लड़के और लड़कियां खुले मैदानों में एक साथ नृत्य और गीत के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाते हैं।
किसी अन्य पाठ के प्रश्नोत्तर के लिए नीचे देखें
पुस्तक : मल्हार