अमेरिका की राजनीति एक संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य (Federal Democratic Republic) पर आधारित है, जहाँ संविधान सबसे सर्वोच्च है। अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता इसका शक्ति पृथक्करण का सिद्धांत (Separation of Powers) और द्विदलीय व्यवस्था (Two-Party System) है।
इसे विस्तार से समझने के लिए हमें इसके मुख्य अंगों और कार्यप्रणाली को देखना होगा:
1. सरकार के तीन मुख्य अंग (Three Branches of Government)
अमेरिकी संविधान के तहत सरकार की शक्तियों को तीन अलग-अलग भागों में बांटा गया है, ताकि कोई भी एक अंग बहुत अधिक शक्तिशाली न हो सके। इसे ‘चेक एंड बैलेंस’ (Checks and Balances) व्यवस्था कहते हैं:
• कार्यपालिका (Executive Branch): इसका नेतृत्व राष्ट्रपति करते हैं। राष्ट्रपति देश और सरकार दोनों का प्रमुख होता है। राष्ट्रपति का चुनाव हर 4 साल में होता है और एक व्यक्ति अधिकतम दो बार (8 वर्ष) ही राष्ट्रपति बन सकता है। सेना की कमान और कानूनों को लागू करने की जिम्मेदारी इसी शाखा की होती है।
• विधायिका (Legislative Branch): इसे कांग्रेस (Congress) कहा जाता है, जो कानून बनाने का काम करती है। इसके दो सदन होते हैं:
• सिनेट (Senate): यह उच्च सदन है। इसमें प्रत्येक अमेरिकी राज्य से 2 प्रतिनिधि होते हैं, यानी कुल 100 सदस्य। इनका कार्यकाल 6 वर्ष का होता है।
• हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (House of Representatives): यह निचला सदन है। इसमें राज्यों की जनसंख्या के आधार पर सीटें तय होती हैं। कुल 435 सदस्य होते हैं, जिनका कार्यकाल 2 वर्ष का होता है।
• न्यायपालिका (Judicial Branch): इसका सर्वोच्च रूप सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) है। इसमें 9 जज होते हैं, जिनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा जीवनभर के लिए की जाती है (बशर्ते सिनेट इसकी मंजूरी दे)। सुप्रीम कोर्ट संविधान की रक्षा करता है और कानूनों की व्याख्या करता है।
2. द्विदलीय व्यवस्था (Two-Party System)
अमेरिका में वैसे तो कई छोटे दल हैं, लेकिन मुख्य रूप से राजनीति दो बड़े राजनीतिक दलों के इर्द-गिर्द ही घूमती है:
• डेमोक्रेटिक पार्टी (Democratic Party): यह विचारधारा के स्तर पर ‘उदारवादी’ (Liberal) या वामपंथी-झुकाव वाली पार्टी मानी जाती है। यह सामाजिक समानता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं में सरकारी दखल और प्रवासियों के अधिकारों का समर्थन करती है। इनका चुनाव चिह्न गधा (Donkey) है।
• रिपब्लिकन पार्टी (Republican Party): इसे GOP (Grand Old Party) भी कहा जाता है। यह विचारधारा के स्तर पर ‘रूढ़िवादी’ (Conservative) या दक्षिणपंथी-झुकाव वाली पार्टी है। यह कम टैक्स, सीमित सरकारी हस्तक्षेप, मजबूत सेना, और पारंपरिक सामाजिक मूल्यों का समर्थन करती है। इनका चुनाव चिह्न हाथी (Elephant) है।
3. अनोखी चुनाव प्रणाली: इलेक्टोरल कॉलेज (Electoral College)
अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता के वोटों (Popular Vote) से नहीं होता, बल्कि इसके लिए इलेक्टोरल कॉलेज प्रणाली का उपयोग किया जाता है:
• प्रत्येक राज्य को उसकी जनसंख्या और कांग्रेस में सदस्यों की संख्या के आधार पर कुछ ‘इलेक्टर्स’ (Electors) दिए जाते हैं। कुल मिलाकर 538 इलेक्टोरल वोट होते हैं।
• राष्ट्रपति बनने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 270 इलेक्टोरल वोट जीतने होते हैं।
• अधिकांश राज्यों में ‘विजेता को सब कुछ’ (Winner-takes-all) का नियम लागू होता है। यानी अगर किसी राज्य में किसी उम्मीदवार को 51% वोट भी मिलते हैं, तो उस राज्य के सभी इलेक्टोरल वोट उसी उम्मीदवार को मिल जाते हैं।
4. संघवाद (Federalism)
अमेरिका में ‘दोहरी सरकार’ की व्यवस्था है। एक तरफ केंद्र (संघीय) सरकार है जिसके पास रक्षा, विदेश नीति और मुद्रा जैसे राष्ट्रीय विषय हैं। दूसरी तरफ, अमेरिका के 50 राज्यों की अपनी सरकारें हैं। राज्यों के पास कानून बनाने, पुलिस व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य के मामलों में बहुत अधिक स्वायत्तता (अधिकार) होती है। हर राज्य का अपना संविधान और अपना गवर्नर (मुख्यमंत्री की तरह) होता है।