रूसी क्रांति और समाजवादी विचारधारा

रूसी क्रांति विश्व इतिहास की एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटना थी, जिसने न केवल रूस में जारशाही का अंत किया, बल्कि साम्यवादी विचारधारा को एक नया आयाम दिया।

1. समाजवाद का वैचारिक विकास

  • प्रारंभिक समाजवाद: ‘समाजवाद’ शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग वेल्स निवासी राबर्ट ओवेन ने किया था, जिन्हें ‘आदर्शवादी समाजवाद’ का प्रवक्ता माना जाता है।

  • वैज्ञानिक समाजवाद: इसके संस्थापक जर्मनी के कार्ल मार्क्स थे। उनके आजीवन साथी फ्रेडरिक एंजेल्स थे। मार्क्स ने ‘दास कैपिटल’ और ‘कम्यूनिस्ट मैनीफेस्टो’ जैसी कालजयी पुस्तकें लिखीं और ‘दुनिया के मजदूरों, एक हो’ का नारा दिया।

  • अन्य विचारक:

    • सेंट साइमन: इन्हें फ्रांसीसी साम्यवाद का जनक माना जाता है।

    • जार्ज बर्नाड शॉ: इन्होंने ‘फेबियन सोशलिज्म’ का नेतृत्व किया। लंदन में फेबियन सोसायटी की स्थापना 1884 ई. में हुई थी।

    • प्लेखानोव: इन्हें रूसी साम्यवाद का जनक माना जाता है।

    • तुर्गनेव: इन्हें ‘शून्यवाद’ का जनक माना जाता है।

2. जारशाही का अंत

  • जार: रूस के शासकों को ‘जार’ कहा जाता था। रूस में सबसे अधिक जनसंख्या ‘स्लाव’ लोगों की थी।

  • प्रमुख जार:

    • अलेक्जेंडर द्वितीय: इन्हें ‘जार मुक्तिदाता’ कहा जाता था, जिनकी हत्या बम विस्फोट में हुई थी।

    • जार निकोलस द्वितीय: यह रूस का अंतिम जार शासक था। इसने ‘एक जार, एक चर्च और एक रूस’ का नारा दिया था। मार्च 1917 ई. में जारशाही व्यवस्था समाप्त हो गई।

3. रूसी क्रांति (1917)

  • तात्कालिक कारण: प्रथम विश्व युद्ध में रूस की करारी हार।

  • दलों का विभाजन: 1903 ई. में स्थापित ‘सोशल डेमोक्रेटिक दल’ दो गुटों में बंटा था:

    • वोल्शेविक (बहुसंख्यक): नेता लेनिन।

    • मेन्शेविक (अल्पसंख्यक)।

  • क्रांति का नेतृत्व: 7 नवंबर, 1917 की वोल्शेविक क्रांति का नेतृत्व लेनिन ने किया।

4. लेनिन का योगदान और सोवियत संघ

  • प्रमुख कार्य: लेनिन ने ‘चेका’ (गुप्त पुलिस संगठन) का गठन किया। 16 अप्रैल 1917 को उन्होंने ‘अप्रैल थीसिस’ प्रकाशित की। 1921 में उन्होंने रूस में ‘नई आर्थिक नीति’ (NEP) लागू की। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान उनका नारा था— ‘युद्ध का अंत करो’

  • अन्य नेता: ‘लाल सेना’ का गठन ट्राटस्की ने किया था। ट्राटस्की ‘स्थायी क्रांति’ के सिद्धांत के प्रवर्तक थे।

  • मृत्यु: लेनिन की मृत्यु 1924 ई. में हुई।

5. क्रांति के बाद का रूस

  • आधुनिक रूस के निर्माता: स्टालिन को आधुनिक रूस का निर्माता माना जाता है।

  • साहित्य और कला: इस काल में साहित्य का बड़ा प्रभाव रहा— लियो टॉलस्टाय ने ‘अन्ना कैरेनिना’ लिखी, मैक्सिम गोर्की ने ‘मदर’ की रचना की, और टॉमस पेन ने ‘राइट्स ऑफ मैन’ लिखी।

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