पृष्ठ तनाव (Surface Tension) और केशिकत्व (Capillarity)

1. आणविक आकर्षण बल

  • संसंजक बल (Cohesive Force): एक ही पदार्थ के अणुओं के मध्य लगने वाला आकर्षण बल। ठोसों में यह अत्यधिक होता है (निश्चित आकार हेतु), जबकि गैसों में नगण्य।
  • आसंजक बल (Adhesive Force): दो भिन्न पदार्थों के अणुओं के बीच लगने वाला आकर्षण बल। इसी के कारण एक वस्तु दूसरी वस्तु से चिपकती है।

2. पृष्ठ तनाव (Surface Tension)

द्रव के स्वतंत्र पृष्ठ में न्यूनतम क्षेत्रफल प्राप्त करने की प्रवृत्ति होती है, जिससे उसका पृष्ठ सदैव तनाव में रहता है। इसे ही पृष्ठ तनाव कहते हैं।

सूत्र: पृष्ठ तनाव (T) = बल (F) / लंबाई (l)
S.I. मात्रक: न्यूटन/मीटर (N/m) या जूल/मीटर2

पृष्ठ तनाव पर प्रभाव और उदाहरण:

  • ताप का प्रभाव: ताप बढ़ाने पर पृष्ठ तनाव कम हो जाता है। क्रांतिक ताप (Critical Temp) पर यह शून्य हो जाता है।
  • सफाई में उपयोग: साबुन/डिटर्जेंट जल का पृष्ठ तनाव कम कर देते हैं, जिससे वे मैल में गहराई तक जाकर सफाई करते हैं।
  • बुलबुले: साबुन के घोल के बुलबुले बड़े बनते हैं क्योंकि पृष्ठ तनाव कम हो जाता है।
  • मच्छर नियंत्रण: पानी पर मिट्टी का तेल छिड़कने से पृष्ठ तनाव कम हो जाता है, जिससे मच्छरों के लार्वा डूबकर मर जाते हैं।
  • स्वाद: गर्म सूप अधिक स्वादिष्ट लगता है क्योंकि गर्म द्रव का पृष्ठ तनाव कम होने से वह जीभ के सभी भागों में आसानी से फैल जाता है।

3. केशिकत्व (Capillarity)

केशिका नली (बहुत कम त्रिज्या वाली नली) में द्रव के ऊपर चढ़ने या नीचे दबने की घटना को केशिकत्व कहते हैं।

[Image of capillary action in water and mercury]

महत्वपूर्ण नियम:

  • जो द्रव काँच को भिंगोता है (जैसे पानी), वह नली में ऊपर चढ़ जाता है।
  • जो द्रव काँच को नहीं भिंगोता (जैसे पारा), वह नली में नीचे दब जाता है।
  • नली जितनी संकीर्ण (पतली) होगी, द्रव का चढ़ाव उतना ही अधिक होगा।

केशिकत्व के व्यावहारिक उदाहरण:

उदाहरण विवरण
ब्लॉटिंग पेपर स्याही को छिद्रों द्वारा केशिकत्व क्रिया से सोखना।
लालटेन/लैंप बत्ती में तेल का ऊपर चढ़ना।
पेड़-पौधे जड़ों से पत्तियों तक जल/लवण का पहुँचना।
कृषि जुताई करने से मिट्टी की केशनलियाँ टूट जाती हैं, जिससे नमी बनी रहती है।
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