1. प्रमुख नागरिक पुरस्कार

भारत रत्न

  • परिचय: यह कला, साहित्य, विज्ञान और जनसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है।

  • स्थापना: 1954 ई.।

  • विशेषता: मेडल पर सूर्य का चित्र अंकित होता है। यह 26 जनवरी को राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है।

  • इतिहास: 1977 में जनता पार्टी द्वारा इसे बंद कर दिया गया था, जिसे 1980 में कांग्रेस सरकार ने पुनः शुरू किया।

  • प्रमुख तथ्य:

    • 1980 में पुनः शुरू होने पर सर्वप्रथम मदर टेरेसा को मिला।

    • लाल बहादुर शास्त्री मरणोपरांत यह पुरस्कार पाने वाले पहले व्यक्ति थे।

    • डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन प्रथम भारत रत्न प्राप्तकर्ता थे।

पद्म पुरस्कार

भारत रत्न के बाद ये द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ सर्वोच्च सम्मान हैं:

  1. पद्म विभूषण: किसी भी क्षेत्र में असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए (दूसरा बड़ा पुरस्कार)।

  2. पद्म भूषण: विशिष्ट कार्य के लिए (तीसरा बड़ा पुरस्कार)।

  3. पद्म श्री: विशिष्ट कार्य के लिए (चौथा बड़ा पुरस्कार)।

2. प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पुरस्कार (क्षेत्र)

पुरस्कार क्षेत्र
दादा साहब फाल्के फिल्म (1969 से)
ज्ञानपीठ पुरस्कार साहित्य (1965 से)
सरस्वती सम्मान साहित्य (1991 से)
द्रोणाचार्य पुरस्कार खेल प्रशिक्षण
अर्जुन पुरस्कार खेल (1961 से)
राजीव गांधी खेल रत्न खेलों में सराहनीय प्रदर्शन (1992 से)
भटनागर पुरस्कार विज्ञान (1957 से)

3. वीरता पुरस्कार (सैनिकों के लिए)

  1. परमवीर चक्र: वीरता के लिए सर्वोच्च पदक (कांस्य का बना)।

  2. महावीर चक्र: दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार (चांदी का बना)।

  3. वीर चक्र: तृतीय श्रेणी का वीरता पुरस्कार (चांदी का बना)।

  4. अशोक चक्र: थल, जल और नभ में साहस या आत्म-बलिदान के लिए।

  5. जीवन रक्षा पदक: प्राण बचाने के साहसी कार्यों के लिए।

4. प्रमुख सम्मानों के प्राप्तकर्ता (झलक)

भारत रत्न (कुछ प्रमुख नाम)

  • 1954: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, सी. राजगोपालाचारी, सी.वी. रमन।

  • 1966: लाल बहादुर शास्त्री (मरणोपरांत)।

  • 1980: मदर टेरेसा।

  • 1990: डॉ. भीमराव अंबेडकर, नेल्सन मंडेला।

  • 2001: लता मंगेशकर, उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ।

ज्ञानपीठ पुरस्कार (शुरुआती क्रम)

  • 1965: जी. शंकर कुरुप (मलयालम) – ‘ऑडा कुजाई’।

  • 1966: ताराशंकर बंद्योपाध्याय (बंगला) – ‘गणदेवता’।

  • 1968: सुमित्रानंदन पंत (हिन्दी) – ‘चिदम्बरा’।

दादा साहब फाल्के पुरस्कार (प्रारंभिक विजेता)

  • 1969: देविका रानी रोरिक।

  • 1971: पृथ्वीराज कपूर (मरणोपरांत)।

  • 1984: सत्यजीत राय।

  • 1989: लता मंगेशकर।

भारत के प्रमुख खेल पुरस्कार

1. राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार

 

  • ‘राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार’ भारत में खेलों के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च खेल पुरस्कार है। इस पुरस्कार की शुरूआत वर्ष 1991-92 में की गई थी। यह पुरस्कार हर एक साल प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार भारत सरकार के ‘खेल और युवा मामलों के मंत्रालय’ द्वारा प्रदान किया जाता है। सबसे पहले यह पुरस्कार वर्ष 1991-92 में प्रसिद्ध शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद को दिया गया था
  • इस पुरस्कार का नामकरण भारत के पूर्व प्रधान मंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी के नाम पर किया गया है। इस पुरस्कार के लिए ऐसे खिलाड़ियों का चयन किया जाता है जिन्होंने पिछले 4 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट, असाधारण और शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। वर्तमान में इस पुरस्कार के अंतर्गत एक प्रमाण पत्र, एक पदक और 25 लाख रुपये की नकद राशि पुरस्कार के रूप में प्रदान की जाती है।
  •  अगस्त 2021 में भारत सरकार ने ‘राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार’ का नाम बदल कर ‘मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार’ कर दिया।
2. अर्जुन पुरस्कार

 

  • अर्जुन पुरस्कार भारत का दूसरा सबसे बड़ा खेल सम्मान है जो खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1961 में हुई थी। यह पुरस्कार युवा मामले और खेल मंत्रालय(भारत सरकार) की ओर से राष्ट्रपति द्वारा दिए जाते हैं
  • इनाम राशि व वस्तुएं: ₹15 लाख नकद, अर्जुन की कांस्य प्रतिमा, एक प्रशस्ति पत्र और औपचारिक पोशाक।
  • पात्रता मानदंड : लगातार चार वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार और उत्कृष्ट प्रदर्शन।
3. द्रोणाचार्य पुरस्कार

 

  • द्रोणाचार्य पुरस्कार 1985 में प्रारंभ किये गये थे। यह पुरस्कार खिलाड़ियों और टीमों को प्रशिक्षण प्रदान करने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जाने माने खेल प्रशिक्षकों को प्रदान किये जाते हैं।
  • द्रोणाचार्य पुरस्कार के अंतर्गत गुरु द्रोणाचार्य की प्रतिमा, प्रमाणपत्र, पारंपरिक पोशाक और पंद्रह लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है।
  • हर साल अधिकतम 5 प्रशिक्षकों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। वर्ष 1985 में पहला द्रोणाचार्य पुरस्कार कुश्ती कोच भालचंद्र भास्कर भागवत को दिया गया था। उनके साथ ओम प्रकाश भारद्वाज (मुक्केबाजी) और ओ. एम. नांबियार (एथलेटिक्स) भी पहले सम्मानित कोचों में शामिल थे।

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार

नया नाम: मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार (6 अगस्त 2021 को नाम बदला गया)।
आरम्भ वर्ष – 1991-92
प्रदानकर्ता: युवा मामले और खेल मंत्रालय, भारत सरकार।
पुरस्कार :

  • राशि  – ₹25 लाख

विशेष –

    • हर साल यह पुरस्कार 29 अगस्त को प्रदान किया जाता है क्योंकि 29 अगस्त का दिन भारत में ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
    •  इस पुरस्कार के लिए ऐसे खिलाड़ियों का चयन किया जाता है जिन्होंने पिछले 4 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट, असाधारण और शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
    • सर्वप्रथम विश्वनाथन आनन्द (शतरंज) को दिया गया।
    • निशानेबाज अभिनव बिंद्रा सबसे कम उम्र में यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने यह पुरस्कार सिर्फ 18 वर्ष की उम्र में प्राप्त किया था।

मौलाना अबुल कलाम आजाद ट्रॉफी

आरम्भ वर्ष – 1956-57
प्रदानकर्ता: युवा मामले और खेल मंत्रालय, भारत सरकार।
नकद पुरस्कार राशि  – प्रथम पुरस्कार ₹15 लाख, द्वितीय पुरस्कार  – 7.5 लाख, तृतीय पुरस्कार – 4.5 लाख।

विशेष –

  • यह एक ‘चल वैजयंती’ (रॉलिंग ट्रॉफी) है।
  • अंतर-विश्वविद्यालय टूर्नामेंट्स में सर्वश्रेष्ठ समग्र प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालय को दी जाती है।
  • विजेता को ट्रॉफी की प्रतिकृति (Replica) भी मिलती है।
  • प्रथम विजेता – बॉम्बे विश्वविद्यालय
  • अंतिम पुरस्कार 2024 सबसे हालिया विजेता – चंडीगढ़ विश्वविद्यालय

अर्जुन पुरस्कार

आरम्भ वर्ष –  1961
प्रदानकर्ता: युवा मामले और खेल मंत्रालय, भारत सरकार।
पुरस्कार –

  • नकद राशि: 15 लाख रुपये
  • प्रतिमा: महाभारत के पात्र अर्जुन की कांस्य प्रतिमा
  • प्रशस्ति पत्र: एक औपचारिक प्रमाण पत्र और औपचारिक पोशाक

विशेष –

    • अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पिछले 4 वर्षों और उस वर्ष में लगातार अच्छा प्रदर्शन।
    • खिलाड़ी में नेतृत्व, खेल भावना और अनुशासन होना चाहिए।
    • वर्ष 2001 से श्रेणियाँ: (i) ओलंपिक/एशियाई/राष्ट्रमंडल खेल/विश्व कप (ii) स्वदेशी खेल (iii) दिव्यांगों के खेल।
    • यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा खेल सम्मान है।

द्रोणाचार्य पुरस्कार

आरम्भ वर्ष –  1985
प्रदानकर्ता: युवा मामले और खेल मंत्रालय, भारत सरकार।
पुरस्कार –

  • नकद राशि: 10 लाख रूपये
  • प्रतिमा:गुरु द्रोणाचार्य की कांस्य प्रतिमा
  • प्रशस्ति पत्र: एक औपचारिक प्रमाण पत्र और औपचारिक पोशाक

विशेष –

  • यह विख्यात कोचों (प्रशिक्षकों) को दिया जाता है जिन्होंने खिलाड़ियों/टीमों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट परिणाम के लिए प्रशिक्षित किया हो।
  • प्रथम विजेता (1985): भालचंद्र भास्कर भागवत (कुश्ती), ओम प्रकाश भारद्वाज (मुक्केबाजी) और ओ.एम. नांबियार (एथलेटिक्स)।

ध्यानचंद पुरस्कार

आरम्भ वर्ष –  2002
प्रदानकर्ता: युवा मामले और खेल मंत्रालय, भारत सरकार।
पुरस्कार –

    • नकद राशि: 25 लाख रूपये
    • प्रतिमा:प्रतिमा
    • प्रशस्ति पत्र: एक औपचारिक प्रमाण पत्र और औपचारिक पोशाक

विशेष –

  • ऐसे खिलाड़ियों को जिन्होंने खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो और संन्यास लेने के बाद भी खेलों के प्रचार-प्रसार में योगदान जारी रखा हो।

Scroll to Top