बंगाल पर अंग्रेजों का अधिकार
मुगल राज के समय बंगाल सबसे धनवान और खुशहाल राज्य था। मुर्शीद कुली खाँ यहाँ का आजाद शासक था, लेकिन वह नियमित रूप से मुगल राजा को टैक्स (राजस्व) भेजता था। उसने अपनी राजधानी ढाका से हटाकर मुर्शिदाबाद बना ली थी। उसने खेती के लिए ठेका प्रथा (इजारेदारी) शुरू की और किसानों को एडवांस कर्ज (तकाबी ऋण) देने की व्यवस्था की। उसके बाद उसका दामाद शुजाउद्दीन शासक बना।
1740 ई० के गिरिया के युद्ध में सरफराज को मारकर अलीवर्दी खाँ बंगाल का नवाब बना। उसने मुगलों को टैक्स देना बंद कर दिया, जिसके कारण उसके समय में बंगाल इतना धनवान हो गया कि इसे ‘भारत का स्वर्ग’ कहा जाने लगा। उसके बाद उसका दामाद सिराजुद्दौला अगला नवाब बना।
- कालकोठरी की दुखद घटना (Black Hole Tragedy): यह घटना 20 जून 1756 की रात को हुई। जेड हॉलवेल के अनुसार, नवाब सिराजुद्दौला ने 146 अंग्रेजों को एक छोटी सी अंधेरी कोठरी में बंद कर दिया था, जिसमें से अगली सुबह केवल 23 लोग ही जिंदा बचे थे।
- प्लासी का युद्ध (23 जून 1757 ई०): यह लड़ाई अंग्रेज सेनापति रॉबर्ट क्लाइव और बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के बीच हुई। नवाब का सेनापति मीरजाफर धोखेबाज निकला, जिसकी वजह से नवाब हार गया। अंग्रेजों ने इसके बाद मीरजाफर को बंगाल की गद्दी पर बैठाया। इस युद्ध में मोहनलाल और मीर मदान नवाब के वफादार रहे और मीर मदान लड़ते हुए मारा गया।
- मीरकासिम और बक्सर का युद्ध: 1760 ई० में अंग्रेजों ने मीरजाफर को हटाकर उसके दामाद मीरकासिम को नवाब बनाया। मीरकासिम ने अपनी राजधानी मुर्शिदाबाद से मुंगेर (मुगदलपुर) बदल ली। बंगाल की राजधानियों का क्रम इस प्रकार रहा: ढाका → मुर्शिदाबाद → मुंगेर।
- बक्सर का युद्ध (1764 ई०): यह युद्ध अंग्रेजों और मीरकासिम, अवध के नवाब शुजाद्दौला तथा मुगल राजा शाहआलम द्वितीय की संयुक्त सेना के बीच हुआ। इसमें अंग्रेज सेनापति हेक्टर मुनरो था और अंग्रेज फिर से जीत गए। इसके बाद मीरजाफर को दोबारा नवाब बनाया गया, जिसकी 5 जनवरी 1765 को मृत्यु हो गई।
बंगाल के नवाबों की सूची
| नवाब का नाम | शासन काल |
|---|---|
| 1. मुर्शीद कुली खाँ | 1713 – 1727 ई० |
| 2. शुजाउद्दीन | 1727 – 1739 ई० |
| 3. सरफराज खाँ | 1739 – 1740 ई० |
| 4. अलीवर्दी खाँ | 1740 – 1756 ई० |
| 5. सिराजुद्दौला | 1756 – 1757 ई० |
| 6. मीर जाफर | 1757 – 1760 ई० |
| 7. मीर कासिम | 1760 – 1763 ई० |
| 8. मीर जाफर | 1763 – 1765 ई० |
| 9. निजाम-उद्दौला | 1765 – 1766 ई० |
| 10. शैफ-उद्दौला | 1766 – 1770 ई० |
| 11. मुबारक उद्दौला | 1770 – 1775 ई० |