सुविधा के लिए, इस लंबी सूची को 1. उत्तर भारत/हिमालय की नदियाँ और 2. प्रायद्वीपीय (दक्षिण) और मध्य भारत की नदियाँ में विभाजित किया गया है ताकि इसे पढ़ना और समझना आसान रहे:

1. उत्तर भारत और हिमालय की नदियाँ

नदी का नाम उद्गम स्थल संगम / मुहाना लंबाई (किमी) विशेष बातें / सहायक नदियाँ
सतलज मानसरोवर झील के समीप राकस ताल (4,555 मी.) चिनाब नदी

लगभग 1500

 

(भारत में 1050)

शिवालिक श्रेणी को काटती हुई पंजाब में प्रवेश। लुधियाना और फिरोजपुर इसके तट पर हैं।
सिन्धु तिब्बत में मानसरोवर झील के पास सानोख्याबाब हिमनद अरब सागर

2,880

 

(भारत में 1114)

सहायक नदियाँ: सतलज, चिनाब, रावी, व्यास तथा झेलम।
रावी काँगड़ा जिले में रोहतांग दर्रे के समीप चिनाब नदी 725 कुल्लू घाटी से बहती हुई धौलाधार पर्वत को पार कर पंजाब के मैदान में प्रवेश करती है।
व्यास रोहतांग दर्रे के समीप व्यास कुंड (4,330 मी.) हरिके (कपूरथला) के समीप सतलज नदी 470 कुल्लू घाटी से बहती हुई धौलाधार पर्वत को पार करती है।
झेलम बेरीनाग (कश्मीर) के समीप शेषनाग झील चिनाब नदी

724

 

(भारत में 400)

श्रीनगर में इस नदी पर शिकारा या बजरे चलाए जाते हैं।
गंगा गंगोत्री के पास गोमुख हिमानी (3,900 मी. से अधिक ऊँचाई) बंगाल की खाड़ी 2525* भागीरथी एवं अलकनंदा का सम्मिलित नाम। सहायक नदियाँ: यमुना, गण्डक, घाघरा, कोसी आदि।
यमुना बन्दरपूँछ के पश्चिमी ढाल पर स्थित यमुनोत्री हिमानी (6,316 मी.) प्रयाग (इलाहाबाद) में गंगा नदी 1,375 सहायक नदियाँ: चम्बल, बेतवा तथा केन (जो दक्षिण से आकर इसमें मिलती हैं)।
रामगंगा नैनीताल के समीप मुख्य हिमालय श्रेणी का दक्षिणी भाग कन्नौज के निकट गंगा नदी 696 ‘खोन’ इसकी प्रमुख सहायक नदी है।

शार्दा

 

(काली गंगा)

कुमायूँ हिमालय का मिलाम (Milam) हिमनद बहरामघाट के समीप घाघरा नदी 602 सहायक नदियाँ: धर्मा, लिसार, सरयू (पूर्वी रामगंगा), चौकिया।

घाघरा

 

(करनाली/कोरियाला)

नेपाल में तकलाकोट से 37 किमी उत्तर-पश्चिम में म्पसातुंग हिमानी सारन तथा बलिया जिले की सीमा पर गंगा नदी 1,080 शीशपानी में 180 मी. गहरे खड्ड का निर्माण। सहायक नदियाँ: चौकिया तथा छोटी गंगा।
गण्डक नेपाल पटना के समीप गंगा नदी 425 नेपाल में शालीग्रामी और मैदानी भाग में नारायणी। इसमें मिलने वाले गोल पत्थरों को ‘शालीग्राम’ कहते हैं।
कोसी गोसाईथान चोटी के उत्तर में कारागोला के दक्षिण-पश्चिम में गंगा नदी 730 मुख्य धारा ‘अरुण नदी’ (तिब्बत में पंगचू)। सहायक: यारू, सूनकोसी, तामूर कोसी, इन्द्रावती आदि।
सोन अमरकण्टक की पहाड़ियाँ पटना के समीप गंगा नदी 780 इसका उद्गम नर्मदा नदी के समीप ही है।

ब्रह्मपुत्र

 

(सांपू/दिहांग)

तिब्बत में मानसरोवर झील से 80 किमी दूर चेमायुंगडुंग हिमानी (5,150 मी.) बंगाल की खाड़ी

2,900

 

(भारत में 916)*

सहायक नदियाँ: डिबोंग, लोहित, सेसरी, सुवर्णसिरी, धनसिरी, मानस, धारला, तिस्ता, बूढ़ी दिहांग आदि।
टोस कैमूर पहाड़ियों में स्थित तमसाकुण्ड जलाशय सिरसा के समीप गंगा नदी 265 इस नदी पर ‘बिहार प्रपात’ स्थित है।
हुगली गंगा की एक शाखा जो धुलिया (प. बंगाल) के दक्षिण में अलग होती है बंगाल की खाड़ी यह एक छोटी नदी है। ‘जलांगी’ इसकी प्रमुख सहायक नदी है।
उमियम उमियम झील (मेघालय) यह मेघालय की एक छोटी नदी है।

2. प्रायद्वीपीय, मध्य और पश्चिम भारत की नदियाँ

नदी का नाम उद्गम स्थल संगम / मुहाना लंबाई (किमी) विशेष बातें / सहायक नदियाँ
चम्बल मऊ (म.प्र.) के समीप जानापाव पहाड़ी (616 मी.) इटावा (उ.प्र.) से 38 किमी दूर यमुना नदी 1050 देश के सबसे गहरे खड्डों (Ravines) का निर्माण करती है। सहायक: काली सिन्ध, पार्वती, क्षिप्रा, बनास।

बेतवा

 

(वेत्रवती)

म.प्र. के रायसेन जिले में कुमरागाँव के समीप विन्ध्याचल पर्वत हमीरपुर के समीप यमुना नदी 480 अपने ऊपरी मार्ग में कई सुंदर झरनों का निर्माण करती है।
नर्मदा विन्ध्याचल पर्वत श्रेणियों में स्थित अमरकण्टक (1,057 मी.) खम्भात की खाड़ी 1312* जबलपुर में भेड़ाघाट के समीप ‘धुआँधार (कपिलधारा) जलप्रपात’ का निर्माण। डेल्टा के बजाय एश्चुअरी (ज्वारनदमुख) बनाती है।

ताप्ती

 

(मूलताप्ती)

बैतूल जिले (म.प्र.) के मुल्ताई नगर के पास (722 मी.) सूरत के निकट खम्भात की खाड़ी 724* नर्मदा की तरह यह भी डेल्टा के बजाय एश्चुअरी बनाती है। ‘पूरणा’ इसकी प्रमुख सहायक नदी है।
महानदी छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में सिहावा के समीप बंगाल की खाड़ी (कटक के समीप) 815* ब्राह्मणी तथा वैतरणी इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं।
क्षिप्रा इन्दौर जिले की काकरी बरडी नामक पहाड़ी चम्बल नदी 560 इसके किनारे उज्जैन का विख्यात महाकालेश्वर मंदिर है, जहाँ हर 12वें वर्ष कुम्भ मेला लगता है।
माही धार जिला (म.प्र.) के अमशोरा में मेहद झील खम्भात की खाड़ी 585* इस पर बजाज सागर बाँध (बाँसवाड़ा) बनाया गया है।
लूनी अजमेर जिले में स्थित नाग पहाड़ (अरावली पर्वत) कच्छ का रन 320 यह एक नमकीन नदी है, जो थार मरुस्थल में जाकर विलीन (लुप्त) हो जाती है।
सोम उदयपुर जिले के बीछा मेंड़ा नामक स्थान बेणेश्वर के समीप माही नदी जोखम, गोमती तथा सारनी इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं।
साबरमती उदयपुर जिले में अरावली पर्वत पर स्थित जयसमुद्र झील खम्भात की खाड़ी 371 सावर, हाथमती, मेवा, वेतरक तथा माजम इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं।
बनास खमनोर की पहाड़ियाँ (अरावली) चम्बल नदी इसे ‘वन की आशा’ भी कहा जाता है। (पाठ में इसे बेडच के बाद जोड़ा गया है)।
आयड़ या बेडच उदयपुर के उत्तर में गोगुन्डा पहाड़ियाँ चित्तौड़गढ़ के समीप बनास नदी 190 प्रारम्भ में इसे ‘आयड़’ कहते हैं, लेकिन उदयसागर झील के बाद इसका नाम ‘बेडच’ हो जाता है।
कृष्णा महाबलेश्वर के समीप पश्चिमी घाट पहाड़ (1,337 मी.) बंगाल की खाड़ी 1401* सहायक नदियाँ: भीमा, तुंगभद्रा, मूसी, अमरावती, कोयना, पंचगंगा, दूधगंगा, घाटप्रभा, मालप्रभा आदि।
गोदावरी नासिक जिले (महाराष्ट्र) के त्र्यंबक गाँव की एक पहाड़ी बंगाल की खाड़ी 1465* इसे वृद्ध गंगा या दक्षिण गंगा भी कहा जाता है। सहायक: प्रवरा, पुरना, मंजरा, वेनगंगा, वर्धा, प्राणहिता, इन्द्रावती आदि।
कावेरी कर्नाटक के कुर्ग जिले में स्थित ब्रह्मगिरि पहाड़ी (1,341 मी.) बंगाल की खाड़ी 800* इसे दक्षिण भारत की गंगा कहा जाता है। शिवसमुद्रम जलप्रपात तथा श्रीरंगपट्टम द्वीप इसी पर स्थित हैं।
तुंगभद्रा पश्चिमी घाट की गंगामूल चोटी से ‘तुंगा’ व काडूर से ‘भद्रा’ का उद्गम कृष्णा नदी 331 सहायक नदियाँ: कुमुदवती, वर्धा, मगारी तथा हिन्द।
पेन्नार नन्दीदुर्ग पहाड़ी (कर्नाटक) बंगाल की खाड़ी 597* पापाधनी तथा चित्रावती इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं।
पेरियार पेरियार झील (केरल) यह नदी पूरी तरह केरल राज्य में प्रवाहित होती है और वहाँ की जीवनरेखा है।
वैगाई कण्डन मणिकन्यूर (पश्चिमी घाट, तमिलनाडु) बंगाल की खाड़ी (मदुरै के समीप) 288 प्रसिद्ध ऐतिहासिक नगर ‘मदुरै’ इसी नदी के किनारे स्थित है। सहायक: कुमम, वर्षानाड आदि।

📌 नोट (*): जिन नदियों की लंबाई के आगे तारांकित (*) चिह्न लगा है, उनकी लंबाई ‘भारत भौतिक पर्यावरण’ कक्षा-11 (NCERT) के परिशिष्ट III के आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित है।

1. गंगा नदी तंत्र

  • उद्गम: गंगोत्री हिमानी (गोमुख, उत्तरकाशी, उत्तराखण्ड) से ‘भागीरथी’ के रूप में निकलती है।

  • अलकनंदा का उद्गम: सतोपंथ हिमानी (अलकापुरी हिमनद, बद्रीनाथ के ऊपर)।

  • देवप्रयाग: यहाँ अलकनंदा और भागीरथी के संगम के बाद ही इसका नाम ‘गंगा’ पड़ता है।

  • प्रवेश: हरिद्वार के निकट यह मैदानी भाग में प्रवेश करती है।

  • बांग्लादेश में प्रवाह:

    • यहाँ यह पद्मा के नाम से जानी जाती है।

    • ब्रह्मपुत्र नदी (बांग्लादेश में जमुना) पाबना के पूर्व गोलुंडोघाट के पास पद्मा से मिलती है।

    • इनकी सम्मिलित धारा को पद्मा कहते हैं।

    • चाँदपुर के उत्तर में मेघना नदी के मिलने के बाद यह ‘मेघना’ नाम से बहती है और कई वितरिकाओं में बँटकर समुद्र में विलीन हो जाती है।

    • मेघना की सहायक नदी बराक है (उद्गम: मणिपुर की पहाड़ियाँ)।

2. सिंधु नदी तंत्र

  • प्रवाह: भारत में केवल जम्मू एवं कश्मीर राज्य से होकर बहती है।

  • सिंधु जल समझौता (1960 ई०): इस संधि के अनुसार, भारत इस नदी प्रक्रम के संपूर्ण जल का केवल 20% उपयोग कर सकता है।

3. प्रायद्वीपीय नदियाँ (क्रम और लंबाई)

उत्तर से दक्षिण की ओर क्रम:

  1. महानदी

  2. गोदावरी

  3. कृष्णा

  4. पेन्नार

  5. कावेरी

  6. वैगाई

लंबाई के अनुसार घटता क्रम:

  1. गोदावरी

  2. कृष्णा

  3. नर्मदा

  4. महानदी

  5. कावेरी

  6. ताप्ती

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