1. ऑक्सीकरण एवं अवकरण (Oxidation and Reduction)
ऑक्सीकरण और अवकरण को इलेक्ट्रॉन के आदान-प्रदान और ऑक्सीकरण संख्या के आधार पर समझा जा सकता है:
| अभिक्रिया | इलेक्ट्रॉनिक एवं रासायनिक परिभाषा | समीकरण (उदाहरण) |
|---|---|---|
| ऑक्सीकरण (Oxidation) | * इलेक्ट्रॉन का त्याग करना। * धन आवेश (Positive Charge) का बढ़ना। * विद्युत ऋणात्मक (Electronegative) परमाणु या मूलक का अनुपात बढ़ना। * ऑक्सीकरण संख्या का मान बढ़ जाना। |
Na → Na+ + e– Fe2+ → Fe3+ + e– |
| अवकरण (Reduction) | * इलेक्ट्रॉन को ग्रहण करना। * धन आवेश (Positive Charge) का घट जाना। * विद्युत धनात्मक (Electropositive) परमाणु या मूलक का अनुपात बढ़ना। * ऑक्सीकरण संख्या का मान घट जाना। |
Cu2+ + 2e– → Cu Cl2 + 2e– → 2Cl– |
रेडॉक्स अभिक्रिया (Redox Reaction): रासायनिक अभिक्रियाओं में ऑक्सीकरण और अवकरण की क्रियाएँ हमेशा साथ-साथ होती हैं। अर्थात् जब एक पदार्थ इलेक्ट्रॉन का त्याग करता है, तो दूसरा पदार्थ उसे ग्रहण करता है। इस संयुक्त अभिक्रिया को रेडॉक्स अभिक्रिया कहते हैं।
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2. ऑक्सीकारक एवं अवकारक (Oxidising and Reducing Agents)
(A) अवकारक (Reducing Agent या Reductant):
- जिस पदार्थ का ऑक्सीकरण होता है, अर्थात् जो पदार्थ इलेक्ट्रॉन का त्याग करता है, उसे अवकारक कहते हैं।
- यह किसी दूसरे पदार्थ की ऑक्सीकरण संख्या को घटा देता है।
- प्रमुख उदाहरण: H2, CO, H2S, SO2, C, SnCl2 आदि।
(B) ऑक्सीकारक (Oxidising Agent या Oxidant):
- जिस पदार्थ का अवकरण होता है, अर्थात् जो पदार्थ इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है, उसे ऑक्सीकारक कहते हैं।
- यह किसी दूसरे पदार्थ की ऑक्सीकरण संख्या को बढ़ा देता है।
- प्रमुख उदाहरण: O2, O3, H2O2, HNO3, KMnO4, K2Cr2O7 आदि।
(C) दोनों जैसा आचरण करने वाले पदार्थ:
कुछ पदार्थ ऐसे होते हैं जो अभिक्रिया की परिस्थिति के अनुसार ऑक्सीकारक एवं अवकारक दोनों की तरह व्यवहार करते हैं।
उदाहरण: हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S), हाइड्रोजन पेरोक्साइड (H2O2), सल्फर डाइऑक्साइड (SO2), और नाइट्रस अम्ल (HNO2)।
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3. ऑक्सीकरण संख्या (Oxidation Number)
परिभाषा: किसी तत्व की ऑक्सीकरण संख्या वह संख्या है, जो किसी अणु (Molecule) या आयन में उस परमाणु पर वास्तविक या संभावित आवेशों की संख्या को दर्शाती है, यदि उस अणु से जुड़े अन्य सभी परमाणुओं को संभावित आयनों के रूप में अलग कर दिया जाए।
KM nO4 में Mn की ऑक्सीकरण संख्या ज्ञात करने का उदाहरण:
हम जानते हैं कि क्षारीय धातु पोटेशियम (K) की ऑक्सीकरण संख्या +1 और ऑक्सीजन (O) की -2 होती है। माना Mn की ऑक्सीकरण संख्या ‘x’ है।
KMnO4 = 0
(+1) + x + [4 × (-2)] = 0
+1 + x – 8 = 0
x – 7 = 0
x = +7
अतः, KMnO4 (पोटेशियम परमैंगनेट) में Mn की ऑक्सीकरण संख्या +7 है।