1. मूलभूत रासायनिक परिभाषाएँ (Basic Chemical Definitions)

  • परमाणु (Atom): तत्व का वह छोटा से छोटा कण है, जो किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में भाग ले सकता है, परन्तु स्वतंत्र अवस्था में नहीं रह सकता।
  • अणु (Molecule): तत्व तथा यौगिक का वह छोटा से छोटा कण है, जो स्वतंत्र अवस्था में रह सकता है।
  • परमाणु भार (Atomic Weight): किसी तत्व का परमाणु भार वह संख्या है, जो यह प्रदर्शित करती है कि उस तत्व का एक परमाणु, कार्बन-12 (C-12) के परमाणु के 1/12 भाग द्रव्यमान अथवा हाइड्रोजन के 1.008 भाग द्रव्यमान से कितना गुना भारी है।
  • अणु-भार (Molecular Weight): किसी पदार्थ का अणुभार वह संख्या है, जो यह प्रदर्शित करती है कि उस पदार्थ का एक अणु, कार्बन-12 के एक परमाणु के 1/12 भाग से कितना गुना भारी है।

मोल धारणा (Mole Concept)

एक मोल किसी भी निश्चित सूत्र वाले पदार्थ की वह राशि है, जिसमें उसके इकाई सूत्रों की संख्या उतनी ही होती है, जितनी शुद्ध कार्बन-12 आइसोटोप के ठीक 12 ग्राम में परमाणुओं की संख्या होती है।

  • मोल इकाई का मान (आवोगाद्रो संख्या): 1 मोल = 6.022 × 1023 अणु/परमाणु।
  • मोल, संख्या एवं द्रव्यमान दोनों का प्रतीक है। इसे सन् 1967 में अंतरराष्ट्रीय इकाई (SI Unit) के रूप में स्वीकार किया गया था।

2. परमाणु के मूल कण (Subatomic Particles)

20वीं शताब्दी की आधुनिक खोजों (जे० जे० थॉमसन, रदरफोर्ड, चैडविक आदि) ने यह सिद्ध किया कि परमाणु विभाज्य है और मुख्यतः तीन मूल कणों से मिलकर बना है:

मूल कण प्रतीक सापेक्ष आवेश द्रव्यमान (ग्राम) द्रव्यमान (amu) खोजकर्ता
इलेक्ट्रॉन -1e0 या e -1 9.1095 × 10-28 g 0.0005486 जे० जे० थॉमसन
प्रोटॉन 1p1 या p+ +1 1.6726 × 10-24 g 1.0073335 गोल्डस्टीन
न्यूट्रॉन 0n1 0 (उदासीन) 1.6749 × 10-24 g 1.008724 जेम्स चैडविक (1932)

महत्वपूर्ण सूत्र:

  • परमाणु क्रमांक (Z): किसी तत्व के परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या। (Z = p)
  • द्रव्यमान संख्या (A): नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की कुल संख्याओं का योग।

    समीकरण: द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉनों की संख्या (p) + न्यूट्रॉनों की संख्या (n)

3. क्वाण्टम संख्याएँ (Quantum Numbers)

स्पेक्ट्रम रेखाओं की सूक्ष्म प्रकृति को समझाने तथा इलेक्ट्रॉन की ठीक-ठीक स्थिति और ऊर्जा का वर्णन करने हेतु चार क्वाण्टम संख्याओं का प्रयोग किया जाता है:

  1. मुख्य क्वाण्टम संख्या (Principal Quantum Number, ‘n’): यह इलेक्ट्रॉन के मुख्य ऊर्जा स्तर (Shell) को प्रदर्शित करती है।
  2. दिगंशी क्वाण्टम संख्या (Azimuthal Quantum Number, ‘l’): यह इलेक्ट्रॉन कक्षक (Orbital) की आकृति को प्रकट करती है। ‘l’ का न्यूनतम मान शून्य (0) तथा अधिकतम मान (n-1) होता है।
  3. चुम्बकीय क्वाण्टम संख्या (Magnetic Quantum Number, ‘m’): यह उप-ऊर्जा स्तरों के कक्षकों (Orbitals) के त्रिविम विन्यास को प्रदर्शित करती है। इसका मान ‘l’ पर निर्भर करता है (शून्य सहित +l से लेकर -l तक)।
  4. चक्रण क्वाण्टम संख्या (Spin Quantum Number, ‘s’): यह इलेक्ट्रॉन के अपने अक्ष पर चक्रण (Spin) की दिशा को प्रदर्शित करती है। ‘m’ के किसी भी मान के लिए ‘s’ का मान +1/2 (क्लॉकवाइज) या -1/2 (एंटी-क्लॉकवाइज) होता है।

4. परमाणु सिद्धांत और नियम (Atomic Principles & Rules)

  • पाऊली का अपवर्जन नियम (Pauli’s Exclusion Principle, 1925): इसके अनुसार, किसी दिए गए परमाणु में किन्हीं भी दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वाण्टम संख्याओं (n, l, m, s) का मान एक समान नहीं हो सकता। यदि दो इलेक्ट्रॉनों के n, l और m के मान समान हों, तो उनका चक्रण (s) विपरीत होगा।
  • हुण्ड का अधिकतम बहुलता का नियम (Hund’s Rule of Maximum Multiplicity): इसके अनुसार, किसी भी उपकोश के कक्षकों में इलेक्ट्रॉन तब तक युग्मित (Pair up) नहीं होते, जब तक कि सभी रिक्त कक्षकों में एक-एक इलेक्ट्रॉन (अयुग्मित) न भर जाए।
  • हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धांत (Heisenberg’s Uncertainty Principle): इसके अनुसार, किसी अतिसूक्ष्म गतिशील कण (जैसे इलेक्ट्रॉन) की स्थिति (Position) और उसके वेग/संवेग (Velocity) का एक साथ यथार्थ (Exact) निर्धारण करना असंभव है।
  • ऑफबाऊ नियम (Aufbau Principle): कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का प्रवेश उनकी ऊर्जा के बढ़ते क्रम में होता है।

    ऊर्जा बढ़ने का सही क्रम:

    1s < 2s < 2p < 3s < 3p < 4s < 3d < 4p < 5s < 4d < 5p < 6s < 4f < 5d < 6p < 7s

5. तत्वों के परमाणु वर्गीकरण (Isotopes, Isobars, Isotones & Isoelectronics)

प्रकार परिभाषा उदाहरण
समस्थानिक (Isotopes) समान परमाणु क्रमांक (Z) परन्तु भिन्न परमाणु द्रव्यमान (A) वाले परमाणु। इनमें प्रोटॉन समान लेकिन न्यूट्रॉन भिन्न होते हैं। (नोट: सबसे अधिक समस्थानिकों वाला तत्व पोलोनियम है।) 1H1, 1H2, 1H3 (हाइड्रोजन के समस्थानिक)
समभारिक (Isobars) समान परमाणु द्रव्यमान (A) परन्तु भिन्न परमाणु क्रमांक (Z) वाले परमाणु। 18Ar40, 19K40, 20Ca40
समन्यूट्रॉनिक (Isotones) जिन अलग-अलग तत्वों के परमाणुओं के नाभिक में न्यूट्रॉनों की संख्या समान होती है। 1H3 और 2He4
(दोनों में न्यूट्रॉन = 2)
समइलेक्ट्रॉनिक (Isoelectronic) जिन आयनों और परमाणुओं में इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या और उनका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास एक समान होता है। Ne, Na+, Mg2+, Al3+
(सभी में 10 इलेक्ट्रॉन हैं)
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