दिए गए पाठ्य-सामग्री (Lucent General Knowledge) के आधार पर ‘प्रदूषण’ (Pollution), उसके विभिन्न प्रकार, प्रमुख स्रोतों, ऐतिहासिक घटनाओं और भारत के प्रमुख पर्यावरण संस्थानों की सुव्यवस्थित एवं विस्तृत प्रस्तुति नीचे दी गई है:

प्रदूषण (Pollution)

परिभाषा: वायु, जल या भूमि (अर्थात पर्यावरण) के भौतिक, रासायनिक या जैविक गुणों में होने वाले ऐसे अनचाहे परिवर्तन, जो मनुष्य एवं अन्य जीवधारियों, उनकी जीवन परिस्थितियों, औद्योगिक प्रक्रियाओं एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों के लिए हानिकारक हों, प्रदूषण कहलाते हैं।

प्रदूषण के मुख्य प्रकार

प्रदूषण को मुख्य रूप से निम्नलिखित 5 भागों में विभाजित किया गया है:

 

1. वायु प्रदूषण (Air Pollution)

जब प्रदूषक वायुमंडल में उपस्थित होते हैं और वायुमंडल के अवयवों की अनुकूलतम (संतुलित) मात्रा में हानिकारक परिवर्तन आ जाता है, तब इसे वायु प्रदूषण कहते हैं।

  • प्रमुख वायु प्रदूषक: कार्बन मोनोऑक्साइड ($\text{CO}$), सल्फर डाइऑक्साइड ($\text{SO}_2$), हाइड्रोजन सल्फाइड ($\text{H}_2\text{S}$), हाइड्रोजन फ्लोराइड ($\text{HF}$), नाइट्रोजन के ऑक्साइड ($\text{NO}_x$), हाइड्रोकार्बन, अमोनिया ($\text{NH}_3$), तम्बाकू का धुआँ, फ्लोराइड्स, धूल तथा धुएँ के एरोसोल्स आदि।

  • अम्ल वर्षा (Acid Rain): सल्फर डाइऑक्साइड ($\text{SO}_2$), सल्फर ट्राईऑक्साइड ($\text{SO}_3$) और नाइट्रोजन ऑक्साइड ($\text{NO}_2$) वातावरणीय जल (नमी) के साथ क्रिया करके सल्फ्यूरिक अम्ल ($\text{H}_2\text{SO}_4$), सल्फ्यूरस अम्ल ($\text{H}_2\text{SO}_3$) तथा नाइट्रिक अम्ल ($\text{HNO}_3$) का निर्माण करते हैं। जब यह अम्ल वर्षा के जल के साथ पृथ्वी पर गिरता है, तो इसे अम्ल वर्षा कहते हैं।

ऐतिहासिक घटना (भोपाल गैस त्रासदी): 3 दिसम्बर, 1984 ई० को भोपाल की ‘यूनियन कार्बाइड फैक्टरी’ (जो उर्वरक बनाती थी) में मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस के रिसाव के कारण एक भीषण दुर्घटना हुई थी।

2. जल प्रदूषण (Water Pollution)

जल में अवांछनीय कारकों या हानिकारक पदार्थों के जुड़ जाने को जल प्रदूषण कहते हैं।

  • जल की उपलब्धता: पृथ्वी पर उपलब्ध कुल जल की मात्रा का केवल 2.5% से 3% भाग ही स्वच्छ (पीने योग्य) है।

  • जल प्रदूषण के स्रोत: यह मुख्यतः कार्बोनेट, क्लोराइड, सोडियम, बाईकार्बोनेट, मैग्नीशियम व पोटैशियम के सल्फेट्स, अमोनिया, कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड तथा औद्योगिक अपशिष्टों के जल में घुलने से होता है।

  • समुद्री जल प्रदूषण: सल्फरयुक्त भारी धातुओं, हाइड्रोकार्बन और पेट्रोलियम पदार्थों के जल में मिलने से होता है।

  • ऑयल स्पिल्स (Oil Spills): ऑयल टैंकरों से रिसा हुआ तेल जब समुद्री जल की सतह पर शीघ्रता से फैल जाता है, तो इस जलीय सतह पर फैले तेल की परत को ऑयल स्पिल्स कहते हैं।

  • प्रदूषण से होने वाले रोग:

    • मिनीमाता रोग: पारा ($\text{Hg}$) युक्त जल पीने से होता है।

    • अस्बेस्टोसिस रोग: अस्बेस्टस के रेशों से युक्त जल का सेवन करने से यह जानलेवा रोग होता है।

विशेष नोट: नदियों में जल प्रदूषण की माप ऑक्सीजन की घुली हुई मात्रा (Biological Oxygen Demand – BOD) से की जाती है।

3. ध्वनि प्रदूषण (Sound Pollution)

वातावरण में चारों ओर फैली अनिच्छित, अप्रिय या अवांछनीय आवाज को ध्वनि प्रदूषण कहते हैं।

  • स्रोत: ध्वनि प्रदूषण का मुख्य स्रोत किसी भी प्रकार से उत्पन्न होने वाली ऊँची आवाज या शोर है।

4. मृदा प्रदूषण (Soil Pollution)

भूमि के भौतिक, रासायनिक या जैविक गुणों में गिरावट आना अर्थात भूमि का विकृत रूप मृदा प्रदूषण कहलाता है।

  • स्रोत: अम्लीय वर्षा, खानों (खदानों) से निकला जल, रासायनिक उर्वरकों तथा कीटनाशक रसायनों का अत्यधिक प्रयोग, कूड़ा-करकट, औद्योगिक अपशिष्ट और खुले खेतों में मल-विसर्जन आदि इसके मुख्य स्रोत हैं।

5. नाभिकीय प्रदूषण (Nuclear Pollution)

यह प्रदूषण रेडियोएक्टिव किरणों (Radioactive Radiations) के हानिकारक प्रभाव से उत्पन्न होता है।

  • नाभिकीय प्रदूषण के स्रोत:

    1. चिकित्सा (Medical Science) में उपयोग होने वाली किरणों से प्राप्त प्रदूषण।

    2. परमाणु भट्टियों (Nuclear Reactors) में प्रयुक्त होने वाले ईंधन से उत्पन्न प्रदूषण।

    3. नाभिकीय / परमाणु शस्त्रों के उपयोग से उत्पन्न प्रदूषण।

    4. परमाणु बिजलीघरों से निकलने वाले अपशिष्ट (Nuclear Waste) पदार्थों से।

    5. शोध कार्यों (Research) में प्रयुक्त रेडियोधर्मी पदार्थों से।

    6. सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों (UV Rays) से उत्पन्न प्रदूषण।

रिएक्टर से जुड़ी भीषण दुर्घटनाएँ:

  • थ्री माइल आइलैण्ड दुर्घटना: 28 मार्च, 1979 ई० को अमेरिका के रिएक्टर में यह भीषण दुर्घटना हुई थी।

  • चेरनोबिल परमाणु दुर्घटना: 26 अप्रैल, 1986 ई० को यूक्रेन के चेरनोबिल स्थित एक रिएक्टर में इतिहास की सबसे अधिक हानिकारक दुर्घटना घटी, जिसमें रिएक्टर इकाई की छत गल गई थी।

भारत के प्रमुख पर्यावरण एवं वानिकी संस्थान

पाठ्य-सामग्री के अनुसार देश के महत्वपूर्ण पर्यावरण और विज्ञान से जुड़े संस्थानों की सूची निम्नलिखित है:

संस्थान का नाम स्थान
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली
केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली
जी. बी. पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान अल्मोड़ा
भारतीय वन अनुसंधान एवं शिक्षण परिषद देहरादून
भारतीय वन प्रबंधन संस्थान भोपाल
वन आनुवंशिकी तथा वृक्ष प्रजनन संस्थान कोयंबटूर
वन उत्पादकता केन्द्र राँची
राष्ट्रीय विज्ञान औद्योगिकी संस्थान फरीदाबाद
भारतीय वानस्पतिक सर्वेक्षण (Botanical Survey of India) कोलकाता
भारतीय प्राणी विज्ञान सर्वेक्षण (Zoological Survey of India) कोलकाता
Scroll to Top