आपके द्वारा साझा किए गए लूसेंट सामान्य ज्ञान (Lucent GK) के अध्याय “10. पोषक पदार्थ” की पूरी जानकारी को यहाँ बिना किसी बदलाव के, अत्यंत स्पष्ट, वैज्ञानिक और व्यवस्थित रूप से वर्गीकृत (Tables और Bullet Points में) प्रस्तुत किया गया है।

🥗 पोषक पदार्थ (Nutrients)

वे पदार्थ जो जीवों में विभिन्न प्रकार के जैविक कार्यों के संचालन एवं संपादन के लिए आवश्यक होते हैं, पोषक पदार्थ कहलाते हैं।

क. उपयोगिता के आधार पर पोषक पदार्थों के प्रकार:

  1. ऊर्जा उत्पादक: वे पोषक पदार्थ जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। जैसे— वसा एवं कार्बोहाइड्रेट।

  2. उपापचयी नियंत्रक: वे पोषक पदार्थ जो शरीर की विभिन्न उपापचयी (Metabolic) क्रियाओं का नियंत्रण करते हैं। जैसे— विटामिन्स, लवण एवं जल।

  3. वृद्धि तथा निर्माण पदार्थ: वे पोषक पदार्थ जो शरीर की वृद्धि एवं शरीर की टूट-फूट की मरम्मत का कार्य करते हैं। जैसे— प्रोटीन।

  4. आनुवंशिक पदार्थ: वे पोषक पदार्थ जो आनुवंशिक गुणों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ले जाते हैं। जैसे— न्यूक्लिक अम्ल।

ख. मानव शरीर के लिए आवश्यक 7 प्रमुख पोषक पदार्थ:

मनुष्य के शरीर को विभिन्न कार्यों के लिए निम्नलिखित 7 पोषक पदार्थों की आवश्यकता होती है:

(1) कार्बोहाइड्रेट, (2) प्रोटीन, (3) वसा, (4) विटामिन, (5) न्यूक्लिक अम्ल, (6) खनिज लवण, और (7) जल।

🌾 1. कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates)

  • परिभाषा: कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के $1:2:1$ के अनुपात से मिलकर बने कार्बनिक पदार्थ कार्बोहाइड्रेट कहलाते हैं।

  • ऊर्जा योगदान: शरीर की ऊर्जा की आवश्यकता की 50% से 75% मात्रा की पूर्ति इन्हीं पदार्थों द्वारा की जाती है।

  • ऊर्जा मान: 1 ग्राम ग्लूकोज के पूर्ण ऑक्सीकरण से $4.2\text{ kcal}$ ऊर्जा प्राप्त होती है।

  • प्रमुख स्रोत: गेहूं, चावल, मक्का, बाजरा, आलू, शकरकंद, शलजम।

📊 कार्बोहाइड्रेट के प्रकार:

  1. मोनो सैकराइड: यह कार्बोहाइड्रेट की सबसे सरल अवस्था है। जैसे— ग्लूकोज, ग्लैक्टोज, मैनोज, ट्राइओज आदि।

  2. डाइ सैकराइड्स: समान या भिन्न मोनो सैकराइड्स के दो अणुओं के संयोजन से यह बनता है।

    • $\text{ग्लूकोज} + \text{फ्रुक्टोज} \longrightarrow \text{सुक्रोज}$

    • $\text{ग्लूकोज} + \text{ग्लूकोज} \longrightarrow \text{माल्टोज}$

    • $\text{ग्लूकोज} + \text{ग्लैक्टोज} \longrightarrow \text{लैक्टोज}$

  3. पॉली सैकराइड्स: मोनो सैकराइड्स के कई अणुओं के मिलने से लम्बी श्रृंखला वाली अघुलनशील पॉली सैकराइड्स का निर्माण होता है। यह आर्थोपोडा के बाह्य कंकाल एवं सेलूलोज में पाया जाता है। अन्य उदाहरण: स्टार्च, ग्लाइकोजेन, काइटिन आदि।

⚙️ कार्बोहाइड्रेट के प्रमुख कार्य:

  • ऑक्सीकरण द्वारा शरीर की ऊर्जा की आवश्यकता को पूरा करना।

  • शरीर में भोजन संचय (Food Storage) की तरह कार्य करना।

  • विटामिन C का निर्माण करना।

  • न्यूक्लिक अम्लों का निर्माण करना।

  • जंतुओं के बाह्य कंकाल (Exoskeleton) का निर्माण करना।

🥩 2. प्रोटीन (Protein)

  • खोज/नामकरण: प्रोटीन शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग जे. बर्जेलियस ने किया था।

  • संरचना: यह एक जटिल कार्बनिक यौगिक है, जो 20 अमीनो अम्लों से मिलकर बना होता है। मानव शरीर का लगभग 15% भाग प्रोटीन से ही निर्मित होता है। सभी प्रोटीन में नाइट्रोजन पाया जाता है।

  • कार्य: ऊर्जा उत्पादन एवं शरीर की मरम्मत (Tissue Repair) दोनों कार्यों के लिए प्रोटीन उत्तरदायी होता है।

  • संश्लेषण: मनुष्य के शरीर में 20 प्रकार की प्रोटीन की आवश्यकता होती है, जिनमें से 10 का संश्लेषण शरीर स्वयं करता है तथा शेष 10 भोजन द्वारा प्राप्त होते हैं।

🧬 प्रोटीन के प्रकार:

  • सरल प्रोटीन: वे प्रोटीन्स जो केवल अमीनो अम्लों के बने होते हैं। उदाहरण: एल्ब्यूमिन्स, ग्लोब्यूलिन्स, हिस्टोन आदि।

  • संयुग्मी प्रोटीन: वे प्रोटीन जिनके अणुओं के साथ अन्य समूह (Non-protein groups) भी जुड़े रहते हैं। उदाहरण: क्रोमोप्रोटीन, ग्लाइकोप्रोटीन आदि।

  • व्युत्पन्न प्रोटीन्स: वे प्रोटीन जो प्राकृतिक प्रोटीन के जलीय अपघटन (Hydrolysis) से बनते हैं। उदाहरण: प्रोटिन्स, पेप्टोन, पेप्टाइड।

⚠️ प्रोटीन के कार्य एवं कमी से होने वाले रोग:

  • ये कोशिकाओं, जीवद्रव्य (Protoplasm) एवं उत्तकों के निर्माण में भाग लेते हैं तथा शारीरिक वृद्धि के लिए आवश्यक हैं।

  • बच्चों में कमी से रोग: 1. क्वाशियोर्कर (Kwashiorkor): इस रोग में बच्चों के हाथ-पांव दुबले-पतले हो जाते हैं एवं पेट बाहर की ओर निकल जाता है।

    2. मरास्मस (Marasmus): इस रोग में बच्चों की मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं।

  • आवश्यकता पड़ने पर यह शरीर को ऊर्जा देते हैं तथा जैव उत्प्रेरक (Enzymes) एवं जैविक नियंत्रक (Hormones) के रूप में कार्य करते हैं। यह आनुवंशिकी लक्षणों के विकास का नियंत्रण और संवहन (Transport) में सहायक हैं।

🥑 3. वसा (Fats)

  • संरचना: वसा ग्लिसरॉल एवं वसीय अम्ल का एक एस्टर होती है। इसमें कार्बन, हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन विभिन्न मात्राओं में उपस्थित रहते हैं।

  • अवस्था: वसा सामान्यतः $20^\circ\text{C}$ ताप पर ठोस अवस्था में होती है, परन्तु यदि वे इस ताप पर द्रव अवस्था में हों तो उन्हें ‘तेल’ (Oil) कहते हैं।

  • वसा अम्ल के प्रकार: * असंतृप्त (Unsaturated): यह मछली के तेल एवं वनस्पति तेलों में मिलते हैं।

    • संतृप्त (Saturated): केवल नारियल का तेल तथा ताड़ का तेल (Palm oil) संतृप्त तेल के उदाहरण हैं।

  • ऊर्जा मान: 1 ग्राम वसा से $9.3\text{ kcal}$ ऊर्जा उत्पन्न होती है। एक वयस्क व्यक्ति को $20-30\%$ ऊर्जा वसा से प्राप्त होनी चाहिए।

  • संश्लेषण: शरीर में इनका संश्लेषण माइटोकॉन्ड्रिया में होता है।

⚙️ वसा के कार्य और प्रभाव:

  • मुख्य कार्य: शरीर को ऊर्जा प्रदान करना; त्वचा के नीचे जमा होकर शरीर के ताप को बाहर निकलने से रोकना (Insulation); खाद्य पदार्थों में स्वाद उत्पन्न करना; शरीर के अंगों को चोटों से बचाना।

  • कमी के प्रभाव: त्वचा रूखी हो जाती है, वजन में कमी आती है एवं शरीर का विकास रुक जाता है।

  • अधिकता के प्रभाव: शरीर स्थूल (मोटा) हो जाता है, हृदय की बीमारी का खतरा होता है एवं रक्तचाप (Blood Pressure) बढ़ जाता है।

💊 4. विटामिन (Vitamins)

  • आविष्कार: विटामिन का आविष्कार फंक (Funk) ने सन् 1911 ई० में किया था।

  • विशेषता: यह एक प्रकार का कार्बनिक यौगिक है। इनसे कोई कैलोरी (ऊर्जा) प्राप्त नहीं होती, परन्तु ये शरीर के उपापचय (Metabolism) में रासायनिक प्रतिक्रियाओं के नियमन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इन्हें ‘रक्षात्मक पदार्थ’ भी कहा जाता है।

🧪 घुलनशीलता के आधार पर वर्गीकरण:

  1. जल में घुलनशील विटामिन: विटामिन B एवं विटामिन C

  2. वसा में घुलनशील विटामिन: विटामिन A, विटामिन D, विटामिन E एवं विटामिन K

  • विशेष तथ्य: विटामिन $\text{B}_{12}$ में कोबाल्ट ($\text{Co}$) पाया जाता है।

🔄 विटामिनों का संश्लेषण:

  • विटामिनों का संश्लेषण हमारे शरीर की कोशिकाओं द्वारा नहीं हो सकता, इसकी पूर्ति भोजन से होती है।

  • अपवाद (D और K): विटामिन D एवं K का संश्लेषण हमारे शरीर में होता है।

    • विटामिन D: इसका संश्लेषण सूर्य के प्रकाश में उपस्थित पराबैंगनी (UV) किरणों द्वारा त्वचा के कोलेस्टेरोल (इर्गेस्टीरॉल) द्वारा होता है।

    • विटामिन K: यह जीवाणुओं (Bacteria) द्वारा हमारे कोलन (बड़ी आंत) में संश्लेषित होता है तथा वहीं से अवशोषित होता है।

📊 विटामिन की कमी से होने वाले रोग एवं उनके मुख्य स्रोत:

विटामिन रासायनिक नाम कमी से होने वाला रोग मुख्य स्रोत
विटामिन A रेटिनॉल रतौंधी (Night Blindness), संक्रमणों का खतरा, जीरोप्थैलमिया दूध, अंडा, पनीर, हरी साग-सब्जी, मछली यकृत तेल
विटामिन $\text{B}_1$ थायमिन बेरी-बेरी मूंगफली, तिल, सूखी मिर्च, बिना धुली दाल, यकृत, अंडा एवं सब्जियां
विटामिन $\text{B}_2$ राइबोफ्लेविन त्वचा का फटना, आंखों का लाल होना, जिह्वा का फटना खमीर, कलेजी, मांस, हरी सब्जियां, दूध
विटामिन $\text{B}_3$ पैन्टोथेनिक अम्ल बाल सफेद होना, मंदबुद्धि होना मांस, दूध, मूंगफली, गन्ना, टमाटर
विटामिन $\text{B}_5$ निकोटिनैमाइड (नियासिन) पेलाग्रा (त्वचा दाद) या 4-D सिंड्रोम मांस, मूंगफली, आलू, टमाटर, पत्ती वाली सब्जियां
विटामिन $\text{B}_6$ पाइरीडॉक्सिन एनीमिया (अल्पतक्ता), त्वचा रोग यकृत, मांस, अनाज
विटामिन $\text{B}_7$ (H) बायोटीन लकवा, शरीर में दर्द, बालों का गिरना मांस, अंडा, यकृत, दूध
विटामिन $\text{B}_{12}$ साएनोंकाबालामिन एनीमिया, पांडुरोग मांस, कलेजी, दूध
फॉलिक अम्ल टेरोईल ग्लूटेमिक एनीमिया, पेचिश रोग दाल, यकृत, सब्जियां, अण्डा, सेम
विटामिन C एस्कॉर्बिक ऐसिड स्कर्वी, मसूड़े का फूलना नींबू, संतरा, नारंगी, टमाटर, खट्टे पदार्थ, मिर्च, अंकुरित अनाज
विटामिन D कैल्सिफेरॉल रिकेट्स (बच्चों में), ऑस्टियोमलेशिया (वयस्कों में) मछली यकृत तेल, दूध, अण्डे, सूर्य का प्रकाश
विटामिन E टोकोफेरॉल जनन शक्ति का कम होना पत्ती वाली सब्जियां, दूध, मक्खन, अंकुरित गेहूं, वनस्पति तेल
विटामिन K फिलोक्विनोन रक्त का थक्का (Blood Clot) न बनना टमाटर, हरी सब्जियां, आंतों में भी उत्पन्न

🧬 5. न्यूक्लिक अम्ल (Nucleic Acid)

  • संरचना: ये कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन व फॉस्फोरस से बने न्यूक्लियोटाइडों के बहुलक (Polymers) हैं, जो हमारी कोशिकाओं में DNA और RNA के रूप में पाए जाते हैं।

  • मुख्य कार्य: 1. आनुवंशिकी गुणों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में पहुँचाना।

    2. एंजाइम्स के निर्माण एवं प्रोटीन संश्लेषण (Protein Synthesis) का नियंत्रण करना।

    3. ये क्रोमेटिन जाल (Chromatin Network) का निर्माण करते हैं।

🧱 6. खनिज लवण (Minerals)

मनुष्य खनिज भूमि से सीधे प्राप्त न करके भोजन के रूप में ग्रहण करता है। ये शरीर की उपापचयी (Metabolic) क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।

📊 महत्वपूर्ण खनिज पदार्थ तथा उनके प्रकार्य:

खनिज दैनिक मात्रा मुख्य स्रोत शरीर में मुख्य कार्य / प्रकार्य
सोडियम ($\text{Na}$) $2-5\text{ g}$ साधारण नमक, मछली, मांस, अण्डे, दूध यह कोशिका बाह्य द्रव में धनायन के रूप में होता है। पेशियों का संकुचन, तंत्रिका तंतु में आवेग संचरण और शरीर में धनात्मक विद्युत् अपघट्य संतुलन बनाना।
पोटैशियम ($\text{K}$) $1\text{ g}$ लगभग सभी खाद्य पदार्थों में यह कोशिका द्रव में धनायन के रूप में होता है। कोशिकाओं में होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं, पेशीय संकुचन, तंत्रिका आवेग संचरण और विद्युत् अपघट्य संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
कैल्शियम ($\text{Ca}$) लगभग $1.2\text{ g}$ दूध, पनीर, अंडे, चना, हरी सब्जियां, साबुत अन्न, रागी, मछली यह विटामिन D के साथ हड्डियों तथा दाँतों को दृढ़ता प्रदान करता है। रुधिर के स्कंदन (Blood Clotting) में भूमिका तथा पेशीय संकुचन प्रक्रिया से संबद्ध।
फास्फोरस ($\text{P}$) $1.2\text{ g}$ दूध, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, बाजरा, रागी, गिरी, जई का आटा कैल्शियम से संबद्ध होकर दाँतों तथा हड्डियों को दृढ़ता प्रदान करना। शरीर के तरल पदार्थों का संरचनात्मक संतुलन बनाए रखना।
लौह ($\text{Fe}$)

बालक: $25\text{ mg}$


बालिका: $35\text{ mg}$

कलेजी, गुर्दे, अंडे का पीतक (Yolk), चोकरयुक्त आटे की रोटी, बाजरा, सेब, केला, पालक, हरी सब्जियां, गुड़ लाल रुधिर कणिकाओं (RBC) में हीमोग्लोबिन के बनने के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह ऊतकों में ऑक्सीकरण के लिए आवश्यक है।
आयोडीन ($\text{I}$) $20\text{ mg}$ आयोडीन युक्त नमक, समुद्री मछली, भोजन, हरी पत्तेदार सब्जियां यह थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित थायरॉक्सिन हार्मोन के संश्लेषण के लिए आवश्यक है।
मैग्नीशियम ($\text{Mg}$) अत्यल्प सब्जियां पेशी तंत्र एवं तंत्रिका तंत्र की सुचारु क्रिया हेतु।
जस्ता ($\text{Zn}$) अत्यल्प यकृत एवं मछलियाँ इन्सुलिन की कार्यिकी (Functioning) के लिए आवश्यक।
ताँबा ($\text{Cu}$) अत्यल्प मांस, मछली, यकृत एवं अनाज हीमोग्लोबीन तथा अस्थियों के निर्माण एवं इलेक्ट्रॉन संवाहक के रूप में।
कोबाल्ट ($\text{Co}$) अत्यल्प मांस, मछली एवं जल RBC तथा विटामिन $\text{B}_{12}$ के संश्लेषण हेतु आवश्यक।

📌 नोट: गर्भवती स्त्रियों में प्राय: कैल्शियम और आयरन (लोहा) की कमी हो जाती है।

💧 7. जल (Water)

जल मनुष्य पीकर प्राप्त करता है। यह हमारे शरीर का प्रमुख अवयव है। मानव शरीर के भार का 65% से 75% भाग जल है।

⚙️ जल के प्रमुख कार्य:

  1. जल हमारे शरीर के तापमान को स्वेदन (पसीना आना) तथा वाष्पन द्वारा नियंत्रित करता है।

  2. यह शरीर के अपशिष्ट (Wastes) पदार्थों के उत्सर्जन का महत्वपूर्ण माध्यम है।

  3. शरीर में होने वाली अधिकतर जैव रासायनिक अभिक्रियाएं (Biochemical Reactions) जलीय माध्यम में ही सम्पन्न होती हैं।

🍽️ संतुलित पोषण (Balanced Diet)

वह पोषण जिससे जीव के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में प्राप्त होते हैं, संतुलित पोषण कहलाता है।

⚠️ विशेष नोट: दूध को पूर्ण आहार नहीं माना जाता है, क्योंकि इसमें आयरन (लोहा) एवं विटामिन-सी ($\text{Vitamin C}$) का अभाव होता है।

📌 खाद्य सुरक्षा: खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने (Preserve) के लिए सोडियम बेन्जोएट का प्रयोग किया जाता है।

📊 संतुलित आहार तालिका (मात्रा ग्राम में, दूध मिलीलीटर में):

खाद्य पदार्थ वयस्क पुरुष (सामान्य / मध्यम / कठोर कार्य) वयस्क महिला (सामान्य / मध्यम / कठोर कार्य) बच्चे (1-3 वर्ष / 4-6 वर्ष) बालक (10-18 वर्ष) बालिका (10-16 वर्ष)
अन्न (गेहूं, चावल) 400 / 520 / 670 410 / 440 / 575 175 / 270 420 380
दालें 40 / 50 / 60 40 / 45 / 50 35 / 35 45 45
पत्तेदार सब्जियाँ 40 / 40 / 40 100 / 100 / 50 40 / 50 50 50
सब्जियाँ (अन्य) 60 / 70 / 80 40 / 40 / 100 20 / 30 50 50
दूध (ml) 150 / 200 / 250 100 / 150 / 200 300 / 250 250 250
कंदमूल 50 / 60 / 80 50 / 50 / 60 10 / 20 30 30
गुड़ या शक्कर 30 / 35 / 55 20 / 20 / 40 30 / 40 45 45
वसा व तेल 40 / 45 / 65 20 / 25 / 40 15 / 25 40 35

⚡ मानव शरीर की कैलोरी संबंधी दैनिक आवश्यकताएँ:

कार्य की प्रकृति पुरुष के लिए आवश्यक कैलोरी स्त्री के लिए आवश्यक कैलोरी
1. हल्का कार्य करने वाले 2000 कैलोरी 2100 कैलोरी
2. आठ घंटा (मध्यम) कार्य करने वाले 3000 कैलोरी 2500 कैलोरी
3. कठिन परिश्रम करने वाले 3600 कैलोरी 3000 कैलोरी
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