घर की याद (प्रश्न-उत्तर)
मेरे उत्तर मेरे तर्क
1. प्रश्न: भवानीप्रसाद मिश्र ने यह कविता कहाँ और क्यों लिखी?
(क) विदेश से मित्रों के लिए
(ख) युद्धभूमि से जनता के लिए
(ग) जेल से परिवार के लिए
(घ) यात्रा से किसी संबंधी के लिए
उत्तर एवं तर्क: सही उत्तर (ग) है। कवि ने यह कविता सन 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान जेल में रहते हुए लिखी थी। कारावास के समय अपने परिवार के सदस्यों की याद आने पर उन्होंने अपनी स्मृतियों को इस कविता के माध्यम से व्यक्त किया है।
2. प्रश्न: लगातार बरसता पानी कवि के मन की किस भावना का परिचायक है?
(क) उत्साह और आवेग
(ख) भय और क्रोध
(ग) साहस और उमंग
(घ) चिंता और बेचैनी
उत्तर एवं तर्क: सही उत्तर (घ) है। कविता में कवि कहते हैं, “रात-भर गिरता रहा है, प्राण मन घिरता रहा है”। वर्षा की झड़ी कवि को घर की याद दिलाकर उन्हें व्याकुल कर देती है, जिससे उनके मन में चिंता और बेचैनी उत्पन्न होती है।
3. प्रश्न: कविता में माँ की कैसी छवि उभरती है?
(क) कमजोर और निष्क्रिय
(ख) स्नेहमयी और दृढ़
(ग) शिक्षित और अनुशासनप्रिय
(घ) सरल और उदासीन
उत्तर एवं तर्क: सही उत्तर (ख) है। माँ स्नेहमयी है क्योंकि उसकी “स्नेह-धारा” का विस्तार जेल तक महसूस होता है। वह दृढ़ भी है क्योंकि वह पिता को धैर्य बँधाती है और कहती है कि “पाँव जो पीछे हटाता, कोख को मेरी लजाता,” ताकि परिवार के अन्य सदस्य दुखी न हों।
4. प्रश्न: “वज्र-भुज नवनीत-सा उर” पंक्ति के माध्यम से पिता के व्यक्तित्व की कैसी छवि प्रस्तुत की गई है?
(क) कर्मठ और सृजनशील
(ख) साहसी और पराक्रमी
(ग) दृढ़ और संवेदनशील
(घ) प्रसन्नचित्त और सक्रिय
उत्तर एवं तर्क: सही उत्तर (ग) है। ‘वज्र-भुज’ (वज्र जैसी भुजाएँ) उनके दृढ़ और शक्तिशाली शरीर का प्रतीक हैं, जबकि ‘नवनीत-सा उर’ (मक्खन जैसा हृदय) उनकी अत्यधिक संवेदनशीलता और कोमलता को दर्शाता है।
5. प्रश्न: “एक पत्ता टूट जाए, बस कि धारा रूठ जाए” पंक्ति किस ओर संकेत करती है?
(क) पिता की कठोरता
(ख) पिता की भावुकता
(ग) वर्षा की तीव्रता
(घ) पिता की निर्बलता
उत्तर एवं तर्क: सही उत्तर (ख) है। यह पंक्ति पिता के अत्यंत भावुक स्वभाव की ओर संकेत करती है, जहाँ एक छोटी-सी बात (जैसे पत्ता टूटना) भी उन्हें इतना प्रभावित कर देती है कि उनकी आँखों से आँसुओं की धारा बहने लगती है।
6. प्रश्न: “बहन आई बाप के घर, हाय रे परिताप के घर” पंक्ति में ‘परिताप’ शब्द से क्या संकेत मिलता है?
(क) घर का समृद्ध होना
(ख) घर की सजावट
(ग) घर में दुख का वातावरण
(घ) घर की शांति
उत्तर एवं तर्क: सही उत्तर (ग) है। ‘परिताप’ का अर्थ अत्यधिक दुख या शोक होता है। बहन खुशी से पिता के घर आती है, लेकिन पाँचवें भाई (कवि) के जेल में होने के कारण उसे वहाँ दुख का वातावरण मिलता है।
7. प्रश्न: “और कहना मस्त हूँ मैं” पंक्ति में कवि का ऐसा कहना किस बात की ओर संकेत करता है?
(क) कवि अपने जीवन में बहुत खुश है।
(ख) अपने दुख को परिजनों से छिपाना चाहता है।
(ग) घर के लोगों के प्रति उदासीन है।
(घ) कवि प्राकृतिक सौंदर्य से अभिमानी है।
उत्तर एवं तर्क: सही उत्तर (ख) है। कवि सावन के माध्यम से संदेश भेजते हैं कि वे जेल में मस्त और व्यस्त हैं ताकि उनके परिजन उनके वास्तविक कष्टों को जानकर दुखी न हों।
8. प्रश्न: इस कविता में किस बात को प्रमुखता से वर्णित किया गया है?
(क) घर की शांति और सुरक्षा
(ख) घर के सदस्यों के बीच का संबंध
(ग) घर के निर्माण की प्रक्रिया
(घ) घर की याद और अकेलेपन की पीड़ा
उत्तर एवं तर्क: सही उत्तर (घ) है। कविता की केंद्रीय संवेदना कारावास के दौरान कवि को सताने वाली घर की याद और अपनों से दूर होने के अकेलेपन की पीड़ा है।
मेरी समझ मेरे विचार
प्रश्न 1: कविता में वर्णित पिता के व्यक्तित्व की उन विशेषताओं का वर्णन कीजिए जिनसे उनका बहुआयामी रूप सामने आता है।
उत्तर: कविता में कवि ने अपने पिता के व्यक्तित्व को अत्यंत प्रभावशाली और बहुआयामी रूप में चित्रित किया है। उनकी प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
शारीरिक और मानसिक सुदृढ़ता: पिता का शरीर अत्यंत शक्तिशाली है, उनकी भुजाएँ ‘वज्र’ के समान कठोर हैं, फिर भी उनका हृदय मक्खन (नवनीत) जैसा कोमल है,। वृद्धावस्था उन्हें एक क्षण के लिए भी नहीं छू पाई है; वे आज भी दौड़ सकते हैं और युवाओं की तरह खिलखिलाकर हँसते हैं,।
अदम्य साहस और कर्मठता: वे इतने बहादुर हैं कि मौत या शेर के सामने भी नहीं हिचकते। उनके बोलने में बादलों जैसी गर्जना है और काम करने की गति इतनी तीव्र है कि मानो आँधी (झंझा) भी लरज जाए,। वे प्रतिदिन गीता का पाठ करते हैं और मुगदर चलाने जैसा कठिन व्यायाम करते हैं।
अत्यधिक संवेदनशीलता: अपनी कठोरता के बावजूद वे अत्यंत भावुक हैं। अपने पाँचवें बेटे (कवि) को याद करके उनकी आँखों में आँसू आ जाते हैं,। वे अपने बच्चों से इतना प्रेम करते हैं कि एक संतान की कमी भी उन्हें गहराई तक विचलित कर देती है।
प्रश्न 2: “दुख डटकर ठेलता हूँ” यह कथन मनुष्य के संघर्षशील स्वभाव को उजागर करता है। कविता के आधार पर बताइए कि कठिन परिस्थितियों में कवि किस प्रकार धैर्य, साहस और त्याग का परिचय देता है?
उत्तर: कवि भवानीप्रसाद मिश्र 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के कारण जेल में तीन वर्ष का कारावास काट रहे हैं। इस कठिन परिस्थिति में उनका धैर्य, साहस और त्याग निम्नलिखित रूप में प्रकट होता है:
धैर्य और साहस: जेल के अकेलेपन और कष्टों के बावजूद कवि स्वयं को ‘मस्त’ बताते हैं। वे “आदमी से भागते” हैं और रातों को जागते हैं, लेकिन इस पीड़ा को चुपचाप सहते हुए भी अपने संकल्प से विचलित नहीं होते।
त्याग और परिवार के प्रति संवेदनशीलता: कवि का सबसे बड़ा त्याग यह है कि वे अपनी वास्तविक पीड़ा को अपने माता-पिता से पूरी तरह छिपा लेते हैं,। वे सावन के माध्यम से संदेश भेजते हैं कि वे जेल में लिखने-पढ़ने और सूत कातने में व्यस्त हैं और डटकर भोजन कर रहे हैं। वे यह सब इसलिए करते हैं ताकि उनके माता-पिता उन्हें याद करके दुखी न हों और उनका धैर्य बना रहे,।
प्रश्न 3: कविता में बार-बार वर्षा का वर्णन कवि के भावों को किस प्रकार व्यक्त करता है?
उत्तर: कविता में वर्षा केवल एक प्राकृतिक घटना नहीं है, बल्कि वह कवि की स्मृतियों और भावनाओं का संवाहक है:
स्मृति का प्रेरक: वर्षा की निरंतर गिरती झड़ी कवि के “प्राण और मन” को घेर लेती है और उन्हें घर की यादों में डुबो देती है। जैसे-जैसे पानी गिरता है, कवि की आँखों के सामने घर का एक-एक सदस्य और उनसे जुड़े सुख तैरने लगते हैं।
पीड़ा की अभिव्यक्ति: वर्षा की “रात-दिन की झड़ी” कवि के भीतर की उदासी और अकेलेपन को गहराई प्रदान करती है। कवि अपनी आँखों के आँसुओं और बाहर गिरते पानी के बीच एक संबंध स्थापित करते हैं।
संदेशवाहक का रूप: अंत में, कवि इन्हीं सावन के बादलों को ‘सजीले’ और ‘पुण्य पावन’ कहकर संबोधित करते हैं और उनसे आग्रह करते हैं कि वे उनके माता-पिता के पास जाकर उनकी कुशलता का संदेश दें ताकि वे अपने बेटे के लिए न तरसें,।
प्रश्न 4: कविता से उन पंक्तियों को चुनकर लिखिए और भाव स्पष्ट कीजिए जिनसे माँ की भावनात्मक मजबूती का परिचय मिलता है।
उत्तर: कविता की निम्नलिखित पंक्तियाँ माँ की भावनात्मक मज़बूती और उनके प्रेरक व्यक्तित्व को दर्शाती हैं:
“पाँव जो पीछे हटाता, कोख को मेरी लजाता,” “इस तरह होओ न कच्चे, रो पड़ेंगे और बच्चे।”
भाव: ये पंक्तियाँ तब की हैं जब कवि के पिता अपने पुत्र को याद करके रोने लगते हैं। उस समय माँ स्वयं दुख में डूबे होने के बावजूद पिता को धैर्य बँधाती हैं,। वे कहती हैं कि यदि भवानी देश की सेवा के मार्ग से पीछे हट जाता, तो यह उनकी कोख के लिए लज्जा की बात होती; अतः उसका जेल जाना बिल्कुल सही है और यही उनके परिवार की परंपरा (लीक) है। वे पिता को सचेत करती हैं कि यदि वे स्वयं कमजोर पड़ेंगे (कच्चे होंगे), तो घर के बाकी बच्चे भी रोने लगेंगे। यह माँ की असाधारण आंतरिक शक्ति का परिचय देता है।
प्रश्न 5: कविता का कौन-सा अंश आपको सबसे अधिक भावनात्मक और प्रभावी लगता है और क्यों?
उत्तर: कविता का वह अंश सबसे अधिक भावनात्मक और प्रभावी लगता है जहाँ कवि सावन के बादलों को चेतावनी देते हैं कि वे उनके घर जाकर उनकी वास्तविक स्थिति के बारे में कुछ न कह दें।
“हाइ रे, ऐसा न कहना, है कि जो वैसा न कहना, कह न देना जागता हूँ, आदमी से भागता हूँ,”
कारण: यह अंश इसलिए प्रभावी है क्योंकि यहाँ कवि का निस्वार्थ प्रेम और अपने परिवार के प्रति गहरी चिंता प्रकट होती है। कवि जेल में अत्यंत दुखी और एकाकी हैं, उन्हें नींद नहीं आती और वे लोगों से दूर भागते हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि उनके माता-पिता उन्हें ‘मस्त’ और ‘व्यस्त’ ही समझें। अपने कष्टों को छिपाकर दूसरों को सुख देने की यह भावना पाठक के हृदय को गहराई से छू लेती है।
व्याकरण की बात
1. स्थानीय भाषा के शब्दों का अर्थ और वाक्य प्रयोग
प्रश्न: “आज सबका मन चआु होगा।” उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द (चुआ) कवि की क्षेत्रीय/स्थानीय भाषा का शब्द है। कविता में स्थानीय भाषा के शब्दों का सहज प्रयोग हुआ है। कविता से कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। उनमें रेखांकित शब्दों का अर्थ स्पष्ट करते हुए उनसे नए वाक्य बनाइए।
उत्तर: पाठ में प्रयुक्त इन स्थानीय शब्दों के अर्थ और उनके नए वाक्यों में प्रयोग इस प्रकार हैं:
शब्द: छिन (पंक्ति: “एक छिन सौ बरस है रे”)
अर्थ: क्षण या पल。
वाक्य प्रयोग: परीक्षा के समय विद्यार्थी के लिए एक-एक छिन बहुत कीमती होता है।
शब्द: फलानी (पंक्ति: “तुझे बतलाता कि बेला/ ने फलानी फूल झेला”)
अर्थ: अमुक, किसी विशेष या किसी निश्चित (certain/particular) वस्तु या व्यक्ति के लिए प्रयुक्त。
वाक्य प्रयोग: मोहन ने बाज़ार से फलानी वस्तु खरीदने की ज़िद की।
शब्द: तरला (पंक्ति: “और भौजी और सरला, सहज पानी सहज तरला”)
अर्थ: तरल, बहने वाला या जल के समान。
वाक्य प्रयोग: पहाड़ी झरनों का पानी बड़ा ही तरला और शीतल होता है।
शब्द: बड़ (पंक्ति: “मन कि बड़ का झाड़ जैसे”)
अर्थ: बरगद का पेड़ (वट वृक्ष)。
वाक्य प्रयोग: हमारे गाँव के पुराने मंदिर के पास एक विशाल बड़ का पेड़ है।
2. शब्दों की व्याकरणिक पहचान
प्रश्न: नीचे दी गई कविता की पंक्तियों में आए शब्दों की व्याकरणिक पहचान (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया) लिखिए।
उत्तर: पाठ में दिए गए उदाहरण “बहुत (विशेषण) पानी (संज्ञा) गिर रहा है (क्रिया)” के आधार पर अन्य पंक्तियों का व्याकरणिक विश्लेषण इस प्रकार है:
(ख) “पिताजी जिनको बुढ़ापा, एक क्षण भी नहीं व्यापा”
बुढ़ापा: संज्ञा (भाववाचक)
व्यापा: क्रिया
जिनको: सर्वनाम
(ग) “खुले सिर नंगे बदन वह, झूमता फिरता मगन वह”
खुले: विशेषण
वह: सर्वनाम
बदन: संज्ञा
फिरता: क्रिया
(घ) “एक पत्ता टूट जाए, बस कि धारा रूठ जाए”
एक: विशेषण (संख्यावाचक)
रूठ जाए: क्रिया
पत्ता: संज्ञा
(ङ) “हे सजीले हरे सावन, हे कि मेरे पुण्य पावन”
सजीले: विशेषण
मेरे: सर्वनाम
सावन: संज्ञा