| १ |
प्रथमः पाठः |
संगच्छध्वं संवदध्वम् |
| २ |
द्वितीयः पाठः |
अल्पानामपि वस्तूनां संहतिः कार्यसाधिका |
| ३ |
तृतीयः पाठः |
सुभाषिरसं पीत्वा जीवनं सफलंचं कुरु |
| ४ |
चतुर्थः पाठः |
प्रणम्यो देशभक्तोऽयं गोपबन्धुर्महामनाः |
| ५ |
पञ्चमः पाठः |
गीता सुगीता कर्तव्या |
| ६ |
षष्ठः पाठः |
डिजिभारतम् – युगपरिवर्तनम् |
| ७ |
सप्तमः पाठः |
मञ्जुलमञ्जूषा सुन्दरसुरभाषा |
| ८ |
अष्टमः पाठः |
पश्यत कोणमैशानयं भारतस्य मनोहरम् |
| ९ |
नवमः पाठः |
कोऽरुक् ? कोऽरुक् ? कोऽरुक् ? |
| १० |
दशमः पाठः |
सन्निमित्ते वरं त्यागः (क-भागः) |
| ११ |
एकादशः पाठः |
सन्निमित्ते वरं त्यागः (ख-भागः) |
| १२ |
द्वादशः पाठः |
सम्यग्वर्णप्रयोगेण ब्रह्मलोके महीयते |
| १३ |
त्रयोदशः पाठः |
वर्णाच्चारण-शिक्षा १ |