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पाठ में दिए प्रश्नों के उत्तर
आइए, और अधिक सीखें
प्रश्न 1. यहाँ दो प्रकार के बीज दिए गए हैं। आप इनके पौधों की जड़ों और पत्तियों के शिरा-विन्यास में क्या अंतर पाते हैं?
उत्तर – बीजों के आधार पर पौधों की जड़ों और पत्तियों में अंतर:
(क) गेहूँ: यह एक एकबीजपत्री पौधा है। इसमें झकड़ा (रेशेदार) जड़ें होती हैं और पत्तियों में समांतर शिरा-विन्यास पाया जाता है।
(ख) राजमा: यह द्विबीजपत्री पौधा है। इसमें मूसला जड़ होती है और पत्तियों में जालिकारूपी शिरा-विन्यास पाया जाता है।
प्रश्न 2. नीचे कुछ जंतुओं के नाम दिए गए हैं, उनके आवास के आधार पर समूह बनाएँ। चिह्नांकित खंड ‘क’ में जलीय जंतुओं और चिह्नांकित खंड ‘ख’ में थलीय जंतुओं केनाम लिखिए। खंड ‘ग’ में दोनों आवासों में रहने वाले जंतुओं के नाम लिखिए। घोड़ा, डॉल्फिन, मेंढक, भेड़, मगरमच्छ, गिलहरी, व्हेल, केंचआ, कबूतर, कछुआ।
उत्तर – आवास के आधार पर जंतुओं का वर्गीकरण:
खंड ‘क’ (जलीय जंतु): डॉल्फिन, व्हेल।
खंड ‘ख’ (स्थलीय जंतु): घोड़ा, भेड़, गिलहरी, केंचुआ, कबूतर।
खंड ‘ग’ (दोनों आवासों में रहने वाले/उभयचर): मेंढक, मगरमच्छ, कछुआ।
प्रश्न 3. मनु की माँ की एक शाक वाटिका (किचन गार्डन) है। एक दिन वह मिट्टी से मूली उखाड़ रही थीं। उन्होंने मनु को बताया कि मूली एक प्रकार की जड़ है। एक मूली को सावधनीपर्वूक देखें और लिखें कि वह किस प्रकार की जड़ है। मूली के पौधे की पत्तियों में आपको किस प्रकार का शिरा-विन्यास दिखाई देगा?
उत्तर – मूली एक मूसला जड़ का प्रकार है। इसके पौधे की पत्तियों में जालिकारूपी शिरा-विन्यास दिखाई देगा क्योंकि मूसला जड़ वाले पौधों में आमतौर पर यही विन्यास होता है।
प्रश्न 4. नीचे दिए गए चित्रों में पर्वतीय बकरी और मैदानों में पाई जाने वाली बकरी को देखें। उनके बीच समानताएँ और अंतर बताएँ। साथ ही यह भी बताएँ कि इन अंतरों के क्या कारण हैं?
उत्तर – समानता: दोनों ही बकरियां हैं और शाकाहारी हैं।
अंतर: पर्वतीय बकरी का शरीर पहाड़ों की ठंडी जलवायु के लिए अनुकूलित होता है। मैदानी बकरी की तुलना में इनके पैर पहाड़ों पर चढ़ने के लिए विशेष रूप से सक्षम हो सकते हैं।
कारण: यह अंतर अनुकूलन (Adaptation) के कारण है, जो जीव को उसके विशिष्ट आवास में जीवित रहने में मदद करता है।
प्रश्न 5. पाठ में चर्चा की गई विशेषताओ के अतिरिक्त किसी अन्य विशेषता के आधारपर निम्नलिखित जंतुओं के दो समूह बनाएँ — गाय, तिलचट्टा (कॉकरोच), कबूतर, चमगादड़, व्हेल, कछुआ, मछली, टिड्डा, छिपकली।
उत्तर – समूह 1 (उड़ने वाले): कबूतर, चमगादड़, टिड्डा।
समूह 2 (न उड़ने वाले): गाय, तिलचट्टा, व्हेल, कछुआ, मछली, छिपकली।
प्रश्न 6. जनसंख्या के बढ़ने और मनुष्यों के द्वारा अधिक सुविधाजनक जीवन की चाह में विभिन्न आवश्यकताओ की पूर्ति के लिए वनों की कटाई की जा रही है। यह हमारे आस-पास के परिवेश को कैसे प्रभावित कर सकता है? आपके विचार से हम इस चुनौती का निदान कैसे कर सकते हैं?
उत्तर – वनों की कटाई का प्रभाव: आवास नष्ट होने से पौधे और जंतु अपने घर और भोजन से वंचित हो जाते हैं, जिससे जैव विविधता की हानि होती है।
निदान: हम अधिक से अधिक पेड़ लगाकर, ‘पवित्र उपवनों’ का संरक्षण करके और सरकार की ‘बाघ’ या ‘चीता’ जैसी संरक्षण परियोजनाओं का समर्थन करके इसका निदान कर सकते हैं।
प्रश्न 7. फ्लोचार्ट का विश्लेषण करें। इसमें ‘क’ और ‘ख’ के कौन-कौन-से उदाहरण हो सकते हैं?
उत्तर – ‘क’ का उदाहरण: गुड़हल या नीम (जिसमें पत्तियाँ और जालिकारूपी शिरा-विन्यास होता है)।
‘ख’ का उदाहरण: मक्का या घास (जिसमें पत्तियाँ तो होती हैं पर समांतर शिरा-विन्यास होता है)।
प्रश्न 8. राज अपने मित्र संजय से तर्क करता है, “गड़ुहल का पौधा एक झाड़ी है।” संजय इसके स्पष्टीकरण के लिए कौन से प्रश्न पूछ सकता है?
उत्तर – संजय पूछ सकता है: “क्या इस पौधे का तना कठोर है पर बहुत मोटा नहीं है?” या “क्या इसकी शाखाएं भूमि के बिल्कुल पास से निकलती हैं?”।
प्रश्न 9. तालिका में कुछ आँकड़े दिए गए हैं। आँकड़ों के समूह के आधार पर इन पौधों के उदाहरण का पता लगाइए।
| समूह | बीज का प्रकार | जड़ का प्रकार | उदाहरण |
| क | द्विबीजपत्री | मूसला जड़ | |
| ख | एकबीजपत्री | झकड़ा जड़ |
(I) समूह ‘क’ के पौधों में और क्या समानताएँ हैं?
(II) समूह ‘ख’ के पौधों में और क्या समानताएँ हैं?
उत्तर – समूह ‘क’ (द्विबीजपत्री, मूसला जड़): उदाहरण – चना या सरसों। अन्य समानता – पत्तियों में जालिकारूपी शिरा-विन्यास।
समूह ‘ख’ (एकबीजपत्री, झकड़ा जड़): उदाहरण – गेहूँ या मक्का। अन्य समानता – पत्तियों में समांतर शिरा-विन्यास
प्रश्न 10. नीचे दिए गए चित्र में बत्तख के नामंकित भाग को देखें। बत्तख के पंजों में अन्य पक्षियों की तुलना में आपको क्या भिन्नता दिखाई देती है? बत्तख अपने इस भाग का उपयोग करके कौन-सी गतिविधि करने में सक्षम होगी?
उत्तर – बतख के पंजों की भिन्नता: बतख के पंजे झिल्लीयुक्त (Webbed) होते हैं।
बतख के पंजों का उपयोग: बतख अपने इन पंजों का उपयोग जल में तैरने के लिए करती है।
अतिरिक्त प्रश्न-उत्तर
प्रश्न :- जैव विविधता क्या है?
उत्तर :- किसी विशेष क्षेत्र में पाए जाने वाले पौधों और जंतुओं की विविधता।
प्रश्न :- पौधे और जंतु एक-दूसरे पर कैसे निर्भर हैं?
उत्तर: भोजन, आश्रय और बीजों के फैलाव के लिए।
प्रश्न :- क्या सभी पक्षियों की चहचहाहट एक जैसी होती है?
उत्तर: नहीं, प्रत्येक पक्षी की अपनी अलग चहचहाहट होती है।
प्रश्न :- पर्यावरण की रक्षा क्यों आवश्यक है?
उत्तर: ताकि सभी जीव सुरक्षित रहें और फलते-फूलते रहें।
प्रश्न :- शाक (Herb) किसे कहते हैं?
उत्तर: वे छोटे पौधे जिनके तने कोमल और हरे होते हैं।
प्रश्न :- शाक का एक उदाहरण दें।
उत्तर: टमाटर।
प्रश्न :- झाड़ी (Shrub) की विशेषता क्या है?
उत्तर: इनके तने कठोर होते हैं और शाखाएं भूमि के निकट से निकलती हैं।
प्रश्न :- झाड़ी का एक उदाहरण दें।
उत्तर: गुलाब।
प्रश्न :- वृक्ष (Tree) किसे कहते हैं?
उत्तर: वे ऊँचे पौधे जिनका तना मोटा, कठोर और भूरा होता है।
प्रश्न :- वृक्ष का एक उदाहरण दें।
उत्तर: आम।
प्रश्न :- आरोही लता (Climber) क्या है?
उत्तर: वे पौधे जो ऊपर चढ़ने के लिए सहायता लेते हैं।
प्रश्न :- विसर्पी लता (Creeper) किसे कहते हैं?
उत्तर: जो पौधे भूमि की सतह पर फैलकर बढ़ते हैं।
प्रश्न :- पौधों के वर्गीकरण का मुख्य आधार क्या है?
उत्तर: उनकी ऊँचाई, तने का प्रकार और शाखाओं का पैटर्न।
प्रश्न :- मरुस्थलीय पौधों के तने कैसे होते हैं?
उत्तर: मोटे और मांसल।
प्रश्न :- शिराएं (Veins) क्या हैं?
उत्तर: पत्तियों पर दिखने वाली पतली रेखाएं।
प्रश्न :- शिरा-विन्यास किसे कहते हैं?
उत्तर: पत्तियों पर शिराओं द्वारा बनाया गया पैटर्न।
प्रश्न :- जालिकारूपी शिरा-विन्यास क्या है?
उत्तर: जब शिराएं मध्य शिरा के दोनों ओर जाल जैसा पैटर्न बनाती हैं।
प्रश्न :- जालिकारूपी शिरा-विन्यास का एक उदाहरण दें।
उत्तर: गुड़हल।
प्रश्न :- समांतर शिरा-विन्यास किसे कहते हैं?
उत्तर: जब शिराएं एक-दूसरे के समांतर चलती हैं।
प्रश्न :- समांतर शिरा-विन्यास का उदाहरण दें।
उत्तर: घास या केला।
प्रश्न :- पत्तियों का हरा रंग किस कारण होता है?
उत्तर: हरी शिराओं और कोमल ऊतकों के कारण।
प्रश्न :- नीम की पत्तियों की सतह कैसी होती है?
उत्तर: चिकनी।
प्रश्न :- तुलसी की पत्तियां तने पर कैसे व्यवस्थित होती हैं?
उत्तर: जोड़ी में एक-दूसरे के सम्मुख।
प्रश्न :- घास की पत्तियां किस प्रकार का शिरा-विन्यास दिखाती हैं?
उत्तर: समांतर।
प्रश्न :- मूसला जड़ (Tap Root) क्या है?
उत्तर: एक मुख्य जड़ जिससे छोटी पार्श्व जड़ें निकलती हैं।
प्रश्न :- मूसला जड़ का एक उदाहरण दें।
उत्तर: सरसों या गुड़हल।
प्रश्न :- झकड़ा या रेशेदार जड़ (Fibrous Root) क्या है?
उत्तर: तने के आधार से निकलने वाली समान माप की जड़ों का गुच्छा।
प्रश्न :- झकड़ा जड़ का उदाहरण दें।
उत्तर: घास या गेहूं।
प्रश्न :- जालिकारूपी शिरा-विन्यास का संबंध किस जड़ से है?
उत्तर: मूसला जड़ से।
प्रश्न :- समांतर शिरा-विन्यास वाली पत्तियों में कौन सी जड़ होती है?
उत्तर: झकड़ा (रेशेदार) जड़।
प्रश्न :- क्या मूली एक जड़ है?
उत्तर: हाँ।
प्रश्न :- लेमन घास में किस प्रकार की जड़ पाई जाती है?
उत्तर: झकड़ा जड़।
प्रश्न :- सदाबहार (पेरीविंकल) में कौन सी जड़ होती है?
उत्तर: मूसला जड़।
प्रश्न :- चने के पौधे में किस प्रकार की जड़ होती है?
उत्तर: मूसला जड़।
प्रश्न :- बीजपत्र (Cotyledon) क्या है?
उत्तर: बीज आवरण के अंदर बीज का भाग।
प्रश्न :- एकबीजपत्री (Monocot) पौधे क्या हैं?
उत्तर: जिनके बीजों में केवल एक बीजपत्र होता है।
प्रश्न :- एकबीजपत्री पौधे का उदाहरण दें।
उत्तर: मक्का या गेहूं।
प्रश्न :- द्विबीजपत्री (Dicot) पौधे क्या हैं?
उत्तर: जिनके बीजों में दो बीजपत्र होते हैं।
प्रश्न :- द्विबीजपत्री पौधे का उदाहरण दें।
उत्तर: चना या राजमा।
प्रश्न :- द्विबीजपत्री पौधों में किस प्रकार की जड़ होती है?
उत्तर: मूसला जड़।
प्रश्न :- एकबीजपत्री पौधों में शिरा-विन्यास कैसा होता है?
उत्तर: समांतर।
प्रश्न :- चने के बीज को भिगोने पर क्या दिखता है?
उत्तर: वह दो भागों (बीजपत्रों) में विभक्त हो जाता है।
प्रश्न :- राजमा किस समूह का बीज है?
उत्तर: द्विबीजपत्री।
प्रश्न :- बीज के प्रकार और जड़ के प्रकार में क्या संबंध है?
उत्तर: एकबीजपत्री में झकड़ा जड़ और द्विबीजपत्री में मूसला जड़ होती है।
प्रश्न :- आवास (Habitat) क्या है?
उत्तर: वह स्थान जहाँ पौधे और जंतु रहते हैं।
प्रश्न :- थलीय आवास किसे कहते हैं?
उत्तर: स्थल (भूमि) पर रहने वाले जीवों का आवास।
प्रश्न :- थलीय आवास का उदाहरण दें।
उत्तर: वन, घास के मैदान या मरुस्थल।
प्रश्न :- जलीय आवास किसे कहते हैं?
उत्तर: जल में रहने वाले जीवों का आवास।
प्रश्न :- जलीय आवास का उदाहरण दें।
उत्तर: तालाब, नदी या महासागर।
प्रश्न :- उभयचर (Amphibian) जंतु क्या हैं?
उत्तर: जो जल और थल दोनों पर रह सकते हैं।
प्रश्न :- उभयचर का उदाहरण दें।
उत्तर: मेंढक।
प्रश्न :- मछली तैरने के लिए किसका उपयोग करती है?
उत्तर: अपने पखों (fins) का।
प्रश्न :- धारारेखित (Streamlined) शरीर किसमें पाया जाता है?
उत्तर: मछलियों में।
प्रश्न :- चींटी के कितने पैर होते हैं?
उत्तर: छह।
प्रश्न :- कौआ कहाँ रहता है?
उत्तर: वृक्षों पर।
प्रश्न :- केंचुए का आवास क्या है?
उत्तर: मिट्टी।
प्रश्न :- व्हेल कहाँ पाई जाती है?
उत्तर: महासागर में।
प्रश्न :- ऊँट का आवास क्या है?
उत्तर: मरुस्थल।
प्रश्न :- पक्षी उड़ने के लिए किसका उपयोग करते हैं?
उत्तर: पंखों का।
प्रश्न :- अनुकूलन किसे कहते हैं?
उत्तर: वे विशिष्ट विशेषताएँ जो जीवों को किसी विशेष क्षेत्र में जीवित रहने में सक्षम बनाती हैं।
प्रश्न :- नागफनी मरुस्थल में कैसे जीवित रहती है?
उत्तर: मांसल तने में जल संचित करके।
प्रश्न :- देबदार (Cedar) के वृक्ष की आकृति कैसी होती है?
उत्तर: शंकुाकार।
प्रश्न :- पर्वतीय क्षेत्रों के वृक्षों की शाखाएं कैसी होती हैं?
उत्तर: लचीली और झुकी हुई।
प्रश्न :- गर्म मरुस्थल के ऊँट के पैर कैसे होते हैं?
उत्तर: लंबे और चौड़े खुर वाले।
प्रश्न :- ठंडे मरुस्थल के ऊँट (लद्दाख) की विशेषता क्या है?
उत्तर: इनके दो कूबड़ होते हैं और कद छोटा होता है।
प्रश्न :- ऊँट अपने कूबड़ में क्या संचित करते हैं?
उत्तर: भोजन (कमी के समय उपयोग के लिए)।
प्रश्न :- मरुस्थलीय ऊँट पसीना क्यों नहीं त्यागते?
उत्तर: शरीर में जल को बचाने के लिए।
प्रश्न :- बुरांस (Rhododendron) कहाँ पाया जाता है?
उत्तर: पर्वतीय क्षेत्रों में।
प्रश्न :- पर्वतीय बकरी की क्या विशेषता है?
उत्तर: घने बाल और मजबूत खुर।
प्रश्न :- मछलियों का शरीर धारारेखित क्यों होता है?
उत्तर: जल में आसानी से तैरने के लिए।
प्रश्न :- लद्दाख के ऊँट के शरीर पर लंबे बाल क्यों होते हैं?
उत्तर: बर्फीले मौसम से बचने के लिए।
प्रश्न :- बतख के पंजे कैसे होते हैं?
उत्तर: झिल्लीयुक्त (Webbed)।
प्रश्न :- झिल्लीयुक्त पंजे बतख को क्या करने में मदद करते हैं?
उत्तर: पानी में तैरने में।
प्रश्न :- क्या आवास नष्ट होने से जैव विविधता को हानि होती है?
उत्तर: हाँ।
प्रश्न :- जानकी अम्माल कौन थीं?
उत्तर: एक भारतीय वनस्पतिशास्त्री जिन्होंने जैव विविधता संरक्षण में मदद की।
प्रश्न :- ‘साइलेंट वैली बचाओ’ आंदोलन कहाँ हुआ था?
उत्तर: केरल के पलक्कड़ जनपद में।
प्रश्न :- साइलेंट वैली आंदोलन किस नदी पर बांध के विरुद्ध था?
उत्तर: कुंतीपुडा नदी।
प्रश्न :- सालिम अली को किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर: ‘भारत का पक्षी पुरुष’ (Bird Man of India)।
प्रश्न :- सालिम अली को किस सम्मान से सम्मानित किया गया?
उत्तर: पद्म विभूषण (1976)।
प्रश्न :- केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान कहाँ स्थित है?
उत्तर: भरतपुर, राजस्थान।
प्रश्न :- रंगनाथिट्टू पक्षी अभयारण्य कहाँ है?
उत्तर: मांड्या, कर्नाटक।
प्रश्न :- बाघ परियोजना (Project Tiger) किस वर्ष शुरू हुई?
उत्तर: 1973।
प्रश्न :- चीता पुनर्वस परियोजना कब प्रारंभ हुई?
उत्तर: 2022।
प्रश्न :- गोडावण (Great Indian Bustard) का आवास कहाँ संरक्षित है?
उत्तर: गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र।
प्रश्न :- पवित्र उपवन (Sacred Groves) क्या हैं?
उत्तर: स्थानीय समुदायों द्वारा संरक्षित पारंपरिक वन क्षेत्र।
प्रश्न :- पवित्र उपवन में क्या वर्जित है?
उत्तर: पेड़ों को काटना या जीव-जंतुओं को हानि पहुँचाना।
प्रश्न :- भारत का राष्ट्रीय पशु कौन है?
उत्तर: बंगाल बाघ।
प्रश्न :- क्या घास एक शाक है?
उत्तर: हाँ।
प्रश्न :- पौधों की शाखाएं तने के ऊपरी भाग से कहाँ निकलती हैं?
उत्तर: वृक्षों में।
प्रश्न :- जैव संपदा क्या है?
उत्तर: हमारे आसपास की प्राकृतिक वनस्पति और जीव-जंतु।
प्रश्न :- वन कटाई से पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: आवास नष्ट होते हैं और जैव विविधता की हानि होती है।
प्रश्न :- हमें अपने ग्रह को जीवन से भरपूर रखने के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर: जैव विविधता की रक्षा करनी चाहिए।
प्रश्न :- शाक और झाड़ी में दो मुख्य अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: शाक छोटे आकार के पौधे होते हैं जिनके तने हरे और कोमल होते हैं। इसके विपरीत, झाड़ी मध्यम आकार के पौधे होते हैं जिनके तने कठोर और भूरे होते हैं, और शाखाएं भूमि के निकट से निकलती हैं।
प्रश्न :- जालिका-रूपी शिरा-विन्यास (Reticulate Venation) क्या है? एक उदाहरण दें।
उत्तर: जब पत्ती की शिराएं मध्य शिरा के दोनों ओर एक जाल जैसा पैटर्न बनाती हैं, तो इसे जालिका-रूपी शिरा-विन्यास कहते हैं। इसका एक प्रमुख उदाहरण गुड़हल की पत्ती है।
प्रश्न :- समांतर शिरा-विन्यास (Parallel Venation) की विशेषता बताइए।
उत्तर: इस प्रकार के विन्यास में शिराएं एक-दूसरे के समांतर चलती हैं। घास और केले की पत्तियों में समांतर शिरा-विन्यास पाया जाता है।
प्रश्न :- मूसला जड़ और झकड़ा जड़ में क्या अंतर है?
उत्तर: मूसला जड़ में एक मुख्य जड़ होती है जिससे छोटी पार्श्व जड़ें निकलती हैं। झकड़ा जड़ में तने के आधार से समान माप की जड़ों का एक गुच्छा निकलता है।
प्रश्न :- अनुकूलन (Adaptation) की परिभाषा दीजिए।
उत्तर: वे विशिष्ट शारीरिक विशेषताएँ या आदतें जो पौधों और जंतुओं को उनके विशेष परिवेश या आवास में जीवित रहने में सक्षम बनाती हैं, अनुकूलन कहलाती हैं।
प्रश्न :- उभयचर (Amphibian) जंतु किन्हें कहते हैं? उदाहरण दें।
उत्तर: जो जंतु जल और थल दोनों ही आवासों में रहने के योग्य होते हैं, उन्हें उभयचर कहते हैं। मेंढक इसका एक प्रमुख उदाहरण है।
प्रश्न :- मरुस्थलीय पौधों (जैसे नागफनी) में क्या विशेष अनुकूलन पाया जाता है?
उत्तर: इन पौधों के तने मोटे और मांसल होते हैं जो जल को संग्रहित कर सकते हैं, जिससे वे शुष्क परिस्थितियों में जीवित रह पाते हैं।
प्रश्न :- मछली का शरीर तैरने के लिए कैसे अनुकूलित होता है?
उत्तर: मछलियों का शरीर धारारेखित (Streamlined) होता है और उनके पास पख (Fins) होते हैं, जो उन्हें जल में आसानी से गति करने में मदद करते हैं।
प्रश्न :- एकबीजपत्री (Monocot) और द्विबीजपत्री (Dicot) बीजों में अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर: द्विबीजपत्री बीजों के अंदर दो बीजपत्र होते हैं (जैसे- चना), जबकि एकबीजपत्री बीजों में केवल एक ही बीजपत्र पाया जाता है (जैसे- मक्का)।
प्रश्न :- पवित्र उपवन (Sacred Groves) का महत्व क्या है?
उत्तर: ये स्थानीय समुदायों द्वारा संरक्षित पारंपरिक वन क्षेत्र हैं जो कई औषधीय पौधों और विविध जीव-जंतुओं के घर होते हैं, जहाँ पेड़ों को काटना वर्जित होता है।
प्रश्न :- जैव विविधता (Biodiversity) से आप क्या समझते हैं? यह क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: किसी विशेष क्षेत्र में पाए जाने वाले पौधों और जंतुओं की विविधता को जैव विविधता कहते हैं। यह पर्यावरण के संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पौधे और जंतु भोजन, आश्रय और बीजों के फैलाव के लिए एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं।
प्रश्न :- पत्ती के शिरा-विन्यास और जड़ के प्रकार के बीच संबंध का वर्णन करें।
उत्तर: सामान्यतः जिन पौधों की पत्तियों में जालिका-रूपी शिरा-विन्यास होता है, उनमें मूसला जड़ें पाई जाती हैं। इसके विपरीत, जिन पौधों में समांतर शिरा-विन्यास होता है, उनमें झकड़ा (रेशेदार) जड़ें पाई जाती हैं।
प्रश्न :- पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले वृक्षों (जैसे देवदार) के अनुकूलन स्पष्ट करें।
उत्तर: इन वृक्षों की आकृति शंकुाकार (Conical) होती है और शाखाएं लचीली व नीचे की ओर झुकी होती हैं। यह बनावट बर्फ को उन पर टिकने नहीं देती और वह आसानी से नीचे फिसल जाती है।
प्रश्न :- गर्म और ठंडे मरुस्थल के ऊँटों के शारीरिक अनुकूलन की तुलना कीजिए।
उत्तर: गर्म मरुस्थल के ऊँटों के पैर लंबे और खुर चौड़े होते हैं जो रेत में चलने में सहायक हैं। ठंडे मरुस्थल (लद्दाख) के ऊँटों के पैर छोटे होते हैं और उनके शरीर पर लंबे बाल होते हैं जो उन्हें बर्फीली ठंड से बचाते हैं।
प्रश्न :- सालिम अली (Salim Ali) का प्रकृति संरक्षण में क्या योगदान रहा है?
उत्तर: उन्हें ‘भारत का पक्षी पुरुष’ कहा जाता है। उन्होंने पक्षियों की विविधता के संरक्षण के लिए पूरे भारत की यात्रा की, उनकी सूची बनाई और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान जैसे संरक्षित क्षेत्रों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रश्न :- ‘साइलेंट वैली बचाओ’ आंदोलन की सफलता की कहानी संक्षेप में लिखिए।
उत्तर: यह आंदोलन केरल में कुंतीपुड़ा नदी पर प्रस्तावित जलविद्युत बाँध के विरुद्ध था। आम जनता के व्यापक विरोध और कानूनी लड़ाई के कारण इस समृद्ध जैव विविधता वाले सदाबहार जंगल को नष्ट होने से बचाया जा सका।
प्रश्न :- जानकी अम्माल का वनस्पतिशास्त्र के क्षेत्र में क्या योगदान है?
उत्तर: वे एक भारतीय वनस्पतिशास्त्री थीं जिन्होंने भारत की समृद्ध जैव विविधता के प्रलेखन (Documentation) और संरक्षण में मदद की। उन्होंने ‘साइलेंट वैली बचाओ’ आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रश्न :- आवास (Habitat) की क्षति जैव विविधता को कैसे प्रभावित करती है?
उत्तर: जब पौधों और जंतुओं का आवास नष्ट होता है, तो वे अपने भोजन, घर और संसाधनों से वंचित हो जाते हैं। इससे उनकी संख्या घटने लगती है और अंततः जैव विविधता की हानि होती है।
प्रश्न :- भारत सरकार द्वारा वन्यजीव संरक्षण के लिए चलाई जा रही किन्हीं तीन परियोजनाओं का उल्लेख करें।
उत्तर:
1. वर्ष 1973 में शुरू की गई ‘बाघ परियोजना’ (Project Tiger)।
2. वर्ष 2022 में शुरू की गई ‘चीता पुनर्वास परियोजना’।
3. राजस्थान और गुजरात में गोडावण (Great Indian Bustard) के आवासों का संरक्षण।
प्रश्न : ऊँचाई और तने की प्रकृति के आधार पर पौधों का वर्गीकरण विस्तार से समझाते हुए प्रत्येक का उदाहरण दीजिए।
उत्तर: ऊँचाई और तने के प्रकार के आधार पर पौधों को तीन मुख्य समूहों में बाँटा जा सकता है:
- शाक (Herb): ये छोटे पौधे होते हैं जिनका तना कोमल, हरा और पतला होता है, जैसे- टमाटर।
- झाड़ी (Shrub): ये मध्यम आकार के पौधे होते हैं जिनके अनेक कठोर और भूरे रंग के काष्ठीय तने होते हैं, जो भूमि के निकट से निकलते हैं, जैसे- गुलाब।
- वृक्ष (Tree): ये बहुत ऊँचे पौधे होते हैं जिनका तना मोटा, कठोर और भूरा होता है, और शाखाएँ तने के ऊपरी भाग से निकलती हैं, जैसे- आम। इसके अतिरिक्त, कमजोर तने वाले पौधे जो सहायता से चढ़ते हैं आरोही लता कहलाते हैं और जो भूमि पर फैलते हैं वे विसर्पी लता कहलाते हैं।
प्रश्न : पौधों में बीज के प्रकार, जड़ तंत्र और शिरा-विन्यास के बीच क्या संबंध पाया जाता है? उदाहरण सहित स्पष्ट करें।
उत्तर: पौधों के इन तीन अंगों के बीच एक गहरा प्राकृतिक संबंध होता है जिसे दो समूहों में समझा जा सकता है:
- द्विबीजपत्री (Dicot): इन पौधों के बीजों में दो बीजपत्र होते हैं। इनकी पत्तियों में जालिका-रूपी शिरा-विन्यास (मध्य शिरा के दोनों ओर जाल) और जड़ तंत्र में मूसला जड़ (एक मुख्य जड़ और पार्श्व जड़ें) पाई जाती है, जैसे- चना या राजमा।
- एकबीजपत्री (Monocot): इनके बीजों में केवल एक बीजपत्र होता है। इनकी पत्तियों में समांतर शिरा-विन्यास और जड़ तंत्र में झकड़ा या रेशेदार जड़ें (समान आकार की जड़ों का गुच्छा) पाई जाती हैं, जैसे- मक्का, गेहूँ या घास।
प्रश्न : ‘अनुकूलन’ (Adaptation) से क्या तात्पर्य है? मरुस्थलीय और पर्वतीय पौधों के उदाहरण देकर समझाएं।
उत्तर: अनुकूलन वे विशिष्ट शारीरिक विशेषताएँ या आदतें हैं जो पौधों और जंतुओं को किसी विशेष क्षेत्र या आवास में जीवित रहने में सक्षम बनाती हैं।
- मरुस्थलीय अनुकूलन: नागफनी जैसे पौधों के तने मोटे और मांसल होते हैं जो जल को संग्रहित करते हैं, जिससे वे शुष्क और गर्म परिस्थितियों में जीवित रह पाते हैं।
- पर्वतीय अनुकूलन: देवदार जैसे वृक्षों की आकृति शंकुाकार (Conical) होती है और शाखाएँ लचीली व नीचे की ओर झुकी होती हैं ताकि उन पर गिरने वाली बर्फ आसानी से फिसल जाए और जमे नहीं।
प्रश्न : आवास (Habitat) किसे कहते हैं? थलीय और जलीय आवासों के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए उभयचरों के बारे में बताइए।
उत्तर: वह स्थान जहाँ पौधे और जंतु रहते हैं और जहाँ उन्हें भोजन, जल, वायु और आश्रय मिलता है, उसे उनका आवास कहते हैं।
- थलीय आवास: स्थल या भूमि पर रहने वाले जीवों का आवास, जैसे- वन, घास के मैदान, मरुस्थल और पर्वतीय क्षेत्र।
- जलीय आवास: जल में रहने वाले जीवों का आवास, जैसे- तालाब, नदियाँ, झीलें और महासागर।
- उभयचर (Amphibians): मेंढक जैसे कुछ जंतु जो जल और थल दोनों ही आवासों में जीवित रहने के योग्य होते हैं, उन्हें उभयचर कहते हैं।
प्रश्न : गर्म मरुस्थल (राजस्थान) और ठंडे मरुस्थल (लद्दाख) में पाए जाने वाले ऊँटों के शारीरिक अनुकूलन की तुलना कीजिए।
उत्तर: आवास की भिन्नता के कारण दोनों क्षेत्रों के ऊँटों में अलग-अलग अनुकूलन पाए जाते हैं:
- गर्म मरुस्थल के ऊँट: इनके पैर लंबे और खुर चौड़े होते हैं जो रेतीली भूमि में बिना धँसे चलने में सहायक हैं। ये कम मूत्र विसर्जित करते हैं और पसीना नहीं छोड़ते ताकि शरीर में जल बचा रहे। इनका एक कूबड़ होता है जहाँ भोजन संचित रहता है।
- ठंडे मरुस्थल के ऊँट: इनकी ऊँचाई और पैर तुलनात्मक रूप से छोटे होते हैं जो पहाड़ी क्षेत्रों में चलने में मदद करते हैं। इनके शरीर पर लंबे बाल होते हैं जो बर्फीली ठंड से बचाते हैं और इनके दो कूबड़ होते हैं जिनमें संचित भोजन का उपयोग वे भोजन की कमी के दौरान करते हैं।
प्रश्न : ‘भारत का पक्षी पुरुष’ सालिम अली के कार्यों और प्रकृति संरक्षण में उनके योगदान का वर्णन कीजिए।
उत्तर: सालिम अली (1896–1987) को उनके महत्वपूर्ण कार्यों के लिए ‘भारत का पक्षी पुरुष’ (Bird Man of India) कहा जाता है:
- उन्होंने पक्षियों की विविधता के अवलोकन के लिए पूरे भारत की यात्रा की और सभी पक्षियों की एक विस्तृत सूची तैयार की।
- उन्होंने पक्षियों के यात्रा मार्गों और उनके आवासों का दस्तावेजीकरण (Documentation) किया।
- भरतपुर (राजस्थान) का केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान और मांड्या (कर्नाटक) का रंगनाथिट्टू पक्षी अभयारण्य जैसे संरक्षित क्षेत्रों की स्थापना में उनकी प्रमुख भूमिका रही।
- उन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप के पक्षियों पर 10 खंडों की एक ऐतिहासिक पुस्तक श्रृंखला लिखी, जिसके लिए उन्हें 1976 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
प्रश्न : ‘साइलेंट वैली बचाओ’ आंदोलन क्या था? इसकी सफलता के कारणों और इसके महत्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: यह आंदोलन केरल के पलक्कड़ जिले में स्थित एक समृद्ध सदाबहार जंगल ‘साइलेंट वैली’ को बचाने के लिए आम जनता द्वारा चलाया गया था:
- कारण: यह संघष कुंतीपुड़ा नदी पर प्रस्तावित एक जलविद्युत बाँध के विरुद्ध था जो इस जंगल की जैव विविधता को नष्ट कर देता।
- सफलता के साधन: लोगों ने व्यापक जागरूकता कार्यक्रम, समाचार-पत्रों में लेख, सेमिनार और अंत में न्यायालय में याचिकाओं जैसे अहिंसक और संवैधानिक साधनों का उपयोग किया।
- महत्व: यह आंदोलन लगभग दस वर्षों तक चला और अंततः जंगल को बचाने में सफल रहा, जिससे यह साबित हुआ कि सामूहिक जन-शक्ति पर्यावरण संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
प्रश्न : जैव विविधता (Biodiversity) से आप क्या समझते हैं? पौधे और जंतु एक-दूसरे पर किस प्रकार निर्भर हैं?
उत्तर: किसी विशेष क्षेत्र में पाए जाने वाले पौधों और जंतुओं की विविधता को उस क्षेत्र की जैव विविधता कहते हैं। प्रकृति में प्रत्येक जीव की एक अलग भूमिका होती है और वे एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं:
- भोजन और आश्रय: पेड़-पौधे कई पक्षियों और जंतुओं को भोजन के साथ-साथ सुरक्षित आवास या आश्रय प्रदान करते हैं।
- बीजों का फैलाव: जंतु जब फल खाते हैं, तो वे उनके बीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक फैलाने में सहायता करते हैं, जिससे नए पौधों का जन्म होता है। यह अंतर्निर्भरता प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
प्रश्न : भारत सरकार द्वारा वन्यजीवों और उनके आवासों के संरक्षण के लिए चलाई जा रही प्रमुख परियोजनाओं का विवरण दें।
उत्तर: मानवीय गतिविधियों के कारण घटती जैव विविधता को बचाने के लिए भारत सरकार ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की हैं:
- बाघ परियोजना (Project Tiger): बंगाल बाघों की घटती संख्या को रोकने के लिए इसे वर्ष 1973 में आरंभ किया गया था।
- चीता पुनर्वास परियोजना: वर्ष 2022 में चीतों की संख्या को भारत में पुनः स्थापित करने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया।
- गोडावण संरक्षण: गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र राज्यों में गोडावण (Great Indian Bustard) के आवासों को ‘संरक्षित क्षेत्र’ घोषित किया गया है ताकि उनकी विलुप्त होती प्रजाति को बचाया जा सके।