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पाठ में दिए प्रश्नों के उत्तर

आइए,और अधिक सीखें

प्रश्न 1 – निम्नलिखित का मिलन कीजिए-

उत्तर – (i) पृथ्वी का उपग्रह — (घ) चंद्रमा

(ii) लाल ग्रह — (ग) मंगल (इसकी मृदा लाल होने के कारण)

(iii) तारा-मंडल — (क) ओरियन (जिसे शिकारी भी कहा जाता है)

(iv) सांध्य तारा — (ख) शुक्र (जो भोर या संध्या के समय चमकता है)

प्रश्न 2 – (क) निम्नलिखित पहेलियों को हल कीजिए —

(क) मेरे नाम का पहला अक्षर मंत्रणा में है यंत्रणा में नहीं,
मेरे नाम का दूसरा अक्षर गगन और सागर दोनों में है
मेरे नाम का तीसरा अक्षर जल में है जग में नहीं,
मैं सर्यू की परिक्रमा करने वाला एक ग्रह हूँ।

उत्तर –  मंगल
(ख) इस प्रकार की दो पहले ियाँ आप स्वयं बनाइए।

प्रश्न 3 –  निम्नलिखित में से कौन सौर परिवार का सदस्य नहीं है?
(क) लुब्धक (ग) धूमकेतु
(ख) क्षुद्रग्रह (घ) प्‍लूटो

उत्तर – (क) लुब्धक

प्रश्न 4. निम्नलिखित में से कौन सर्यू का ग्रह नहीं है?
(क) बहृस्पति (ग) प्‍लूटो
(ख) वरुण (घ) शनि

उत्तर –  (ग) प्लूटो है।

प्रश्न – 5 ध्रुवतारा और लुब्धक में से कौन अधिक चमकदार तारा है?

उत्तर – लुब्धक (Sirius) ध्रुव तारे से अधिक चमकदार है। लुब्धक रात्रि-आकाश का सबसे चमकीला तारा है, जबकि ध्रुव तारा बहुत अधिक चमकीला नहीं होता।

प्रश्न – 6 सौर परिवार का किसी चित्रकार द्वारा बनाया गया चि त्र 12.12 में दर्शाया गया है। क्या इसमें ग्रहों का क्रम ठीक है? यदि ठीक नहीं है तो चित्र के नीचे दि‍ए गए बॉक्स में उनका सही क्रम लिखि‍ए।

उत्तर – चित्र 12.12 में ग्रहों का क्रम गलत हो सकता है। सूर्य से बढ़ती दूरी के अनुसार सही क्रम है: बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और वरुण।

प्रश्न – 7 रात्रि-आकाश का एक भाग चि त्र 12.13 में दर्शाया गया है। बिग डिपर एवं लिटिल डिपर के तारों को सरल रेखाओ द्वारा जोड़ि‍ए। ध्रुवतारे को पहचानिए और चित्र में इसका नाम लिखिए।

उत्तर – बिग डिपर (सप्तर्षि) के कप के अंतिम दो तारों को जोड़ने वाली काल्पनिक रेखा को उत्तर की ओर लगभग पाँच गुना आगे बढ़ाने पर जो तारा मिलता है, वह ध्रुव तारा (Pole Star) है।

प्रश्न – 8 रात्रि-आकाश का एक भाग चित्र 12.14 में दर्शाया गया हैं। इसमें ओरायन तारा-मंडल के तारों को सरल रेखाओ द्वारा जोड़ि‍ए। तारे लुब्धक का नाम अंकित कीजि ए। इसके लिए आप चित्र 12.3 की सहायता ले सकते हैं।

उत्तर – ओरियन तारा-मंडल के बीच के तीन तारों (शिकारी की बेल्ट) से गुजरने वाली सरल रेखा की कल्पना कर पूर्व दिशा की ओर देखने पर लुब्धक (Sirius) तारा दिखाई देता है।

प्रश्न – 9 आप उषा काल में तारों को लुप्त होते तथा संध्‍या काल में प्रकट होते देख सकते हैं। दिन के समय आप तारों को नहीं दखे पाते हैं।  ऐसा क्यों होता है? व्याख्या कीजिए।

उत्तर – दिन के समय सूर्य की अत्यधिक चमक के कारण अन्य तारों को देख पाना संभव नहीं होता है।

प्रश्न – 10 रात में जब आकाश साफ हो तो बिग डिपर (सप्तर्षि ) के अवलोकन का प्रयास 2–3 घंटे के समय अंतराल पर 3–4 बार कीजिए। प्रत्येक बार ध्रुवतारे की स्थिति देखने का प्रयास भी कीजिए। क्या सप्तर्षि गति करते हुए प्रतीत होता है? प्रत्येक प्रेक्षण का समय बताते हुए एक कच्‍चा रेखाचित्र बनाइए।

उत्तर – सप्तर्षि (बिग डिपर) रात्रि के दौरान ध्रुव तारे के चारों ओर घूमता हुआ प्रतीत होता है। ऐसा पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूर्णन के कारण होता है, जबकि ध्रुव तारा उत्तर दिशा में अचल दिखाई देता है।

प्रश्न – 11 रात्रि-आकाश के बारे में चिंतन कीजि ए और इसके संबंध में कोई कविता अथवा कहानी लिखिए।

उत्तर – आकाश की कहानी: “नूब्रा की रातों में जब बादल छंट जाते हैं, सप्तर्षि और ओरियन अपनी कहानियाँ सुनाते हैं। ध्रुव तारा उत्तर की राह दिखाता है, और लुब्धक अपनी चमक से सबका मन हर्षाता है। ग्रहों की इस दौड़ में सूर्य ही राजा है, जिसके प्रकाश से चमकता यह सौर परिवार साझा है।”

अतिरिक्त प्रश्न-उत्तर

प्रश्न: लद्दाख का कौन-सा क्षेत्र रात्रि-आकाश के अवलोकन के लिए प्रसिद्ध है?

उत्तर: लद्दाख का नूब्रा (Nubra) क्षेत्र अपने स्पष्ट और बादल रहित आकाश के लिए प्रसिद्ध है।

प्रश्न: प्राचीन काल में यात्री दिशा ज्ञात करने के लिए किसका उपयोग करते थे?

उत्तर: प्राचीन काल में यात्री विशिष्ट तारों और उनके पैटर्नों का उपयोग दिशा सूचक के रूप में करते थे,।

प्रश्न: तारों के उन पैटर्नों को क्या कहते हैं जो जानी-पहचानी आकृतियों जैसे लगते हैं?

उत्तर: इन्हें तारा-मंडल (Constellation) कहा जाता है।

प्रश्न: अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) के अनुसार आकाश में कुल कितने तारा-मंडल हैं?

उत्तर: आधिकारिक रूप से 88 तारा-मंडल सूचीबद्ध किए गए हैं।

प्रश्न: ‘लुब्धक’ (Sirius) किस तारा-मंडल का हिस्सा है?

उत्तर: यह कैनिस मेजर (Canis Major) तारा-मंडल का सबसे चमकीला तारा है।

प्रश्न: भारत में ‘बिग डिपर’ (Big Dipper) को किस नाम से जाना जाता है?

उत्तर: इसे भारत में सप्तर्षि के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न: कौन-सा तारा उत्तर दिशा में अचल (स्थिर) दिखाई देता है?

उत्तर: ध्रुव तारा (Pole Star) उत्तर दिशा में अचल दिखाई देता है।

प्रश्न: प्रकाश प्रदूषण (Light Pollution) क्या है?

उत्तर: रात्रि के समय अत्यधिक कृत्रिम प्रकाश की उपस्थिति को प्रकाश प्रदूषण कहते हैं, जो तारों के अवलोकन में बाधा डालता है।

प्रश्न: सूर्य से पृथ्वी की औसत दूरी कितनी है?

उत्तर: यह लगभग 15 करोड़ किलोमीटर है, जिसे एक ‘खगोलीय मात्रक’ (au) भी कहते हैं।

प्रश्न: सूर्य के बाद पृथ्वी का सबसे निकटतम तारा कौन-सा है?

उत्तर: सूर्य के बाद प्रॉक्सिमा सेंटाओरी (Proxima Centauri) हमारा सबसे निकटतम तारा है।

प्रश्न: किस ग्रह को ‘लाल ग्रह’ कहा जाता है?

उत्तर: मंगल (Mars) को इसकी लाल मृदा के कारण लाल ग्रह कहा जाता है।

प्रश्न: शुक्र ग्रह को अन्य किन नामों से पुकारा जाता है?

उत्तर: इसे सामान्यतः भोर का तारा या सांध्य तारा कहा जाता है।

प्रश्न: पृथ्वी को ‘नीला ग्रह’ क्यों कहते हैं?

उत्तर: पृथ्वी की सतह का एक बड़ा भाग पानी से ढका होने के कारण यह अंतरिक्ष से नीली दिखाई देती है।

प्रश्न: ‘वामन ग्रह’ (Dwarf Planet) का एक उदाहरण दें।

उत्तर: प्लूटो (Pluto) को अब एक वामन ग्रह माना जाता है।

प्रश्न: ग्रहों की परिक्रमा करने वाले खगोलीय पिंडों को क्या कहते हैं?

उत्तर: इन्हें सामान्यतः उपग्रह (Satellite) या चंद्रमा कहा जाता है।

प्रश्न: चंद्रमा की सतह पर मौजूद गड्ढों को क्या कहा जाता है?

उत्तर: इन्हें गर्त (Crater) कहते हैं, जो अक्सर क्षुद्रग्रहों के टकराने से बनते हैं।

प्रश्न: मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच पाए जाने वाले छोटे चट्टानी पिंड क्या कहलाते हैं?

उत्तर: इन्हें क्षुद्रग्रह (Asteroids) कहा जाता है।

प्रश्न: लंबी पूँछ वाले बर्फीले और गैसीय पिंडों को क्या कहते हैं जो सूर्य की परिक्रमा करते हैं?

उत्तर: इन्हें धूमकेतु (Comet) कहा जाता है।

प्रश्न: भारत में ‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस’ कब मनाया जाता है?

उत्तर: चंद्रयान-3 की सफलता की स्मृति में 23 अगस्त को यह दिवस मनाया जाता है।

प्रश्न: हमारी मंदाकिनी (Galaxy) का नाम क्या है? उत्तर: हमारी मंदाकिनी का नाम आकाश गंगा (Milky Way) है।

प्रश्न: शहरों की तुलना में गाँवों से तारे अधिक स्पष्ट क्यों दिखाई देते हैं?

उत्तर: गाँवों में प्रकाश प्रदूषण, धुआँ और धूल कम होती है। शहरों में अत्यधिक कृत्रिम रोशनी और प्रदूषण के कारण आकाश धुंधला रहता है, जबकि गाँवों का अँधेरा आकाश तारों को स्पष्ट दिखाता है।

प्रश्न: ओरियन (Orion) तारा-मंडल की पहचान कैसे की जा सकती है?

उत्तर: ओरियन को अक्सर एक शिकारी के रूप में देखा जाता है। इसके बीच में तीन चमकदरार तारे एक सरल रेखा में होते हैं, जिन्हें ‘शिकारी की पेटी’ (बेल्ट) कहा जाता है,।

प्रश्न: ध्रुव तारे की स्थिति ज्ञात करने की विधि क्या है?

उत्तर: सप्तर्षि (बिग डिपर) के कप के अंतिम दो तारों को जोड़ने वाली काल्पनिक रेखा को उत्तर की ओर लगभग पाँच गुना आगे बढ़ाने पर ध्रुव तारा दिखाई देता है।

प्रश्न: सूर्य हमारे लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: सूर्य पृथ्वी पर ऊर्जा, ऊष्मा और प्रकाश का मुख्य स्रोत है। यह जलचक्र, पवन और पौधों के विकास (भोजन और ऑक्सीजन) के लिए अनिवार्य है, जिससे जीवन संभव होता है।

प्रश्न: ‘आंतरिक ग्रह’ किन्हें कहते हैं और उनकी विशेषता क्या है?

उत्तर: बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल को आंतरिक ग्रह कहते हैं। ये आकार में छोटे होते हैं और इनकी सतह ठोस व चट्टानी होती है।

प्रश्न: शुक्र ग्रह बुध की तुलना में सूर्य से दूर होने पर भी अधिक गर्म क्यों है?

उत्तर: इसका कारण शुक्र का वायुमंडल है, जो सूर्य की ऊष्मा को सोख लेता है और उसे बाहर जाने से रोकता है, जिससे तापमान बहुत बढ़ जाता है।

प्रश्न: तारा और ग्रह में मुख्य अंतर क्या है?

उत्तर: तारा स्वयं के प्रकाश से चमकता है, जबकि ग्रह सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करते हैं। इसके अलावा, तारे टिमटिमाते हुए प्रतीत होते हैं, जबकि ग्रह नहीं,।

प्रश्न: धूमकेतु की पूँछ कब और कैसे बनती है?

उत्तर: जब धूमकेतु सूर्य के निकट पहुँचता है, तो इसकी जमी हुई गैसें और पदार्थ वाष्पीकृत होने लगते हैं। यही वाष्पित पदार्थ एक लंबी चमकती हुई पूँछ का निर्माण करते हैं。

प्रश्न: ‘चंद्रयान-3’ मिशन की ऐतिहासिक उपलब्धि क्या थी?

उत्तर: चंद्रयान-3 का लैंडर ‘विक्रम’ 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट उतरा। भारत इस क्षेत्र में पहुँचने वाला विश्व का पहला देश बना।

प्रश्न: तारा-मंडल और मंदाकिनी (Galaxy) में क्या अंतर है?

उत्तर: तारा-मंडल तारों का एक छोटा समूह या पैटर्न है (जैसे सप्तर्षि), जबकि मंदाकिनी अरबों तारों, गैस और धूल का एक विशाल तंत्र है, जिसका हमारा सौर परिवार एक छोटा हिस्सा है,।

प्रश्न: सौर परिवार के संगठन का विस्तार से वर्णन करें।

उत्तर: सौर परिवार में सूर्य (केंद्र), आठ ग्रह, उनके उपग्रह और अन्य छोटे पिंड जैसे क्षुद्रग्रह, धूमकेतु शामिल हैं,। सूर्य इस परिवार का मुख्य ऊर्जा स्रोत है। ग्रहों को सूर्य से दूरी के क्रम में बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और वरुण में बाँटा गया है। मंगल और बृहस्पति के बीच क्षुद्रग्रह पट्टी स्थित है, जबकि धूमकेतु सौर परिवार के बाहरी क्षेत्रों से आते हैं,।

प्रश्न: रात्रि-आकाश के अवलोकन की तैयारी के लिए किन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर: अवलोकन के लिए खुले और अँधेरे स्थान का चुनाव करना चाहिए जो ऊँचे भवनों और कृत्रिम प्रकाश से दूर हो,। ऐसी रात चुनें जब बादल न हों और चंद्रमा भी न दिख रहा हो (विशेषकर ध्रुव तारा देखने के लिए)। आँखों को अँधेरे के अनुकूल होने के लिए आधा घंटा प्रतीक्षा करें। साथ ही, स्काई मैप ऐप, दिशा सूचक (कम्पास) और बड़ों का मार्गदर्शन आवश्यक है,।

प्रश्न: ‘बाह्य ग्रहों’ (बृहस्पति, शनि, यूरेनस, वरुण) की विशेषताओं का तुलनात्मक वर्णन करें।

उत्तर: ये सौर परिवार के बाहरी चार ग्रह हैं जो पृथ्वी की तुलना में बहुत विशाल हैं। इन्हें गैसीय ग्रह कहा जाता है क्योंकि ये अधिकांशतः गैसों से बने हैं। इन ग्रहों के चारों ओर धूल और शैल पदार्थों से बनी वलयाकार (रिंग) संरचनाएं होती हैं। सूर्य से अत्यधिक दूरी के कारण ये ग्रह सामान्यतः बहुत ठंडे होते हैं और इनके कई प्राकृतिक उपग्रह (चंद्रमा) होते हैं,।

प्रश्न: चंद्रमा की भौतिक विशेषताओं और भारत के चंद्र अभियानों पर चर्चा करें।

उत्तर: चंद्रमा पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है जिसकी सतह पर वायुमंडल और पानी का अभाव है। यहाँ की सतह पर विशाल गर्त (क्रेटर) और चट्टानें हैं। भारत ने इसे समझने के लिए चंद्रयान-1 (2008), चंद्रयान-2 (2019) और चंद्रयान-3 (2023) भेजे हैं। चंद्रयान-3 की सफलता ने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुँचने वाला पहला देश बना दिया है, और अब चंद्रयान-4 की योजना मिट्टी के नमूने लाने के लिए बनाई गई है,।

प्रश्न: प्राचीन काल और आधुनिक युग में तारा-मंडलों के महत्व और उपयोग की व्याख्या करें।

उत्तर: प्राचीन काल में तारा-मंडलों का उपयोग दिशा ज्ञान के लिए, विशेषकर नाविकों और व्यापारियों द्वारा किया जाता था। विभिन्न सभ्यताओं ने अपनी कहानियों और पात्रों के आधार पर इनके नाम रखे। आधुनिक समय में, अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ ने संपूर्ण आकाश को 88 आधिकारिक क्षेत्रों में विभाजित किया है, जिन्हें तारा-मंडल कहा जाता है। आज ये वैज्ञानिकों को सुदूर अंतरिक्ष के पिंडों की स्थिति पहचानने और खगोल-पर्यटन में मदद करते हैं।

 

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