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पाठ में दिए प्रश्नों के उत्तर

आइए,और अधिक सीखें

प्रश्न 1. तालिका 5.5 के स्‍तंभ I में दी गई लंबाइयों का उनके मापन के लिए स्‍तंभ II में दिए गए मात्रकों में से उपयक्‍तु मात्रक से मिलान कीजिए।

उत्तर –

स्तंभ I स्तंभ II
दिल्ली एवं लखनऊ के बीच की दूरी किलोमीटर
सिक्के की मोटाई मिलीमीटर
रबड़ (इरेज़र) की लंबाई सेंटीमीटर
विद्यालय के मैदान की लंबाई मीटर

प्रश्न 2. निम्नलिखित कथनों को पढ़िए एवं सत्य कथन के सामने ‘सत्यʼ एवं असत्य कथन के सामने। ‘असत्यʼ लिखिए।

उत्तर – (क)  एक सीधी सड़क पर चलती कार सरल रेखीय गति का उदाहरण है। (सत्य)
(ख) यदि कोई वस्तु समय के साथ किसी संदर्भ बिंदु के सापेक्ष अपनी स्थिति बदलती है, तो वह गति में है। (सत्य)
(ग) : 1 km = 1000 m होता है, न कि 100 cm। (असत्य)

प्रश्न 3. निम्न में से कौन-सा लंबाई मापने का मानक मात्रक नहीं है?

(क) मिलीमीटर (ख) सेंटीमीटर
(ग) किलोमीटर (घ) बालिश्त

उत्तर : सही उत्तर: (घ) बाजिशत।

कारण: बाजिशत (हैंडस्पैन) अलग-अलग लोगों के लिए भिन्न-भिन्न होता है, इसलिए इसे मानक मात्रक नहीं माना जाता।

प्रश्न 4. अपने घर एवं विद्यालय में उपलब्ध विभिन्न पैमाने अथवा मापन फीते लीजिए। इन सभी पैमानों में से प्रत्येक द्वारा मापे जा सकने वाले लघुतम मान को ज्ञात कीजिए। अपने प्रेक्षणों को तालिका में लिखिए।

उत्तर – आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले 15 cm पैमाने का लघुतम मान (सबसे छोटा भाग जिसे मापा जा सकता है) 1 मिलीमीटर (mm) होता है।

प्रश्न 5. मान लीजिए आपके विद्यालय एवं घर के बीच की दरी 1.5 km है। इसे मीटर में व्यक्त कीजिए।

उत्तर – यदि घर और विद्यालय के बीच की दूरी 1.5 km है, तो मीटर में यह 1.5 × 1000 = 1500 मीटर होगी।

प्रश्न 6. एक गिलास या बोतल लीजिए। गिलास या बोतल के तल के वक्र भाग की लंबाई मापिए और लिखिए।

उत्तर – गिलास या बोतल के निचले वक्र भाग को मापने के लिए लचीले मापन-फीते या एक धागे का उपयोग करना चाहिए। धागे को वक्र रेखा पर रखकर फिर उसे मीटर पैमाने से मापा जा सकता है।

प्रश्न 7. अपने दोस्त की लंबाई मापिए और उसे मीटर, सेंटीमीटर एवं मिलीमीटर में व्यक्‍त कीजिए।

उत्तर –  यदि किसी की लंबाई 1.25 मीटर है, तो उसे ऐसे व्यक्त करेंगे:

सेंटीमीटर: 1.25 × 100 = 125 cm
मिलीमीटर: 125 × 10 = 1250 mm

प्रश्न 8. आपको एक सिक्‍का दिया गया है। अनमानु लगाइए कि किसी पुस्तिका के एक ओर के पूरे किनारे पर कोई रिक्‍त स्‍थान छोड़े बिना एक के बाद एक रखने पर कितने सिक्‍कों की आवश्‍यकता होगी? पुस्तिका के उसी किनारे और सिक्‍के को 15 cm के पैमाने परमापकर अपने अनुमान का सत्यापन भी कीजिए।

उत्तर – यह एक गतिविधि है। छात्र अपनी पाठ्यपुस्तक के किनारे पर सिक्के रखकर उनकी संख्या गिन सकते हैं और फिर 15 cm पैमाने से उसकी वास्तविक माप लेकर अपने अनुमान की जांच कर सकते हैं।

प्रश्न 9. सरल रेखीय, वृतीय एवं दोलन-गति के दो-दो उदाहरण दीजिए।

उत्तर – सरल रेखीय गति: सीधी सड़क पर चलती कार, पेड़ से गिरता संतरा।
वृत्तीय गति: कोल्हू के बैल की गति, घड़ी की सुइयों की गति या घूमता हिंडोला।
दोलन-गति: झूला झूलते बच्चे की गति, दीवार घड़ी का पेंडुलम।

प्रश्न 10. अपने चारों ओर की विभिन्न वस्तुओं पर ध्यान दीजिए। कुछ वस्तुओं की लंबाई को mm में, कुछ की cm में और कुछ की m में व्यक्‍त करना आसान होता है। प्रत्येक श्रेणी में 3 वस्तुओं की सूची बनाइए एवं तालिका 5.6 मेंलिखिए।

उत्तर –  mm: पेंसिल की नोक, सिक्के की मोटाई, सुई ।
cm: पेंसिल की लंबाई, रबर, कंघी ।
m: कमरे की ऊंचाई, मेज की लंबाई, कक्षा की लंबाई।

प्रश्न 11. एक रोलर कोस्टर का ट्रैक चित्र 5.19 में दिखाए गए आकार में बनाया गया है। एक गेंद बिंदु ‘क’ से प्रारंभ होती है और बिंदु ‘च’ से निकल जाती है। रोलर कोस्टर पर गेंद की गति के प्रकार और ट्रैक के संगत भागों की पहचान कीजिए।

उत्तर –  क से ख और ङ से च:- सरल रेखीय गति (सीधा रास्ता)।
ख से ङ (लूप):- वृत्तीय गति (गोलाकार पथ)

प्रश्न 12. तस्नीम स्वयं एक मीटर पैमाना बनाना चाहती है। वह उसके लिए निम्नलिखित सामग्री पर विचार करती है— प्लाईवुड, कागज, कपड़ा, लचीली रबड़, स्टील आदि। इनमें से उसे किसका उपयोग नहीं करना चाहिए और क्यों?

उत्तर – तसनीम को लचीली रबड़ या खिंचने वाले कपड़े का उपयोग नहीं करना चाहिए।
कारण: क्योंकि ये पदार्थ खिंच सकते हैं, जिससे पैमाने के चिह्नों के बीच की दूरी बदल जाएगी और माप सटीक नहीं रहेगी।

प्रश्न 13. अपने दोस्तों के साथ खेलने के लिए लंबाई के मात्रकों के रुपांतरण पर एक कार्ड का खेल (कार्ड गेम) बनाने के संबंध में विचार कीजिए इसकी योजना बनाइए और इसे विकसित कीजिए।

उत्तर – यह छात्रों के लिए एक रचनात्मक गतिविधि है जिसमें वे 1 km = 1000 m जैसे रूपांतरणों का उपयोग करके एक शैक्षिक खेल बना सकते हैं।

अतिरिक्त प्रश्न-उत्तर

प्रश्न –  लंबाई का SI मात्रक क्या है?

उत्तर – लंबाई का SI मात्रक मीटर (m) है।

1 किलोमीटर में कितने मीटर होते हैं?

उत्तर – 1 किलोमीटर (km) में 1000 मीटर (m) होते हैं।

प्रश्न – ‘बालिश्त’ (Handspan) क्या है?

उत्तर – हाथ के पंजे की चौड़ाई का उपयोग कर मापी गई लंबाई को बालिश्त कहते हैं।

प्रश्न – दर्जी शरीर का माप लेने के लिए किस उपकरण का उपयोग करता है?

उत्तर – दर्जी लचीले मापन-फीते का उपयोग करता है।

प्रश्न – 1 सेंटीमीटर में कितने मिलीमीटर होते हैं?

उत्तर – 1 सेंटीमीटर (cm) में 10 मिलीमीटर (mm) होते हैं।

प्रश्न – वक्र-रेखा (Curved line) को मापने के लिए किसका उपयोग किया जा सकता है?

उत्तर – वक्र-रेखा को धागे या लचीले मापन-फीते से मापा जा सकता है。

प्रश्न – ‘संदर्भ बिंदु’ (Reference point) किसे कहते हैं?

उत्तर – वह नियत बिंदु जिसके सापेक्ष किसी वस्तु की दूरी या स्थिति निर्धारित की जाती है, संदर्भ बिंदु कहलाता है।

प्रश्न – सरल रेखीय गति का एक उदाहरण दें।

उत्तर – सड़क पर चलती कार या परेड करते सैनिक सरल रेखीय गति के उदाहरण हैं।

प्रश्न – झूले की गति किस प्रकार की गति है?

उत्तर – झूले की गति ‘दोलन-गति’ (Oscillatory motion) का उदाहरण है。

प्रश्न – वृत्तीय गति (Circular motion) किसे कहते हैं?

उत्तर – जब कोई वस्तु किसी वृत्तीय पथ के अनुदिश गति करती है, तो उसे वृत्तीय गति कहते हैं。

प्रश्न – 1 मीटर में कितने सेंटीमीटर होते हैं?

उत्तर – 1 मीटर (m) में 100 सेंटीमीटर (cm) होते हैं।

प्रश्न – दूरी मापने के लिए 15 cm पैमाने का सबसे छोटा मान क्या होता है?

उत्तर – इसका सबसे छोटा मान 1 मिलीमीटर (mm) होता है。

प्रश्न – प्राचीन भारत में उपयोग होने वाले किन्हीं दो मात्रकों के नाम लिखें।

उत्तर – अंगुल और योजन प्राचीन भारत के मात्रक थे。

प्रश्न – गति (Motion) की परिभाषा क्या है?

उत्तर – समय के साथ संदर्भ बिंदु के सापेक्ष स्थिति में परिवर्तन को गति कहते हैं।

प्रश्न – विराम अवस्था (Rest) किसे कहते हैं?

उत्तर – यदि समय के साथ संदर्भ बिंदु के सापेक्ष वस्तु की स्थिति नहीं बदलती, तो वह विराम में है。

प्रश्न – SI मात्रक का पूरा नाम क्या है?

उत्तर – इसका पूरा नाम ‘अंतरराष्ट्रीय मात्रक प्रणाली’ (International System of Units) है。

प्रश्न – मात्रकों के प्रतीक लिखते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?

उत्तर – प्रतीकों को हमेशा एकवचन में लिखना चाहिए (जैसे 5 cm, न कि 5 cms) और उनके अंत में बिंदु नहीं लगाना चाहिए。

प्रश्न – आवर्तीय गति (Periodic motion) क्या है?

उत्तर – वह गति जो एक निश्चित समय अंतराल के बाद स्वयं को दोहराती है。

प्रश्न – लोहे की पटरी जैसी लंबी दूरी मापने के लिए कौन-सा मात्रक सुविधाजनक है?

उत्तर – लंबी दूरियों के लिए किलोमीटर (km) सुविधाजनक है。

प्रश्न – दृष्टिबाधित विद्यार्थी लंबाई मापने के लिए किस तरह के पैमाने का उपयोग करते हैं?

उत्तर – वे उभरे हुए अंकन बिंदु वाले पैमाने का उपयोग करते हैं जिसे स्पर्श किया जा सके。

प्रश्न – मापन के लिए मानक मात्रकों (Standard Units) की आवश्यकता क्यों पड़ी?

उत्तर – क्योंकि शरीर के अंगों (हाथ, पैर) की लंबाई अलग-अलग व्यक्तियों के लिए अलग होती है, जिससे माप में भ्रम पैदा होता था। एक समान माप सुनिश्चित करने के लिए मानक मात्रकों की आवश्यकता हुई।

प्रश्न – किसी वस्तु की लंबाई मापते समय पैमाने को रखने की सही विधि क्या है?

उत्तर – पैमाने को वस्तु के संपर्क में उसकी लंबाई के अनुदिश (साथ-साथ) रखना चाहिए।

प्रश्न – लंबाई पढ़ते समय आँख की सही स्थिति क्या होनी चाहिए?

उत्तर – आँख की स्थिति ठीक उस बिंदु के ऊपर होनी चाहिए जिसका माप लिया जाना है, अन्यथा माप गलत हो सकता है。

प्रश्न – यदि पैमाने का सिरा टूटा हुआ हो, तो सही लंबाई कैसे ज्ञात करेंगे?

उत्तर – टूटे सिरे की स्थिति में किसी अन्य पूर्णांक (जैसे 1.0 cm) से माप शुरू करें और अंतिम पाठ्यांक में से प्रारंभिक पाठ्यांक को घटा दें।

प्रश्न – वृत्तीय गति और दोलन-गति में एक समानता और एक अंतर लिखें।

उत्तर – समानता: दोनों ही आवर्ती गति हो सकती हैं।

अंतर: वृत्तीय गति गोल पथ पर होती है, जबकि दोलन-गति एक निश्चित बिंदु के इधर-उधर होती है।

प्रश्न – साइकिल के पहिए की गति किस प्रकार की गति है? समझाइए।

उत्तर – साइकिल के पहिए की अपनी धुरी पर गति ‘वृत्तीय गति’ है, लेकिन सड़क पर आगे बढ़ना ‘सरल रेखीय गति’ हो सकता है।

प्रश्न – ‘संदर्भ बिंदु’ बदलने से किसी वस्तु की स्थिति का वर्णन कैसे बदल जाता है?

उत्तर – जैसे दीपा के लिए बस में बैठे यात्री स्थिर थे क्योंकि संदर्भ बिंदु बस थी, लेकिन बाहर खड़े व्यक्ति के लिए वे गति में थे क्योंकि संदर्भ बिंदु सड़क का भवन था।

प्रश्न – धागे का उपयोग करके किसी वक्र-रेखा की लंबाई कैसे मापेंगे?

उत्तर – धागे को वक्र-रेखा के साथ-साथ रखकर उस पर चिह्न लगाएँ, फिर धागे को सीधा करके मीटर पैमाने से उसकी लंबाई माप लें।

प्रश्न – किलोमीटर सूचक पत्थर (Milestones) क्या दर्शाते हैं?

उत्तर – ये पत्थर किसी निश्चित संदर्भ बिंदु (जैसे दिल्ली) से वर्तमान स्थान की दूरी किलोमीटर में दर्शाते हैं।

प्रश्न – मात्रकों के प्रतीकों को लिखने के किन्हीं दो अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लेख करें।

उत्तर – (i) प्रतीकों के अंत में बिंदु नहीं लगाया जाता। (ii) संख्या और मात्रक के बीच स्थान (space) छोड़ा जाता है।

प्रश्न – लंबाई मापने की सही तकनीक और मापन के दौरान बरती जाने वाली तीन मुख्य सावधानियों का विस्तार से वर्णन करें।

उत्तर – लंबाई मापने के लिए सही पैमाने का चुनाव और उसे वस्तु के अनुदिश रखना अनिवार्य है। सावधानियाँ: (i) पैमाने को वस्तु के बिल्कुल साथ सटाकर रखें। (ii) पाठ्यांक लेते समय आँख की स्थिति लंबवत ठीक बिंदु के ऊपर होनी चाहिए। (iii) यदि पैमाने का शून्य स्पष्ट न हो, तो किसी अन्य अंक से माप शुरू कर अंतर ज्ञात करें।

प्रश्न – गति के विभिन्न प्रकारों को उदाहरण सहित समझाएँ और आवर्ती गति के महत्व पर प्रकाश डालें।

उत्तर – गति मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है:

(i) सरल रेखीए: जैसे सीधी पटरी पर रेलगाड़ी।

(ii) वृत्तीय: जैसे घड़ी की सुइयों या कोल्हू के बैल की गति।

(iii) दोलन: जैसे दीवार घड़ी का पेंडुलम।

जो गतियाँ निश्चित समय बाद खुद को दोहराती हैं, उन्हें आवर्ती गति कहते हैं, जैसे वृत्तीय और दोलन-गति दोनों ही प्रकृति में आवर्ती हो सकती हैं。

प्रश्न – संदर्भ बिंदु (Reference Point) की अवधारणा को बस यात्रा के उदाहरण से स्पष्ट करें कि कोई वस्तु एक समय में स्थिर और गतिशील दोनों कैसे हो सकती है?

उत्तर – संदर्भ बिंदु वह निश्चित स्थान है जिसके सापेक्ष हम गति देखते हैं। दीपा जब बस के अंदर यात्रियों को देखती है, तो वे स्थिर लगते हैं क्योंकि बस संदर्भ बिंदु है। लेकिन बाहर के पेड़ या भवन को संदर्भ बिंदु मानने पर वही यात्री गतिशील प्रतीत होते हैं। अतः गति सापेक्ष होती है और संदर्भ बिंदु पर निर्भर करती है।

प्रश्न – प्राचीन काल से आधुनिक काल तक मापन प्रणालियों के विकास की यात्रा का वर्णन करें।

उत्तर – प्राचीन काल में भारत में अंगुल, मुट्ठी, बालिश्त और योजन जैसे मात्रक प्रचलित थे। हड़प्पा सभ्यता में भी पैमाने पाए गए हैं। समय के साथ भ्रम दूर करने के लिए वैश्विक स्तर पर ‘अंतरराष्ट्रीय मात्रक प्रणाली’ (SI) अपनाई गई, जिसका मुख्य मात्रक मीटर है। आज वैज्ञानिक और व्यापारिक कार्यों में इसी मानक प्रणाली का उपयोग होता है。

प्रश्न – क्रियाकलाप के माध्यम से समझाएँ कि आप साइकिल की मदद से दो स्थानों के बीच की दूरी का मापन कैसे कर सकते हैं?

उत्तर – साइकिल के पहिए की तीली पर एक लचीली पट्टी लगाएँ जो फेम से टकराकर ध्वनि उत्पन्न करे। दो स्थानों के बीच चलते समय ध्वनि की संख्या (पहिए के घूमने की संख्या) गिनें। फिर धागे से पहिए की परिधि (एक चक्कर की दूरी) मापें। कुल दूरी = (पहिए के घूमने की संख्या) × (पहिए की परिधि)। यह विधि सड़क दौड़ की दूरी मापने में भी प्रयुक्त होती है।

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