| पाठ में दिए प्रश्नों के उत्तर हेतु यहाँ क्लिक करें |
| अतिरिक्त प्रश्न-उत्तर के लिए यहाँ क्लिक करें |
| क्विज / टेस्ट के लिए यहाँ क्लिक करें |
पाठ में दिए प्रश्नों के उत्तर
आइए,और अधिक सीखें
प्रश्न 1. पथृक्करण विधि के रूप में हस्तचयन का क्या प्रयोजन है?
(क) निस्यंदन (ख) छँटाई
(ग) वाष्पन (घ) निस्तारण
उत्तर – (ख) छँटाई है। हस्त चयन का उपयोग ठोस पदार्थों को उनके आकार, रंग और आकृति के आधार पर अलग करने के लिए किया जाता है,।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से किन पदार्थों का पथृक्करण मथना विधि से किया जाता है?
(क) तेल का पानी से (ख) रेत का पानी से
(ग) मक्खन का दही से (घ) ऑक्सीजन का वायु से
उत्तर – (ग) मक्खन का दही से है। मक्खन निकालने के लिए दही को मथनी से मथा जाता है।
प्रश्न 3. निस्यंदन के ल िए निम्नल िखित में से कौन-सा कारक प्राय : अनिवार्य होता ह?ै
(क) उपकरण का आकार (ख) वाय ु की उपस् थिति
(ग) छिद्रों का आकार (घ) मि श्रण का तापमान
उत्तर – (ग) छिद्रों का आकार है। निस्यंदन (छानने) की प्रक्रिया फिल्टर-पत्र या कपड़े के सूक्ष्म छिद्रों पर निर्भर करती है।
प्रश्न 4. कारण देते हुए बताएँ कि निम्नलिखित कथनों में सही () और गलत () कौन-कौन से है? असत्य कथनों को सही करके लिखें।
उत्तर –
(क) नमक के विलयन को धूप में रखकर नमक पृथक किया जा सकता है: सही (✓),।
(ख) जब अवयव कम मात्रा में हों तभी हस्त चयन का उपयोग होता है: सही (✓),।
(ग) मुरमुरे और चावल के मिश्रण को थ्रेशिंग से पृथक कर सकते हैं: गलत (Χ) (इसके लिए हस्त चयन अधिक उपयुक्त है)
(घ) सरसों के तेल और नींबू पानी को निस्तारण द्वारा पृथक कर सकते हैं: सही (✓),।
(ङ) चालने की विधि का उपयोग आटे और पानी को अलग करने में होता है: गलत (Χ) (चालन विधि ठोसों के आकार में अंतर होने पर उपयोग की जाती है, आटे और पानी के लिए निस्यंदन चाहिए),।
प्रश्न 5 – स्तंभ I में दिए गए प्रत्येक मिश्रण को स्तंभ II में उपयुक्त पृथककरण विधि से मिलान करें।
उत्तर –
| स्तंभ I | स्तंभ II |
| (क) बेसन और काले चने | (iv) चालना |
| (ख) चॉक पाउडर और पानी | (v) निस्यंदन |
| (ग) भुट्टे और आम | (i) हस्त चयन |
| (घ) लोहे के चूरे और बुरादा | (ii) चुंबकीय पृथक्करण |
| (ङ) तेल और पानी | (iii) निस्तारण |
प्रश्न 6. किस परिस्थिति में आप ठोस और द्रव के मिश्रण को पृथक करने में निस्यंदन के स्थान पर निस्तारण विधि का उपयोग करेंगे?
उत्तर – जब मिश्रण में भारी और अघुलनशील ठोस अवयव नीचे बैठ जाते हैं (अवसादन), तब निस्तारण का उपयोग द्रव को हटाने के लिए किया जाता है। यदि कण बहुत छोटे हों और द्रव में तैर रहे हों, तब निस्यंदन बेहतर होता है।
प्रश्न 7. नासिका में बालों की उपस्थिति को आप किस पृथक्करण प्रक्रिया से जोड़कर देखते हैं?
उत्तर –
प्रश्न 8. कोविड-19 (कोरोना वायरस महामारी) के समय, हम सभी ने मास्क पहने थे। सामान्यतया वे किस सामग्री से बने होते हैं? आपके मुँह और नथुनों (नाक) को ढँकने में मास्क की क्या भमिूका है?
उत्तर – मास्क निस्यंदन का कार्य करता है। यह कपड़े के धागों के बीच मौजूद छोटे छिद्रों (रंध्रों) का उपयोग करके धूल और वायरस को नाक और मुँह में प्रवेश करने से रोकता है।
प्रश्न 9. आपको आलू, नमक और लकड़ी के बुरादे का मिश्रण दिया गया है इस मिश्रण के प्रत्येक अवयव को पृथक करने के लिए चरणबद्ध प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार कीजिए।
उत्तर – सबसे पहले हस्त चयन द्वारा आलू को अलग करेंगे।
शेष मिश्रण को पानी में डालेंगे, जिससे नमक घुल जाएगा और बुरादा ऊपर तैरेगा,।
निस्तारण द्वारा तैरते हुए बुरादे को अलग कर लेंगे,।
अंत में, नमक के घोल का वाष्पीकरण करके नमक प्राप्त कर लेंगे।
अतिरिक्त प्रश्न-उत्तर
प्रश्न: ‘मिश्रण’ किसे कहते हैं?
उत्तर: वह पदार्थ जिसमें दो या अधिक पदार्थ मिले होते हैं (जैसे गेहूँ और चावल), उसे ठोस मिश्रण कहते हैं।
प्रश्न: हस्त चयन विधि किन आधारों पर की जाती है?
उत्तर: यह कणों के आकार, रंग और आकृति के अंतर के आधार पर की जाती है।
प्रश्न: डंडियों से अनाज के दानों को अलग करने के प्रक्रम को क्या कहते हैं?
उत्तर: इस प्रक्रिया को ‘थ्रेशिंग’ कहते हैं।
प्रश्न: ‘ओसाई’ (विनोइंग) में किन अवयवों को अलग किया जाता है?
उत्तर: इसमें मिश्रण के भारी और हल्के अवयवों को हवा या फूँक मारकर अलग किया जाता है।
प्रश्न: थ्रेशर मशीन क्या कार्य करती है?
उत्तर: यह मशीन थ्रेशिंग और ओसाई दोनों कार्य एक साथ करती है।
प्रश्न: चालन (छानना) विधि का उपयोग कब किया जाता है?
उत्तर: जब दो या दो से अधिक ठोसों के मिश्रण के अवयवों के कणों के आकार भिन्न होते हैं।
प्रश्न: आटे से चोकर अलग करने के लिए किस उपकरण का उपयोग होता है?
उत्तर: इसके लिए ‘चालनी’ का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न: साधारण नमक का एक प्राकृतिक स्रोत क्या है?
उत्तर: राजस्थान की सांभर झील इसका एक मुख्य स्रोत है।
प्रश्न: समुद्री जल से नमक किस प्रक्रिया द्वारा प्राप्त होता है?
उत्तर: यह वाष्पीकरण (वाष्पन) की प्रक्रिया द्वारा प्राप्त होता है।
प्रश्न: ‘अवसादन’ (Sedimentation) क्या है?
उत्तर: किसी द्रव के तल पर भारी अघुलनशील अवयव के जमा हो जाने की प्रक्रिया अवसादन कहलाती है।
प्रश्न: ‘निस्तारण’ (Decantation) किसे कहते हैं?
उत्तर: जब बर्तन को तिरछा करके द्रव को हटाया जाता है, तो यह प्रक्रिया निस्तारण कहलाती है।
प्रश्न: चाय की पत्तियों को चाय से अलग करना क्या कहलाता है?
उत्तर: इस प्रक्रिया को निस्यंदन (फिल्टर करना) कहते हैं।
प्रश्न: निस्यंदन के लिए किस प्रकार के पत्र का उपयोग किया जा सकता है जिसमें सूक्ष्म छिद्र होते हैं?
उत्तर: फिल्टर-पत्र (Filter paper) का।
प्रश्न: प्राचीन काल में चाय की थैलियाँ (टी-बैग) किससे बनाई जाती थीं?
उत्तर: ये रेशम के मुलायम कपड़ों से बनाई जाती थीं।
प्रश्न: दही को मथने पर मक्खन कहाँ तैरता है?
उत्तर: मक्खन हल्का होने के कारण ऊपर तैरता है।
प्रश्न: ‘चुंबकीय पृथक्करण’ क्या है?
उत्तर: चुंबक का उपयोग करके चुंबकीय और अचुंबकीय पदार्थों को अलग करना चुंबकीय पृथक्करण कहलाता है।
प्रश्न: एक चुंबकीय पदार्थ का नाम लिखिए।
उत्तर: लोहा एक चुंबकीय पदार्थ है।
प्रश्न: अपशिष्ट के ढेर से लोहे की वस्तुओं को अलग करने के लिए किसका उपयोग किया जाता है?
उत्तर: इसके लिए विद्युत चुंबक (Electromagnet) का उपयोग किया जाता है।
प्रश्न: आयुर्वेद में औषधियों के निर्माण में किस प्रक्रिया से जल हटाया जाता है?
उत्तर: वाष्पीकरण की प्रक्रिया द्वारा।
प्रश्न: रेत से कंकड़ अलग करने के लिए निर्माण स्थलों पर क्या उपयोग किया जाता है?
उत्तर: इसके लिए बड़ी चालनी का उपयोग किया जाता है।
प्रश्न: हस्त चयन विधि कब सबसे अधिक सुविधाजनक होती है?
उत्तर: जब पृथक किए जाने वाले कण कम मात्रा में हों और उन्हें सहजता से हाथ से उठाकर अलग किया जा सके।
प्रश्न: सूप का उपयोग ओसाई में कैसे किया जाता है?
उत्तर: सूप में थ्रेश किए गए अनाज को लेकर वायु की दिशा में हिलाया जाता है, जिससे भूसा उड़कर दूर गिरता है और भारी अनाज नीचे रह जाता है।
प्रश्न: वाष्पीकरण प्रक्रिया का दैनिक जीवन में एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर: गर्मियों में गहरे रंग के कपड़ों पर पसीने के सूखने के बाद बनने वाले सफेद धब्बे, जो वाष्पीकरण के बाद बचे लवण होते हैं।
प्रश्न: ‘अवसादन’ और ‘निस्तारण’ के उपयोग का एक सामान्य घरेलू उदाहरण दें।
उत्तर: चावल और दालों को पकाने से पहले धोने के लिए इस प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है।
प्रश्न: निस्यंदन के लिए कपड़े का टुकड़ा कैसे उपयोगी होता है?
उत्तर: कपड़े की बुनाई में धागों के बीच छोटे-छोटे रंध्र या छिद्र होते हैं, जो छानने के लिए छलनी का कार्य करते हैं।
प्रश्न: मथना (Churning) की प्रक्रिया को स्पष्ट करें।
उत्तर: दही को मथनी से मथने पर मक्खन अलग हो जाता है और छाछ नीचे रह जाती है; यह हल्के और भारी अवयवों के आधार पर कार्य करता है।
प्रश्न: यदि हमारे पास चालनी न हो, तो क्या हम चाय की पत्तियाँ अलग कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, निस्तारण विधि द्वारा चाय के बर्तन को स्थिर छोड़कर और फिर उसे धीरे से तिरछा करके कप में उड़ेलकर पत्तियाँ अलग की जा सकती हैं।
प्रश्न: फिल्टर-पत्र से शंकु (कोन) कैसे बनाया जाता है?
उत्तर: फिल्टर-पत्र को पहले एक तह और फिर दूसरी तह देकर मोड़ लिया जाता है, जिससे वह शंकु के आकार का हो जाता है।
प्रश्न: चुंबकीय पृथक्करण का औद्योगिक उपयोग क्या है?
उत्तर: उद्योगों में अपशिष्ट सामग्री के ढेर से अनुपयोगी लोहे की कतरनों (स्क्रैप आयरन) को क्रेन में लगे चुंबक द्वारा अलग करने में इसका उपयोग होता है।
प्रश्न: टी-बैग के निर्माण में सामग्री का बदलाव कैसे हुआ?
उत्तर: पहले रेशम, फिर जाली या मलमल के कपड़े और अब अधिकांशतः फिल्टर-पत्र का उपयोग टी-बैग बनाने में किया जाता है।
प्रश्न: ठोस मिश्रणों को पृथक करने की चार प्रमुख विधियों (हस्त चयन, थ्रेशिंग, ओसाई, चालन) का विस्तार से वर्णन करें।
उत्तर: हस्त चयन का उपयोग रंग-रूप के आधार पर कंकड़ चुनने में होता है। थ्रेशिंग में अनाज को पीटकर डंडियों से दानों को अलग किया जाता है। ओसाई में हवा की मदद से हल्के भूसे को भारी अनाज से अलग करते हैं। चालन में भिन्न आकार के ठोस कणों को चालनी के छिद्रों द्वारा अलग किया जाता है।
प्रश्न: समुद्री जल से साधारण नमक प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया को समझाएं।
उत्तर: समुद्र के जल को उथले गड्ढों में भरा जाता है। सूर्य की धूप और हवा के संपर्क में आने से जल धीरे-धीरे वाष्पित हो जाता है। कुछ दिनों बाद सारा जल उड़ जाता है और नीचे ठोस नमक का ढेर शेष रह जाता है, जिसे बाद में शोधित (purify) किया जाता है।
प्रश्न: निस्यंदन (Filtration) की प्रक्रिया क्या है? एक प्रयोग द्वारा इसे समझाएं।
उत्तर: अघुलनशील ठोस को द्रव से अलग करना निस्यंदन है। मटमैले पानी को कीप में लगे फिल्टर-पत्र के शंकु से गुजारने पर मिट्टी के कण पत्र पर ‘अवशेष’ के रूप में रह जाते हैं और स्वच्छ जल ‘निस्यंद’ के रूप में नीचे पात्र में जमा हो जाता है।
प्रश्न: ‘मल््ली और वल््ली की यात्रा’ के माध्यम से पाठ में प्रदूषण की समस्या को कैसे दर्शाया गया है?
उत्तर: मछुआरे के जाल में मछलियों के साथ प्लास्टिक की थैलियाँ, बोतलें और पाइप मिलने से जल प्रदूषण की समस्या दिखाई गई है। यह संदेश दिया गया है कि प्रदूषण से जलीय जीवों की जान खतरे में है और हमें जल को सुरक्षित रखना चाहिए।
प्रश्न: एक जटिल मिश्रण जिसमें लोहे की कीलें, रेत, नमक और पानी है, उसे आप चरणों में कैसे अलग करेंगे?
उत्तर: सबसे पहले चुंबक से लोहे की कीलें अलग करेंगे। फिर मिश्रण को पानी में घोलकर निस्यंदन द्वारा रेत को अलग करेंगे। अंत में बचे हुए नमक के घोल का वाष्पीकरण करके नमक प्राप्त करेंगे। यह दर्शाता है कि कई अवयवों को अलग करने के लिए विधियों के संयोजन की आवश्यकता होती है।