वयम् अभ्यासं कुर्म:

 

प्रश्न १. पाठस्य आधारेण अधोलिखितानां प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तराणि लिखन्तु (पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द में लिखें)

(क) कः एकः अस्ति?

उत्तरम्: सूर्यः

(ख) कः षण्मुखदेवः अस्ति?

उत्तरम्: सुरसेनानीः

(ग) कः त्रिनयनभूषितः अस्ति?

उत्तरम्: लोकशङ्करः

(घ) का सरला अस्ति?

उत्तरम्: सङ्ख्यागणना

(ङ) के अतुलबलाः सन्ति?

उत्तरम्: अष्ट दिग्गजाः

 

प्रश्न २. उदाहरणानुगुणं शब्दानां पुरतः उचितां सङ्ख्यां लिखन्तु (उदाहरण के अनुसार शब्दों के सामने उचित संख्या लिखें)

(यथा: आकाशे एकः सूर्यः विभाति)

(क) मम हस्ते पञ्च अङ्गुल्यः सन्ति।

(ख) सप्ताहे सप्त वासराः भवन्ति।

(ग) कार्तिकेयस्य षट् मुखानि सन्ति।

(घ) व्याकरणे त्रीणि वचनानि सन्ति।

(ङ) गगने नव ग्रहाः सन्ति।

 

प्रश्न ३. उदाहरणानुसारं सङ्ख्यां सङ्ख्यापदं च लिखन्तु (उदाहरण के अनुसार संख्या और संख्या-शब्द लिखें)

(क) कति दिशः सन्ति?

उत्तरम्: १० (दश)

(ख) सप्ताहे कति वासराः भवन्ति?

उत्तरम्: ७ (सप्त)

(ग) वर्षे कति मासाः भवन्ति?

उत्तरम्: १२ (द्वादश)

(घ) भवतः कति दन्ताः सन्ति?

उत्तरम्: ३२ (द्वात्रिंशत्)

(ङ) स्वराः कति भवन्ति?

उत्तरम्: १३ (त्रयोदश)

 

प्रश्न ४. अधः प्रदत्तैः अङ्कैः सह सङ्ख्यापदं योजयन्तु (नीचे दिए गए अंकों को उनके संख्या-शब्दों से जोड़ें)

तालिका मिलान इस प्रकार है:

(क) २० — विंशतिः

(ख) १३ — त्रयोदश

(ग) — पञ्च

(घ) — एकम्

(ङ) — अष्ट

 

प्रश्न ५. उपस्थिति-पत्रं पश्यन्तु। सङ्ख्यां वदन्तु लिखन्तु च (उपस्थिति-पत्र देखकर संख्या लिखें)

उपस्थिति-पत्र (पृष्ठ ६६) के आधार पर उत्तर:

(क) गणेशस्य उपस्थिति-सङ्ख्या का? — १ (एकम्)

(ख) सुभद्रायाः उपस्थिति-सङ्ख्या का? — ९ (नव)

(ग) स्वयंप्रभायाः उपस्थिति-सङ्ख्या का? — १० (दश)

(घ) जगन्नाथस्य उपस्थिति-सङ्ख्या का? — ३ (त्रीणि)

 

प्रश्न ६. एवं ७. चित्रं पश्यन्तु, सङ्ख्याः लिखन्तु (चित्र देखें और संख्याएँ लिखें)

पृष्ठ ६८ पर दिए गए चित्रों और शब्दों के अनुसार मिलान:

(हाथी का चित्र): ५ (पञ्च)

(षट्कोण का चित्र): ३ (त्रीणि)

(तारे का चित्र): ८ (अष्ट)

(सूर्य का चित्र): ४ (चत्वारि)

Scroll to Top