झाँसी की रानी
(प्रश्न-उत्तर)

मेरे उत्तर मेरे तर्क

1. प्रश्न: ‘झाँसी की रानी’ कविता की पंक्ति “बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी” में ‘नई जवानी’ शब्द किस भाव को व्यक्त करता है?

(क) देश का स्वाभिमान

(ख) विद्रोह की चिनगारी

(ग) स्वाधीनता का भय

(घ) भारत की युवावस्था

उत्तर एवं तर्क: सही उत्तर (क) है। यहाँ ‘नई जवानी’ का अर्थ है भारतीयों के मन में अपनी खोई हुई आज़ादी को पुनः प्राप्त करने के लिए जागा हुआ आत्म-सम्मान और उत्साह। यह उस गौरव को दर्शाता है जिसने पराधीन और हताश भारत में अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ने का नया जोश भर दिया था।

2. प्रश्न: लक्ष्मीबाई को ‘छबीली’ कहना उनके व्यक्तित्व की किस विशेषता को दर्शाता है?

(क) विनम्रता

(ख) शोभायुक्त

(ग) सहिष्णुता

(घ) कठोरता

उत्तर एवं तर्क: सही उत्तर (ख) है। ‘छबीली’ शब्द का अर्थ तेजस्वी, सुंदर और सजीली होता है। यह रानी के बचपन के उस प्रभावशाली और आकर्षक व्यक्तित्व की ओर संकेत करता है जो बचपन से ही शस्त्र-कला और वीरता के गुणों से सुशोभित था।

3. प्रश्न: “बुझा दीप झाँसी का” पंक्ति का भावार्थ है—

(क) अँगरेजों का झाँसी पर अधिकार हो जाना

(ख) झाँसी राज्य की उम्मीदों का नष्ट हो जाना

(ग) राजा की आकस्मिक मृत्यु होना

(घ) रानी के जीवन में उदासी होना

उत्तर एवं तर्क: सही उत्तर (ग) है। यह पंक्ति रानी लक्ष्मीबाई के पति राजा गंगाधर राव के निधन की घटना को दर्शाती है। राजा के निःसंतान मरने के कारण झाँसी का राजकुल शोक में डूब गया और डलहौजी को राज्य हड़पने का अवसर मिल गया।

4. प्रश्न: “इस स्वतंत्रता-महायज्ञ में कई वीरवर आए काम” पंक्ति में स्वतंत्रता आंदोलन की किस ऐतिहासिक घटना की ओर संकेत किया गया है?

(क) असहयोग आंदोलन

(ख) भारत छोड़ो आंदोलन

(ग) 1857 की क्रांति

(घ) सविनय अवज्ञा आंदोलन

उत्तर एवं तर्क: सही उत्तर (ग) है। यह पूरी कविता 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें नाना धुंधूपंत, ताँतिया टोपे, अज़ीमुल्ला खाँ और कुँवर सिंह जैसे उन वीरों का उल्लेख है जिन्होंने इस क्रांति में अपना बलिदान दिया था।

5. प्रश्न: “व्यापारी बन दया चाहता था जब यह भारत आया” पंक्ति में ‘यह’ शब्द किसके लिए कहा गया है?

(क) नवाबों के लिए

(ख) जनरल डलहौजी के लिए

(ग) लेफ्टिनेंट वॉकर के लिए

(घ) ब्रिटिश राज के लिए

उत्तर एवं तर्क: सही उत्तर (घ) है। यहाँ ‘यह’ शब्द अंग्रेजों या ब्रिटिश राज (ईस्ट इंडिया कंपनी) के लिए प्रयुक्त हुआ है। अंग्रेज प्रारंभ में भारत में केवल व्यापार करने की अनुमति और दया माँगने आए थे, परंतु धीरे-धीरे उन्होंने यहाँ के राजाओं और नवाबों को ठुकराकर पूरे देश पर अपना अधिकार कर लिया।

मेरी समझ मेरे विचार

प्रश्न 1: ‘झाँसी की रानी’ कविता के आधार पर बताइए कि लक्ष्मीबाई के प्रिय खेल कौन-कौन से थे? उनका बचपन दूसरों से किस प्रकार भिन्न था?

उत्तर: कविता के अनुसार, लक्ष्मीबाई के प्रिय खेल अन्य सामान्य बालिकाओं के खेलों से पूरी तरह भिन्न और वीरतापूर्ण थे। जहाँ सामान्य लड़कियाँ गुड़िया-खिलौनों से खेलती थीं, वहीं लक्ष्मीबाई के प्रिय खेल और खिलौने नकली युद्ध करना, व्यूह की रचना करना, शिकार खेलना, सैन्य घेरना और दुर्ग तोड़ना थे। उनका बचपन दूसरों से इसलिए भिन्न था क्योंकि उनकी सहेलियाँ सखियाँ नहीं, बल्कि बरछी, ढाल, कृपाण और कटारी जैसे अस्त्र-शस्त्र थे। उन्हें बचपन से ही वीर शिवाजी की शौर्य गाथाएँ मुँह जुबानी याद थीं और वे स्वयं वीरता की अवतार मानी जाती थीं।

प्रश्न 2: “किंतु कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई” पंक्ति के माध्यम से किस घटना की ओर संकेत किया गया है?

उत्तर: इस पंक्ति के माध्यम से झाँसी के राजा गंगाधर राव की आकस्मिक मृत्यु की दुखद घटना की ओर संकेत किया गया है। रानी लक्ष्मीबाई के विवाह के बाद जब झाँसी के महलों में खुशियाँ छाई हुई थीं, तभी नियति ने करवट ली और राजा का निधन हो गया, जिससे रानी विधवा हो गईं। कविता में इस दुखद परिवर्तन को ‘काली घटा’ कहा गया है क्योंकि राजा के निःसंतान मरने के कारण झाँसी के राजकुल का ‘दीपक’ बुझ गया और रानी गहरे शोक में डूब गईं।

प्रश्न 3: “महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी” पंक्ति समाज के विभिन्न वर्गों की एकता को दर्शाती है, इस एकता का स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में क्या महत्व है?

उत्तर: यह पंक्ति इस बात को रेखांकित करती है कि 1857 का स्वतंत्रता संग्राम केवल राजाओं या सैनिकों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें समाज के सभी वर्गों (अमीर और गरीब) ने मिलकर हिस्सा लिया था। ‘महलों’ (शासक वर्ग) के विद्रोह और ‘झोंपड़ी’ (आम जनता) के भीतर धधक रहे असंतोष ने मिलकर एक प्रचंड ज्वाला का रूप ले लिया था। स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में इस एकता का अत्यधिक महत्व था क्योंकि इसी सामूहिक शक्ति ने ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी और पूरे भारत में राष्ट्रीय चेतना की चिनगारी फैला दी। यह एकता दर्शाती है कि आज़ादी की चाह भारतीयों के ‘अंतरतम’ से निकली थी।

प्रश्न 4: “सरे-आम नीलाम छापते थे अंग्ेजों के अखबार” पंक्ति में ‘नीलाम छापते’ शब्द किसकी ओर संकेत करता है? यह भी बताइए कि किसकी नीलामी की जाती थी और क्यों?

उत्तर: ‘नीलाम छापते’ शब्द अंग्रेजों द्वारा भारतीय रियासतों के राजसी वैभव और संपत्ति की सार्वजनिक बिक्री की ओर संकेत करता है। कविता के अनुसार, नागपुर के गहने और लखनऊ के प्रसिद्ध ‘नौलखा हार’ कलकत्ता के बाज़ारों में बिकने के लिए अंग्रेजों के अखबारों में विज्ञापित किए जाते थे। यह नीलामी उन राज्यों की रानियों और बेगमों के कीमती गहनों और कपड़ों की की जाती थी जिन्हें अंग्रेजों ने हड़प लिया था। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि भारतीय शासकों को अपमानित किया जा सके और ‘परदे की इज्ज़त’ यानी देश के सम्मान को दूसरों के हाथों बेचा जा सके।

प्रश्न 5: “अभी उम्र कुल तेइस की थी, मनुज नहीं अवतारी थी” पंक्ति में ‘अवतारी’ शब्द व्यक्ति के विशेष गुणों की ओर इंगित कर रहा है। कविता के आधार पर बताइए कि लक्ष्मीबाई के किन गुणों के कारण उनको ‘अवतारी’ कहा गया है?

उत्तर: लक्ष्मीबाई को ‘अवतारी’ उनके अदम्य साहस, असाधारण वीरता और देश के प्रति उनके बलिदान के कारण कहा गया है। मात्र तेइस वर्ष की अल्पायु में उन्होंने जिस प्रकार अंग्रेजों की विशाल सेना का सामना किया और युद्ध क्षेत्र में पुरुष योद्धाओं के बीच ‘मर्दानी’ बनकर लड़ीं, वह किसी साधारण मनुष्य के लिए संभव नहीं था। उनके युद्ध कौशल (तलवारबाजी, व्यूह रचना) और घायल होने के बावजूद अंतिम साँस तक लड़ते रहने के संकल्प ने उन्हें एक ईश्वरीय अवतार के समान प्रतिष्ठित किया। वे भारतीयों को पराधीनता की नींद से ‘जीवित’ करने और स्वतंत्रता का मार्ग दिखाने आई थीं, इसीलिए कवयित्री ने उन्हें मनुष्य न मानकर ‘अवतारी’ कहा है।

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