पाठ : नहीं होना बीमार (प्रश्न-उत्तर)
मेरी समझ से
(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन सा है? उसके सामने तारा ( )बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
(1) बच्चे के विद्यालय न जाने का मुख्य कारण क्या था?
- उसका विद्यालय जाने का मन नहीं था।
- उसका साबूदाने की खीर खाने का मन था।
- उसने गृहकार्य नहीं किया था।
- उसे बुखार हो गया था।
उत्तर – उसने गृहकार्य नहीं किया था।
(2) कहानी के अंत में बच्चे ने कहा, “इसके बाद स्कूल से छुट्टी मारने के लिए मैंने बीमारी का बहाना कभी नहीं बनाया।” बच्चे ने यह निर्णय लिया क्योंकि—
- घर में रहने के बजाय विद्यालय जाना अधिक रोचक है।
- बीमारी का बहाना बनाने से साबूदाने की खीर नहीं मिलती।
- झूठ बोलने से झूठ के खुलने का डर हमेशा बना रहता है।
- इस बहाने के कारण उसे दिनभर अकेले और भूखे रहना पड़ा।
उत्तर – इस बहाने के कारण उसे दिनभर अकेले और भूखे रहना पड़ा।
(3) “लेटे-लेटे पीठ दुखने लगी” इस बात से बच्चे के बारे में क्या पता चलता है?
- उसे बिस्तर पर लेटे रहने के कारण ऊब हो गई थी।
- उसे अपनी बीमारी की कोई चिंता नहीं रह गई थी।
- वह बिस्तर पर आराम करने का आनंद ले रहा था।
- बीमारी के कारण उसकी पीठ में दर्द हो रहा था।
उत्तर – उसे बिस्तर पर लेटे रहने के कारण ऊब हो गई थी।
(4) “क्या ठाठ हैं बीमारों के भी!” बच्चे के मन में यह बात आई क्योंकि—
- बीमार व्यक्ति को बहुत आराम करने को मिलता है।
- बीमार व्यक्ति को अच्छे खाने का आनंद मिलता है।
- बीमार व्यक्ति को विद्यालय नहीं जाना पड़ता है।
- बीमार व्यक्ति अस्पताल में शांति से लेटा रहता है।
उत्तर – बीमार व्यक्ति को विद्यालय नहीं जाना पड़ता है।
मिलकर करें मिलान
| शब्द | सही अर्थ |
|---|---|
| 1. साबूदाना | सागू नामक वृक्ष के तने का गूदा, जो दानों के रूप में सुखा लिया जाता है। |
| 2. वार्ड | किसी विशिष्ट कार्य के लिए घेरकर बनाया हुआ स्थान। |
| 3. नर्स | वह व्यक्ति जो रोगियों, घायलों या वृद्धों आदि की देखभाल करे। |
| 4. रजाई | एक प्रकार का जाड़े का ओढ़ना जिसका कपड़ा दोहरा होता है और जिसमें रुई भरी होती है। |
| 5. थर्मामीटर | शरीर का तापमान (जैसे बुखार) नापने का एक छोटा यंत्र। |
| 6. काढ़ा | जड़ी-बूटियों और औषधियों को उबालकर उनके रस से बना पेय। |
| 7. ड्राइक्लीनर | नाजुक कपड़ों को पानी और साबुन के बिना मशीनों से साफ करने वाला व्यक्ति। |
| 8. ताजमहल | आगरा में स्थित 17वीं सदी में निर्मित एक विश्व-प्रसिद्ध सफेद संगमरमर का स्मारक। |
| 9. अरहर | एक दाल जिसे तुअर भी कहते हैं। |
पंक्तियों पर चर्चा
(क) “मैंने सोचा बीमार पड़ने के लिए आज का दिन बिलकुल ठीक रहेगा। चलो बीमार पड़ जाते हैं।”
उत्तर: इस पंक्ति का अर्थ है कि बच्चा स्कूल जाने से बचने और सजा से डरकर जानबूझकर बीमारी का बहाना बनाने की योजना बना रहा है।
(ख) “देखो! उन्होंने एक बार भी आकर नहीं पूछा कि तू क्या खाएगा?… लेकिन नहीं! भूखे रहो!! इससे सारे विकार निकल जाएँगे।”—
उत्तर: बच्चा झुंझलाहट में है क्योंकि उसके नाना-नानी ने उसे बीमार समझकर कुछ भी खाने को नहीं दिया। उसे लग रहा है कि विकार निकालने के चक्कर में वह खुद भूख का शिकार हो रहा है।
सोच-विचार के लिए
(क) अस्पताल में बच्चे को कौन-कौन सी चीजें अच्छी लगीं और क्यों?
उत्तर: बच्चे को अस्पताल का शांत माहौल, बड़ी-बड़ी खिड़कियाँ, हरे-हरे पेड़ और शोर-शराबे का न होना अच्छा लगा।
(ख) कहानी के अंत में बच्चे को महसूस हुआ कि उसे स्कूल जाना चाहिए था। क्या आपको लगता है कि उसका निर्णय सही था? क्यों?
उत्तर: हाँ, उसका निर्णय सही था क्योंकि झूठ बोलने के कारण उसे दिनभर अकेलेपन, बोरियत और भूख का सामना करना पड़ा, जो स्कूल की सजा से भी बुरा था।
(ग) जब बच्चा बीमार पड़ने का बहाना बनाकर बिस्तर पर लेटा रहा तो उसके मन में कौन-कौन से भाव आ रहे थे?
उत्तर: उसके मन में शुरुआत में प्रसन्नता (ठाठ के विचार), फिर ऊब (बोरियत), भूख के कारण बेचैनी, पछतावा और मुन्नू को आम खाते देख ईर्ष्या के भाव आए।
(ङ) नानीजी और नानाजी ने बच्चे को बीमारी की दवा दी और उसे आराम करने को कहा। बच्चे को खाना नहीं दिया गया। क्या आपको लगता है कि उन्होंने सही किया?
उत्तर: उनके दृष्टिकोण से उन्होंने सही किया क्योंकि वे बच्चे को वास्तव में बीमार समझ रहे थे और बीमारी में हल्का भोजन या उपवास (विकार निकालने के लिए) स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है।
अनुमान और कल्पना से
(क) कहानी के अंत में बच्चा नानाजी और नानीजी को सब कुछ सच-सच बताने का निर्णय कर लेता तो कहानी में आगे क्या होता?
उत्तर: यदि बच्चा सच बता देता, तो उसका दिन पूरी तरह बदल जाता। उसे रजाई में लेटे रहने और भूखे रहने की बोरियत से मुक्ति मिल जाती। संभव था कि उसे होमवर्क न करने के लिए थोड़ी डाँट पड़ती, लेकिन उसे स्वादिष्ट खाना मिलता और वह दोस्तों के साथ खेल पाता। उसके मन से झूठ बोलने का डर और अपराधबोध (गिल्ट) खत्म हो जाता और वह अधिक हल्का और प्रसन्न महसूस करता।
(ख) कहानी में बच्चे की नानीजी के स्थान पर आप हैं। आप सारे नाटक को समझ गए हैं लेकिन चाहते हैं कि बच्चा सारी बात आपको स्वयं बता दे। अब आप क्या करेंगे?
उत्तर: नानीजी के स्थान पर मैं बच्चे के सामने जान-बूझकर उसकी पसंदीदा चीज़ों, जैसे— साबूदाने की खीर या मुंबई वाले चाचाजी के भेजे आमों की चर्चा करती। मैं उससे कहती कि “बीमार व्यक्ति ये सब नहीं खा सकता, इसलिए बाकी सब मिलकर इसका आनंद लेंगे।” खाने की खुशबू और उसे न मिल पाने की तड़प से बच्चा खुद ही हार मानकर अपना नाटक स्वीकार कर लेता और सच बता देता।
(ग) कहानी में बच्चे के स्थान पर आप हैं और घर में अकेले हैं। अब आप ऊबने से बचने के लिए क्या-क्या करेंगे?
उत्तर: ऊब से बचने के लिए मैं कमरे में रखी कहानियों की किताबें पढ़ती, खिड़की से बाहर गली की गतिविधियों को देखती या कागज़-कलम लेकर चित्रकारी करती। यदि मुझे अगले दिन की चिंता होती, तो मैं चुपके से अपना अधूरा होमवर्क भी पूरा करने की कोशिश करती ताकि स्कूल जाने का डर खत्म हो सके।
(घ) कहानी के अंत में बच्चे को लगा कि उसे स्कूल जाना चाहिए था। कल्पना कीजिए, अगर वह स्कूल जाता तो उसका दिन कैसा होता? अगले दिन जब वह स्कूल गया होगा तो उसने क्या-क्या किया होगा?
उत्तर: यदि वह स्कूल जाता, तो उसे होमवर्क न करने के कारण सजा तो मिलती, लेकिन वह ‘रिसेस’ (आधी छुट्टी) में ठेले पर नमक-मिर्च लगे अमरूद खाने का आनंद ले पाता। अगले दिन जब वह स्कूल गया होगा, तो उसने सबसे पहले अपने किसी दोस्त से कॉपी माँगी होगी ताकि वह पिछले दिन का छूटा हुआ काम पूरा कर सके। उसने निश्चय किया होगा कि वह अब से काम समय पर करेगा ताकि दोबारा बहाना न बनाना पड़े।
(ङ) कहानी में नानाजी और नानीजी ने बच्चे की बीमारी ठीक करने के लिए उसे दवाई दी और खाने के लिए कुछ नहीं दिया। अगर आप नानीजी या नानाजी की जगह होते तो क्या-क्या करते?
उत्तर: मैं बच्चे के व्यवहार और थर्मामीटर की जाँच अधिक सावधानी से करती। यदि मुझे संदेह होता कि वह नाटक कर रहा है, तो मैं उसे कड़वी दवा देने के बजाय प्यार से समझाती कि झूठ बोलने से उसका अपना ही नुकसान (जैसे— खेल और खाने का छूटना) होगा। मैं उसे हल्का भोजन देती लेकिन साथ ही यह शर्त रखती कि उसे अपना अधूरा काम भी पूरा करना होगा।
शब्द से जुड़े शब्द
प्रश्न: ‘बीमार’ शब्द से जुड़े शब्द पाठ में से चुनकर लिखिए।
उत्तर: बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द, थर्मामीटर, पुड़िया (दवा), काढ़ा, बिस्तर, कमजोरी।
आज की पहेली
- रोटी जैसा, आलू से भरा, दही-चटनी के साथ: आलू का पराँठा
- दाल-चावल का मेल, दक्षिण भारत में प्रसिद्ध, गोल/त्रिकोणा: इडली / डोसा
- महाराष्ट्र का खास नाश्ता, मिर्च-मसाले और बटाटा के साथ: वड़ा पाव / बटाटा वड़ा
- बेसन से बने चौकोर, गुजरात में प्रसिद्ध, नरम और रसीले: ढोकला
शीर्षक
शीर्षक: इस पाठ का उपयुक्त शीर्षक “बीमारी का बहाना” या “नहीं होना बीमार” हो सकता है क्योंकि यह बच्चे के अनुभव और उसके अंतिम निर्णय को दर्शाता है।
विराम चिह्न
- पूर्ण विराम ।
- अल्प विराम ,
- प्रश्नवाचक चिह्न ?
- विस्मयािदबोधक चिह्न !
- उद्धरण चिह्न “ ”