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पाठ में दिए प्रश्नों के उत्तर
(आइए,और अधिक सीखें)
प्रश्न -1 पौधों और जंतुओं के जीवन-चक्र में समानताओं और भिन्नताओं को सूचीबद्ध कीजिए।
उत्तर –
- समानताएँ: दोनों का जीवन एक निश्चित बिंदु (बीज या नवजात) से शुरू होता है। दोनों ही वृद्धि और विकास की विभिन्न अवस्थाओं से गुजरते हैं, वयस्क होते हैं, अपनी पीढ़ी की निरंतरता के लिए जनन करते हैं और अंततः उनकी मृत्यु हो जाती है।
- भिन्नताएँ: पौधों का जीवन-चक्र बीज के अंकुरण से शुरू होता है और इसमें पुष्पन (फूल आना) शामिल होता है। जंतुओं का जीवन-चक्र नवजात के जन्म से शुरू होता है और कुछ जंतुओं (जैसे मच्छर या मेंढक) में लार्वा या टैडपोल जैसी विशेष अवस्थाएँ होती हैं जो वयस्क से बिल्कुल अलग दिखती हैं।
प्रश्न 2 – नीचे तालिका में कुछ विवरण (डाटा) दिया गया है। तालिका का अध्ययन कीजिए और दूसरे व तीसरे स्तंभ में दी गई स्थितियों के लिए उपयक्तु उदाहरणों का पता लगाने का प्रयास कीजिए। यदि आपको लगता है कि नीचे दी गई किसी भी स्थिति के लिए उदाहरण संभव नहीं है तो स्पष्ट कीजिए कि ऐसा क्यों है?
उत्तर –
| क्रम सं. | क्या इसकी वृद्धि होती है? | क्या यह श्वास लेता है? | उदाहरण | टिप्प णी |
| 1 | नहीं | नहीं | पेंसिल या पुस्तक | ये निर्जीव वस्तुएं हैं। |
| 2 | नहीं | हाँ | कोई नहीं | सजीवों में वृद्धि भी होती है। |
| 3 | हाँ | नहीं | कोई नहीं | निर्जीवों में वृद्धि नहीं होती। |
| 4 | हाँ | हाँ | मनुष्य, कुत्ता, आम का पेड़ | ये सभी सजीव हैं। |
प्रश्न 3 – आपने सीखा है कि बीजों के अंकुरण के लिए भिन्न-भिन्न परिस्थितियों की आवश्यकता होती है। अनाजों और दालों के उपयुक्त भंडारण के लिए हम इस ज्ञान का उपयोग किस प्रकार कर सकते हैं?
उत्तर – बीजों को अंकुरित होने के लिए जल (नमी) और वायु की आवश्यकता होती है। अतः अनाज और दालों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें सूखे स्थान पर रखना चाहिए और नमी से बचाना चाहिए ताकि वे अंकुरित न हों और लंबे समय तक खाने योग्य रहें।
प्रश्न 4 -आपने सीखा है कि टैडपोल की एक पूँछ होती है लेकिन जब वृद्धि के बाद यह मेंढक बनता है तो पूँछ लुप्त हो जाती है। टैडपोल अवस्था में पूँछ होने से क्या लाभ मिलता है?
उत्तर – टैडपोल पूर्णतः जल में रहता है, और उसकी पूँछ उसे जल में तैरने में सहायता करती है। यह उसे अपने जलीय आवास में जीवित रहने और गति करने में सक्षम बनाती है।
प्रश्न 5 – चरण का कहना है लकड़ी का लट्ठा निर्जीव है क्योंकि इसमें गति नहीं होती। इसके विपरीत चारु इसे सजीव मानती है क्योंकि यह वृक्षों से प्राप्त होता है चरण और चारु के कथनों के पक्ष या विपक्ष में अपने अपने तर्क दीजिए।
उत्तर – लकड़ी का लट्ठा निर्जीव (या मृत) है। यद्यपि चारु सही है कि यह वृक्ष (सजीव) से प्राप्त हुआ है, लेकिन अब यह श्वसन, वृद्धि या जनन जैसी जीवन की आवश्यक गतिविधियाँ नहीं दर्शा रहा है। सजीव होने के लिए जीवन के सभी लक्षणों का होना अनिवार्य है।
प्रश्न 6 – मच्छर और मेंढक के जीवन-चक्र में क्या समानताएँ और क्या विभेदकारी विशेषताएँ होती ह?
उत्तर –
- समानताएँ: दोनों का जीवन अंडे से शुरू होता है और दोनों में चार मुख्य अवस्थाएँ होती हैं। दोनों के जीवन का प्रारंभिक हिस्सा जल में बीतता है और उनकी मध्यवर्ती अवस्थाएँ (लार्वा/टैडपोल) वयस्क से बहुत अलग दिखती हैं।
- विभेदकारी विशेषता: मच्छर का चक्र अंडा, वयस्क है। मेंढक का चक्र अंडा, टैडपोल, मंडूकक, वयस्क मेंढक है। मेंढक वयस्क होने पर जमीन और जल दोनों पर रह सकता है, जबकि मच्छर उड़ने वाला कीट बन जाता है।
प्रश्न – 7 एक पौधे को उसकी वृद्धि के लिए उपयक्तु सभी स्थितियाँं उपलब्ध कराई गई हैं (चित्र 10.9)। एक सप्ताह पश्चात आप इस पौधे के प्ररोह और जड़ में क्या दखेने की अपेक्षा करते हैं? उसका चित्र बनाइए। इसके कारण भी लिखिए।
उत्तर – एक सप्ताह बाद, इस पौधे का प्ररोह (shoot) ऊपर की ओर मुड़कर वृद्धि करेगा और इसकी जड़ें नीचे की ओर मुड़ जाएँगी। इसका कारण यह है कि प्ररोह हमेशा प्रकाश की ओर और ऊपर की ओर बढ़ता है, जबकि जड़ें गुरुत्वाकर्षण के कारण नीचे की ओर बढ़ती हैं।
प्रश्न 8 – तारा और विजय ने एक प्रयोग का सेट-अप तैयार किया है जिसे चित्र 10.10 में दर्शा या गया है। आप क्या सोचते है कि वे क्या पता करना चाहते हैं और, उन्हें यह कै से पता चलेगा कि वे सही हैं?
उत्तर – वे यह पता करना चाहते हैं कि प्रकाश की दिशा का पौधे की वृद्धि पर क्या प्रभाव पड़ता है। उन्हें तब पता चलेगा कि वे सही हैं जब पौधे का प्ररोह उस छेद की ओर मुड़कर वृद्धि करने लगेगा जहाँ से प्रकाश आ रहा है।
प्रश्न 9 – बीज अंकुरण पर तापमान के प्रभाव की जाँच करने के लिए एक प्रयोग की योजना लिखिए।
उत्तर – तीन समान गमले लें और उनमें बीज बोएँ। एक गमले को बहुत ठंडी जगह (जैसे फ्रिज), दूसरे को सामान्य कमरे के तापमान पर और तीसरे को बहुत गर्म स्थान पर रखें। तीनों को बराबर मात्रा में पानी और हवा दें। 7-10 दिनों तक अवलोकन करें कि किस तापमान पर बीज सबसे अच्छे अंकुरित होते हैं।
अतिरिक्त प्रश्न-उत्तर
प्रश्न: ‘उद्दीपन’ किसे कहते हैं?
उत्तर: कोई भी वस्तु या घटना जो सजीवों को अनुक्रिया (प्रतिक्रिया) करने के लिए प्रेरित करती है, उसे उद्दीपन कहते हैं।
प्रश्न: पौधों की पत्तियों पर मौजूद छोटे छिद्रों को क्या कहा जाता है?
उत्तर: इन सूक्ष्म छिद्रों को ‘रंध्र’ (stomata) कहा जाता है।
प्रश्न: उत्सर्जन (Excretion) की परिभाषा क्या है?
उत्तर: शरीर से अपशिष्ट (बेकार) उत्पादों के निष्कासन की प्रक्रिया को उत्सर्जन कहते हैं।
प्रश्न: जगदीश चंद्र बोस ने किस मशीन का निर्माण किया था?
उत्तर: उन्होंने ‘क्रेस्कोग्राफ’ नामक मशीन का निर्माण किया था।
प्रश्न: ‘जलांडक’ क्या है?
उत्तर: मेंढक के अंडों के समूह को जलांडक कहा जाता है।
प्रश्न: बीज के बाहरी आवरण को क्या कहते हैं?
उत्तर: बीज के बाहरी आवरण को ‘बीजावरण’ कहा जाता है।
प्रश्न: मच्छर के जीवन-चक्र की चार अवस्थाएँ कौन-सी हैं?
उत्तर: मच्छर के जीवन-चक्र की चार अवस्थाएँ अंडा, लार्वा, प्यूपा और वयस्क हैं।
प्रश्न: कीटभक्षी पौधे ‘ड्रोसेरा’ की पत्तियाँ किस आकार की होती हैं?
उत्तर: इसकी पत्तियाँ तश्तरी (सॉसर) के आकार की होती हैं।
प्रश्न: ‘जनन’ (Reproduction) क्यों अनिवार्य है?
उत्तर: जनन जीवन की निरंतरता बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
प्रश्न: पौधे का कौन-सा भाग प्रकाश की दिशा में वृद्धि करता है?
उत्तर: पौधे का प्ररोह (shoot) प्रकाश की दिशा में वृद्धि करता है।
प्रश्न: मेंढक के टैडपोल को जल में तैरने में क्या सहायता करती है?
उत्तर: टैडपोल की पूँछ उसे जल में तैरने में सहायता करती है।
प्रश्न: ‘मंडूकक’ (Froglet) किसे कहते हैं?
उत्तर: जब टैडपोल छोटा मेंढक जैसा दिखने लगता है और उसके पैर विकसित हो जाते हैं, तो उसे मंडूकक कहते हैं।
प्रश्न: रेशम कीट के जीवन की चार अवस्थाएँ क्या हैं?
उत्तर: अंडा, लार्वा, प्यूपा और वयस्क।
प्रश्न: क्या सभी बीजों को अंकुरण के लिए प्रकाश की आवश्यकता होती है?
उत्तर: नहीं, अधिकांश बीजों को अंकुरण के लिए प्रकाश की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन कोलियस जैसे कुछ पौधों को होती है।
प्रश्न: मृत किसे माना जाता है?
उत्तर: जब कोई सजीव, जीवित रहने के संसाधनों के बावजूद सजीवों के लक्षण प्रदर्शित नहीं कर पाता, तो उसे मृत कहते हैं।
प्रश्न: श्वसन प्रक्रिया में वायु का क्या मार्ग होता है?
उत्तर: श्वास लेते समय वायु बाहर से शरीर में आती है और बाहर निकालते समय शरीर से बाहर जाती है।
प्रश्न: छुई-मुई के पौधे में उद्दीपन का कारण क्या है?
उत्तर: स्पर्श (छूना) इसके लिए उद्दीपन का कार्य करता है।
प्रश्न: वयस्क मच्छर का जीवनकाल लगभग कितना होता है?
उत्तर: वयस्क मच्छर लगभग 10 से 15 दिन तक जीवित रह सकता है।
प्रश्न: जड़ों की वृद्धि किस दिशा में होती है?
उत्तर: जड़ें हमेशा नीचे की ओर वृद्धि करती हैं।
प्रश्न: ‘भ्रूण’ क्या है?
उत्तर: बीज के अंदर मौजूद नन्हा जीव जो पौधे के रूप में विकसित होता है, भ्रूण कहलाता है।
प्रश्न: गति के आधार पर कार को सजीव क्यों नहीं माना जा सकता?
उत्तर: हालाँकि कार चलती (गति करती) है, लेकिन वह सजीवों के अन्य लक्षण जैसे—स्वयं वृद्धि करना, श्वसन, जनन और पोषण प्रदर्शित नहीं करती।
प्रश्न: पौधे किस प्रकार गति प्रदर्शित करते हैं? दो उदाहरण दें।
उत्तर: पौधे एक स्थान से दूसरे स्थान तक नहीं जाते, लेकिन वे फूलों का खिलना और कीटभक्षी पौधों (जैसे ड्रोसेरा) द्वारा कीटों को जकड़ने जैसी गतियाँ दिखाते हैं।
प्रश्न: ग्रीष्मकाल में कमीज पर पड़ने वाले सफेद धब्बे क्या दर्शाते हैं?
उत्तर: ये धब्बे पसीने के माध्यम से शरीर से उत्सर्जित जल और लवण होते हैं, जो उत्सर्जन प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
प्रश्न: बीज के अंकुरण के लिए जल की क्या भूमिका है?
उत्तर: जल बीजावरण को मुलायम बनाता है और भ्रूण को पौधे में विकसित होने के लिए आवश्यक आंतरिक प्रक्रियाओं को सक्षम करता है।
प्रश्न: स्थिर जल पर मिट्टी का तेल छिड़कने से मच्छरों की रोकथाम कैसे होती है?
उत्तर: तेल की परत जल को वायु से अलग कर देती है, जिससे लार्वा और प्यूपा श्वसन नहीं कर पाते और मर जाते हैं।
प्रश्न: ‘टैडपोल’ और ‘वयस्क मेंढक’ के बीच मुख्य अंतर क्या है?
उत्तर: टैडपोल पूँछयुक्त, पैरविहीन और केवल जल में रहने वाला होता है, जबकि वयस्क मेंढक के पास पूँछ नहीं होती, मजबूत पैर होते हैं और वह जल व थल दोनों पर रह सकता है।
प्रश्न: जगदीश चंद्र बोस के प्रयोगों का क्या महत्व था?
उत्तर: उन्होंने सिद्ध किया कि पौधे न केवल बढ़ते हैं बल्कि वे उद्दीपनों (ताप, प्रकाश आदि) को महसूस भी करते हैं और उनके प्रति अनुक्रिया करते हैं।
प्रश्न: ‘आँवले’ के पेड़ की पत्तियाँ सूर्यास्त के बाद क्या प्रतिक्रिया देती हैं?
उत्तर: सूर्यास्त के बाद आँवले के पेड़ की पत्तियाँ एक-दूसरे के पास आकर बंद हो जाती हैं, जो प्रकाश के प्रति उनकी अनुक्रिया है।
प्रश्न: बीजों के भंडारण के लिए अंकुरण के ज्ञान का क्या उपयोग है?
उत्तर: बीजों को अंकुरण के लिए नमी और वायु चाहिए, इसलिए भंडारण के समय उन्हें सूखे और हवादार स्थान पर रखना चाहिए ताकि वे अंकुरित न हों।
प्रश्न: जीवन-चक्र (Life cycle) का क्या अर्थ है?
उत्तर: जन्म (या अंकुरण) से लेकर वृद्धि, विकास, जनन और अगली पीढ़ी के निर्माण तक की संपूर्ण प्रक्रिया को जीवन-चक्र कहते हैं।
प्रश्न: सजीवों की उन मुख्य विशेषताओं का विस्तार से वर्णन करें जो उन्हें निर्जीवों से अलग करती हैं।
उत्तर: सजीवों के मुख्य लक्षण हैं: (1) पोषण – उन्हें ऊर्जा के लिए भोजन चाहिए। (2) वृद्धि – वे समय के साथ बढ़ते हैं। (3) श्वसन – वे जीवित रहने के लिए वायु अंदर-बाहर करते हैं। (4) उत्सर्जन – अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालते हैं। (5) उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया – वे बाहरी परिवर्तनों पर प्रतिक्रिया देते हैं। (6) जनन – वे अपनी तरह के नए जीव पैदा करते हैं। (7) अंततः मृत्यु।
प्रश्न: एक प्रयोग द्वारा समझाएं कि क्या पौधे प्रकाश की दिशा के प्रति संवेदनशील होते हैं।
उत्तर: क्रियाकलाप 10.3 के अनुसार, एक पौधे को ऐसे बॉक्स में रखें जिसमें केवल एक ओर छेद हो। एक सप्ताह बाद हम देखेंगे कि पौधे का प्ररोह (ऊपरी भाग) उस छेद की ओर मुड़कर बढ़ रहा है जहाँ से प्रकाश आ रहा है। यह सिद्ध करता है कि प्ररोह प्रकाश की दिशा में गति करता है।
प्रश्न: मच्छर के जीवन-चक्र की विभिन्न अवस्थाओं का विस्तृत वर्णन करें।
उत्तर: मच्छर का जीवन चार अवस्थाओं से गुजरता है: (I) अंडा – मादा मच्छर जल पर अंडे देती है। (II) लार्वा – अंडे से कृमि जैसा लार्वा निकलता है जो जल में तैरता है। (III) प्यूपा – लार्वा विकसित होकर प्यूपा बनता है। (IV) वयस्क – प्यूपा से पंख वाला मच्छर निकलता है जो उड़ जाता है। इन अवस्थाओं में मच्छर की आकृति और संरचना पूरी तरह बदल जाती है।
प्रश्न: मेंढक के जीवन-चक्र में होने वाले परिवर्तनों और उसके आवास में बदलाव को स्पष्ट करें।
उत्तर: मेंढक का जीवन अंडे (जलांडक) से शुरू होता है जो भ्रूण बनता है। इसके बाद टैडपोल निकलता है जिसकी पूँछ होती है और वह केवल जल में रहता है। धीरे-धीरे उसके पिछले पैर आते हैं और वह मंडूकक बनता है, जो जल और थल दोनों पर रहने लगता है। अंततः वह वयस्क बनता है, पूँछ गायब हो जाती है और वह फेफड़ों से श्वसन कर थल पर भी कुशलता से रह सकता है।
प्रश्न: बीज अंकुरण के लिए आवश्यक परिस्थितियों (जल, वायु, प्रकाश) के प्रभाव का विश्लेषण करें।
उत्तर: अंकुरण के लिए जल अनिवार्य है क्योंकि यह बीजावरण को नरम करता है। वायु भी आवश्यक है क्योंकि बीज मिट्टी के कणों के बीच की हवा का उपयोग श्वसन के लिए करते हैं। अधिकांश बीजों को अंकुरण के लिए प्रकाश की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन अंकुरण के बाद पौधे की वृद्धि के लिए सूर्य का प्रकाश महत्वपूर्ण है। फली जैसे बीजों के लिए नमी और वायु का सही संतुलन सबसे महत्वपूर्ण है।