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पाठ में दिए प्रश्नों के उत्तर
(आइए,और अधिक सीखें)
प्रश्न 1 :- निम्नलिखित में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
उत्तर :-
(क) दो चुंबकों के विपरीत ध्रुव एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं, जबकि समान ध्रुव एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं।
(ख) वे पदार्थ जो चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं, उन्हें चुंबकीय पदार्थ कहते हैं।
(ग) चुंबकीय दिक्सूचक की सुई उत्तर-दक्षिण दिशा में ही ठहरती है।
(घ) चुंबक में सर्वदा दो ध्रुव होते हैं।
प्रश्न 2 :- निम्नलिखितकथन सत्य (√) हैं या असत्य (Χ)—
उत्तर :-
(क) किसी चुंबक को टुकड़ों में तोड़कर एक ध्रुव प्राप्त किया जा सकता है। [असत्य]
(ख) चुंबक के समान ध्रुव एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं। [सत्य]।
(ग) जब किसी छड़ चुंबक को लोहरेतन के पास लाया जाता है, तो अधिकांश लोहरेतन उसके बीच में चिपक जाता है। [असत्य]
(घ) स्वतंत्र रूप से लटका हुआ छड़ चुंबक हमेशा उत्तर-दक्षिण दिशा की ओर इंगित करता है। [सत्य]।
प्रश्न 3 :- स्तंभ I में विभिन्न स्थितियाँ दर्शाई गई हैं, जिनमें एक चुंबक का कोई एक ध्रुव दूसरे चुंबक के किसी ध्रुव के निकट स्थित होता है। स्तंभ II में विभिन्न स्थितियों के लिए उनके बीच होने वाली अंत क्रिया दर्शाई गई है। रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
उत्तर :-
| स्तंभ I | स्तंभ II |
| N – N | प्रतिकर्षण |
| N – S | आकर्षण |
| S – N | आकर्षण |
| S – S | प्रतिकर्षण |
प्रश्न 4 :- अर्थव ने एक प्रयोग किया जिसमें उसने एक छड़ चुंबक लिया और उसे स्टील की पिनों के ढेर पर घुमाया (चित्र 4.15)। आपके अनुसार तालिका 4.3 में दिए गए अवलोकनों के समुच्चय में से कौन-सा विकल्प संभवतः उसका वास्तविक अवलोकन है?
उत्तर :-
सही विकल्प (i) है। छड़ चुंबक के सिरों (स्थिति ‘क’ और ‘ग’) पर चुंबकीय शक्ति सबसे अधिक होती है, इसलिए वहाँ 10-10 पिनें चिपकेंगी, जबकि बीच (स्थिति ‘ख’) में चुंबकीय शक्ति कम होने के कारण केवल 2 पिनें ही चिपकेंगी।
प्रश्न 5 :- रेशमा ने बाजार से तीन एक समान धातु की छड़ें खरीदी। इनमें से दो छड़ें चुंबक थी और एक लोहे का टुकड़ा था। बिना किसी अन्य सामग्री का उपयोग किए, वह कैसे पहचानेगी कि तीनों में से कौन-सी दो छड़ चुंबक हो सकती हैं?
उत्तर :- रेशमा किन्हीं भी दो छड़ों को लेकर उनके सिरों को आपस में पास लाएगी। यदि किन्हीं दो छड़ों के बीच किसी भी स्थिति में प्रतिकर्षण होता है, तो वे दोनों निश्चित रूप से चुंबक हैं। जो छड़ केवल आकर्षित होती है और किसी भी छड़ को प्रतिकर्षित नहीं करती, वह लोहे का टुकड़ा है।
प्रश्न 6 :- आपको एक चुंबक दिया गया है जिस पर ध्रुवों की पहचान अंकित नहीं है। आप एक अन्य चुंबक जिस पर ध्रुव अंकित है की सहायता से दिए गए चुंबक के ध्रुवों का पता कैसे लगा सकते हैं?
उत्तर :- ज्ञात चुंबक के उत्तरी ध्रुव (N) को अज्ञात चुंबक के एक सिरे के पास लाएं। यदि वे प्रतिकर्षित होते हैं, तो अज्ञात चुंबक का वह सिरा उत्तरी ध्रुव है।
यदि वे आकर्षित होते हैं, तो वह सिरा दक्षिणी ध्रुव है।
प्रश्न 7 :- एक छड़ चुंबक पर उसके ध्रुवों को दर्शाने के लिए कोई चिह्न अंकित नहीं है। आप किसी अन्य चुंबक का उपयोग किए बिना यह कैसे पता लगाएंगे कि उसका उत्तरी ध्रुव किस छोर पर स्थित है?
उत्तर- छड़ चुंबक के मध्य में एक धागा बाँधकर उसे स्वतंत्र रूप से लटकाएँ।
जब चुंबक विरामावस्था में आएगा, तो जो सिरा उत्तर दिशा की ओर इंगित करेगा, वही उस चुंबक का उत्तरी ध्रुव होगा।
प्रश्न 8 :- यदि पृथ्वी स्वयं एक चुंबक है तो क्या आप चुंबकीय दिक्सूचक से दिशा देखकर पृथ्वी से चुम्बकीय ध्रुवों का अनुमान लगा सकते हैं?
उत्तर – हाँ, स्वतंत्र रूप से लटकी चुंबकीय सुई पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के अनुरूप ठहरती है। सुई का उत्तरी ध्रुव पृथ्वी के चुंबकीय दक्षिणी ध्रुव (जो भौगोलिक उत्तर के पास है) की ओर आकर्षित होता है।
प्रश्न 9 :- एक मिस्त्री पेंचकस की सहायता से एक यंत्र की मरम्मत कर रहा था लेकिन स्टील के पेंच बार-बार गिर रहे थे। इस अध्याय में आपने जो सीखा है, उसके आधार पर मिस्त्री की समस्या को हल करने का उपाय सुझाइए।
उत्तर :- मिस्त्री को अपने पेचकस को चुंबक से रगड़कर चुंबकीय बना लेना चाहिए। इससे स्टील के पेंच पेचकस से चिपक जाएंगे और बार-बार नीचे नहीं गिरेंगे।
प्रश्न 10 :- दो वलय चुंबक, ‘क’ और ‘ख’, चित्र 4.16 में दर्शाए अनुसार व्यस्थित हैं। यह देखा गया है कि चुंबक ‘क’ नीचे कि ओर जाता है। इसका संभावित कारण क्या हो सकता है? किसी भी चुंबक को बिना किसी धकेले चुंबक ‘क’ को चुंबक ‘ख’ के संपर्क में लाने का उपाय सुझाइए।
उत्तर :-
कारण: चुंबक ‘क’ और ‘ख’ के आमने-सामने वाले ध्रुव समान (जैसे उत्तर-उत्तर) हैं, जिससे उनके बीच प्रतिकर्षण हो रहा है जो ‘क’ को ऊपर उठाए रखता है।
समाधान: चुंबक ‘क’ को पलटकर दोबारा स्टैंड में डालें। इससे विपरीत ध्रुव आमने-सामने हो जाएंगे और वे आपस में चिपक जाएंगे।
प्रश्न 11 :- तीन छड़ चुम्बकों को चित्र 4.17 में दर्शाए अनुसार एक मेज पर व्यवस्थित किया गया है। एक सिरे (5) कि ध्रुवता आपको दी गई है। अब आप बताइए कि चुम्बकों के सिरों 1,2,3,4 और 6 पर चृवता N या S में से क्या-क्या है?
उत्तर :- यदि सिरा 5 = N है, तो सिरा 6 = S होगा (एक ही चुंबक के दो ध्रुव)। चूंकि चुंबक आपस में जुड़े हैं, तो सिरा 4, सिरा 5 (N) के पास होने के कारण S होगा। यदि 4 = S है, तो सिरा 3 = N होगा।सिरा 2, सिरा 3 (N) के पास होने के कारण S होगा।यदि 2 = S है, तो सिरा 1 = N होगा। अतः उत्तर: 1=N, 2=S, 3=N, 4=S, 6=S
अतिरिक्त प्रश्न-उत्तर
प्रश्न 1 :- प्राकृतिक चुंबक को किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर: इसे ‘चुंबक पत्थर’ (लोडस्टोन) के नाम से जाना जाता है।
प्रश्न 2 :- कृत्रिम चुंबक किसे कहते हैं?
उत्तर: जो चुंबक विभिन्न पदार्थों से मानव द्वारा बनाए जाते हैं, उन्हें कृत्रिम चुंबक कहते हैं।
प्रश्न 3 :- चुंबकीय पदार्थ का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर: लोहा एक चुंबकीय धातु है।
प्रश्न 4 :- अचुंबकीय पदार्थ क्या होते हैं?
उत्तर: जो पदार्थ चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होते, वे अचुंबकीय पदार्थ कहलाते है।
प्रश्न 5 :- चुंबक के कितने ध्रुव होते हैं?
उत्तर: प्रत्येक चुंबक के दो ध्रुव होते हैं— उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव।
प्रश्न 6 :- स्वतंत्र रूप से लटका हुआ चुंबक किस दिशा में ठहरता है?
उत्तर: वह हमेशा उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरता है।
प्रश्न 7 :- चुंबकीय दिक्सूचक (कंपास) का क्या उपयोग है?
उत्तर: इसका उपयोग दिशाएं ज्ञात करने के लिए किया जाता है।
प्रश्न 8 :- दिक्सूचक की सुई का उत्तरी सिरा किस रंग का होता है?
उत्तर: सामान्यतः इसे लाल रंग से रंगा जाता है।
प्रश्न 9 :- क्या चुंबक के ध्रुवों को अलग किया जा सकता है?
उत्तर: नहीं, चुंबकीय ध्रुव हमेशा जोड़े में होते हैं और उन्हें अलग करना संभव नहीं है।
प्रश्न 10 :- दो समान ध्रुवों के बीच क्या क्रिया होती है?
उत्तर: समान ध्रुव एक-दूसरे को प्रतिकर्षित (दूर धकेलते) करते हैं।
प्रश्न 11 :- दो विपरीत ध्रुवों के बीच क्या होता है?
उत्तर: विपरीत ध्रुव एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
प्रश्न 12 :- लोहे के अतिरिक्त अन्य दो चुंबकीय धातुओं के नाम लिखें।
उत्तर: निकेल और कोबाल्ट।
प्रश्न 13 :- चुंबक का आकर्षण सबसे अधिक कहाँ होता है?
उत्तर: चुंबक के ध्रुवों (सिरों) पर
प्रश्न 14 :- मत्स्य-यंत्र क्या था?
उत्तर: प्राचीन भारतीयों द्वारा समुद्र में दिशा जानने के लिए उपयोग किया जाने वाला चुंबकीकृत लोहे का टुकड़ा।
प्रश्न 15 :- चुंबक को गर्म करने पर क्या होता है?
उत्तर: वह अपना चुंबकीय गुण खो सकता है।
प्रश्न 16 – चुंबकीय और अचुंबकीय पदार्थों में अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर: जो पदार्थ चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं (जैसे लोहा, निकेल), वे चुंबकीय कहलाते हैं। इसके विपरीत, जो पदार्थ आकर्षित नहीं होते (जैसे लकड़ी, प्लास्टिक), वे अचुंबकीय कहलाते हैं।
स्वतंत्र रूप से लटका चुंबक हमेशा उत्तर-दक्षिण दिशा में ही क्यों रुकता है? उत्तर: ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारी पृथ्वी स्वयं एक विशाल चुंबक की तरह व्यवहार करती है।
प्रश्न 17 – दिक्सूचक (Compass) की बनावट कैसी होती है?
उत्तर: यह एक छोटा वृत्ताकार बॉक्स होता है जिसके भीतर एक चुंबकीय सुई एक पिन पर टिकी होती है और स्वतंत्र रूप से घूम सकती है।
प्रश्न 18 – चुंबकत्व के परीक्षण के लिए प्रतिकर्षण को ही सही आधार क्यों माना जाता है?
उत्तर: क्योंकि लोहा चुंबक के दोनों ध्रुवों से आकर्षित हो सकता है, लेकिन एक चुंबक का ध्रुव दूसरे चुंबक के समान ध्रुव को केवल प्रतिकर्षित ही करेगा।
प्रश्न 19 – चुंबक को सुरक्षित रखने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
उत्तर: चुंबक को न तो गर्म करना चाहिए, न हथौड़े से पीटना चाहिए और न ही ऊँचाई से गिराना चाहिए। साथ ही इसे मोबाइल या रिमोट के पास नहीं रखना चाहिए।
प्रश्न 5 – चुंबकों का भंडारण (Storage) कैसे किया जाना चाहिए?
उत्तर: उन्हें जोड़ों में इस प्रकार रखना चाहिए कि विपरीत ध्रुव एक ही तरफ हों और उनके बीच लकड़ी का टुकड़ा व सिरों पर नरम लोहे के टुकड़े लगे हों।
प्रश्न 20 – दिक्सूचक का उपयोग करते समय बॉक्स को क्यों घुमाया जाता है?
उत्तर: बॉक्स को तब तक घुमाया जाता है जब तक डायल पर अंकित उत्तर-दक्षिण के निशान सुई के साथ संरेखित (align) न हो जाएं।
प्रश्न 21 – क्या चुंबकीय प्रभाव अचुंबकीय पदार्थों के पार जा सकता है?
उत्तर: हाँ, चुंबकीय प्रभाव लकड़ी, कांच और प्लास्टिक जैसी अचुंबकीय सामग्रियों के भीतर से होकर उनके पार जा सकता है।
प्रश्न 22 – लोहे की सुई को चुंबक बनाने की विधि का विस्तार से वर्णन करें।
उत्तर: एक लोहे की सुई को मेज पर रखें। एक छड़ चुंबक लेकर उसका एक ध्रुव सुई के एक सिरे पर रखें और उसे सुई की लंबाई के अनुदिश दूसरे सिरे तक रगड़ें। चुंबक उठाकर पुनः पहले सिरे पर लाएं और इस प्रक्रिया को 30-40 बार दोहराएं। अंत में, सुई के पास लोहे की पिन लाकर जांचें कि वह आकर्षित हो रही है या नहीं।
प्रश्न 23 – प्रयोग द्वारा समझाएं कि चुंबक के ध्रुव कहाँ स्थित होते हैं।
उत्तर: एक कागज पर लोहे का बुरादा (लोहरेतन) फैलाएं और उस पर एक छड़ चुंबक रखें। कागज को थपथपाने पर आप देखेंगे कि अधिकांश बुरादा चुंबक के दोनों सिरों पर चिपक गया है और बीच में कम है। इससे सिद्ध होता है कि चुंबकीय शक्ति सबसे अधिक सिरों पर होती है, जिन्हें उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव कहते हैं।
प्रश्न 24 – प्राचीन काल में नाविक दिशा कैसे पता लगाते थे और रेशमा की कहानी में इसकी क्या भूमिका थी?
उत्तर: पुराने समय में नाविक तारों की स्थिति का उपयोग करते थे। रेशमा की कहानी में तूफान के कारण बादल छा गए और तारे नहीं दिखे, जिससे नाविक रास्ता भटक गए। बाद में रेशमा ने जाना कि नाविकों को दिशा बताने के लिए दिक्सूचक (कंपास) का उपयोग करना चाहिए था।
प्रश्न 25 – चुंबकों के विभिन्न आकारों और उनके ध्रुवों के अंकन के बारे में लिखें।
उत्तर: चुंबक विभिन्न आकारों के होते हैं जैसे छड़ चुंबक, U-आकार चुंबक, वलय चुंबक, बेलनाकार और चकती चुंबक। उनके उत्तरी ध्रुव को अक्सर ‘N’ या सफेद बिंदु से और दक्षिणी ध्रुव को ‘S’ से दर्शाया जाता है। कभी-कभी उत्तरी ध्रुव लाल और दक्षिणी ध्रुव नीला रंग का भी होता है।