भारत का स्वतंत्रता संघर्ष: मुख्य तथ्य

  • दादा भाई नौरोजी: इन्होंने 1887 ई० में इंग्लैंड में ‘भारतीय सुधार समिति’ बनाई। वे ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स का चुनाव लड़ने वाले पहले भारतीय थे और उन्होंने 1892 ई० में लिबरल पार्टी की ओर से चुनाव जीता था। नौरोजी ने दत्त और वाचा के साथ मिलकर ‘धन निकास’ (पैसे की लूट) का सिद्धांत दिया।
  • काँग्रेस पर टिप्पणियाँ:
    • डफरिन: काँग्रेस केवल बहुत कम संख्या (अल्पसंख्या) के लोगों का प्रतिनिधित्व करती है।
    • कर्जन: काँग्रेस अपने अंत (पतन) की ओर लड़खड़ाती जा रही है।
    • अरविन्द घोष: काँग्रेस टीबी (क्षयरोग) से मरने वाली है।
    • बंकिमचंद्र चटर्जी: काँग्रेस के लोग पदों के भूखे राजनेता हैं।
  • बंगाल विभाजन: लॉर्ड कर्जन ने 20 जुलाई, 1905 ई० को बंगाल के बँटवारे (विभाजन) के फैसले का ऐलान किया।
    • 7 अगस्त, 1905: कलकत्ता के टाऊन हॉल में स्वदेशी आन्दोलन की घोषणा की गई।
    • 16 अक्टूबर, 1905: बंगाल विभाजन प्रभावी हुआ, जिसे पूरे बंगाल में ‘शोक दिवस’ के रूप में मनाया गया।
    • इस आन्दोलन के दौरान ‘वन्दे मातरम्’, ‘विभाजन नहीं चाहिए’ और ‘बंगाल एक है’ जैसे नारे लगाए गए।
    • 1906: दादाभाई नौरोजी ने कलकत्ता काँग्रेस अधिवेशन में पहली बार ‘स्वराज्य’ की माँग रखी।

    1893 का वर्ष: एक परिवर्तन बिन्दु

    • स्वामी विवेकानंद: सितम्बर 1893 में अमेरिका के शिकागो में ‘सर्व-धर्मसम्मेलन’ को संबोधित किया, जहाँ उन्हें ‘तुफानी हिन्दू’ कहा गया।
    • अरविन्द घोष: 14 वर्ष बाद भारत लौटे और ‘न्यू लैंप फॉर ओल्ड’ लेखमाला प्रकाशित की।
    • ऐनी बेसेंट: 16 नवम्बर, 1893 को भारत आईं और वाराणसी में रहने लगीं।
    • महात्मा गाँधी: अब्दुल्ला सेठ नामक व्यापारी के मुकदमें के लिए दक्षिण अफ्रीका गए।
    • क्रांतिकारी शुरुआत: नासिक में चापेकर बंधुओं ने ‘सोसायटी फॉर दी रिमूवल ऑफ ऑब्स्टेकल्स टू दी हिन्दू रिलीजन’ नामक गुप्त संस्था बनाई।

    काँग्रेस का विभाजन

    • 1907: सूरत अधिवेशन में स्वदेशी आन्दोलन चलाने के तरीके को लेकर काँग्रेस गरम दल (उग्रवादी) और नरम दल (उदारवादी) में बँट गई; इस अधिवेशन की अध्यक्षता रास बिहारी बोस ने की थी।

    सांस्कृतिक और क्रांतिकारी राष्ट्रवाद

    • रवीन्द्र नाथ ठाकुर: स्वदेशी आन्दोलन के दौरान ‘आमार सोनार बंगला’ गीत लिखा, जो बाद में बांग्लादेश का राष्ट्रीय गीत बना।
    • बाल गंगाधर तिलक: वे पहले काँग्रेसी नेता थे जिन्होंने देश के लिए कई बार जेल की यात्रा की। उन्होंने 1893 में गणपति और 1895 में शिवाजी उत्सव मनाना प्रारंभ किया। वेलेन्टाइल शिरॉले ने उन्हें “भारतीय असन्तोष का जनक” कहा था।
    • चापेकर बंधु: पूना में प्लेग अधिकारी रैंड एवं एयर्स्ट की हत्या कर दी।
    • बंगाल में क्रांति: बरिन्द्र कुमार घोष ने 1905 में ‘भवानी मंदिर’ पुस्तिका लिखी और 1906 में भूपेन्द्रनाथ दत्त के साथ मिलकर ‘युंगातर’ समाचारपत्र निकाला।
    • अनुशीलन समिति: पी० मित्रा द्वारा गठित इस समिति का उद्देश्य ‘खून का बदला खून’ था; इसके सदस्य हेमचन्द्र बम बनाने की कला सीखने रूस गए थे।
    • अभिनव भारत: 1904 में विनायक दामोदर सावरकर ने महाराष्ट्र में इसकी स्थापना की।

    मुजफ्फरपुर बम कांड (1908)

    • 30 अप्रैल, 1908: प्रफुल्ल चाकी और खुदीराम बोस ने जज किंग्जफोर्ड की हत्या का प्रयास किया।
    • इस घटना के बाद प्रफुल्ल चाकी ने आत्महत्या कर ली और 11 अगस्त, 1908 को मात्र 15 वर्ष की आयु में खुदीराम बोस को फाँसी दे दी गई।
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