भारत का स्वतंत्रता संघर्ष: मुख्य तथ्य
- दादा भाई नौरोजी: इन्होंने 1887 ई० में इंग्लैंड में ‘भारतीय सुधार समिति’ बनाई। वे ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स का चुनाव लड़ने वाले पहले भारतीय थे और उन्होंने 1892 ई० में लिबरल पार्टी की ओर से चुनाव जीता था। नौरोजी ने दत्त और वाचा के साथ मिलकर ‘धन निकास’ (पैसे की लूट) का सिद्धांत दिया।
- काँग्रेस पर टिप्पणियाँ:
- डफरिन: काँग्रेस केवल बहुत कम संख्या (अल्पसंख्या) के लोगों का प्रतिनिधित्व करती है।
- कर्जन: काँग्रेस अपने अंत (पतन) की ओर लड़खड़ाती जा रही है।
- अरविन्द घोष: काँग्रेस टीबी (क्षयरोग) से मरने वाली है।
- बंकिमचंद्र चटर्जी: काँग्रेस के लोग पदों के भूखे राजनेता हैं।
- बंगाल विभाजन: लॉर्ड कर्जन ने 20 जुलाई, 1905 ई० को बंगाल के बँटवारे (विभाजन) के फैसले का ऐलान किया।
- 7 अगस्त, 1905: कलकत्ता के टाऊन हॉल में स्वदेशी आन्दोलन की घोषणा की गई।
- 16 अक्टूबर, 1905: बंगाल विभाजन प्रभावी हुआ, जिसे पूरे बंगाल में ‘शोक दिवस’ के रूप में मनाया गया।
- इस आन्दोलन के दौरान ‘वन्दे मातरम्’, ‘विभाजन नहीं चाहिए’ और ‘बंगाल एक है’ जैसे नारे लगाए गए।
- 1906: दादाभाई नौरोजी ने कलकत्ता काँग्रेस अधिवेशन में पहली बार ‘स्वराज्य’ की माँग रखी।
1893 का वर्ष: एक परिवर्तन बिन्दु
- स्वामी विवेकानंद: सितम्बर 1893 में अमेरिका के शिकागो में ‘सर्व-धर्मसम्मेलन’ को संबोधित किया, जहाँ उन्हें ‘तुफानी हिन्दू’ कहा गया।
- अरविन्द घोष: 14 वर्ष बाद भारत लौटे और ‘न्यू लैंप फॉर ओल्ड’ लेखमाला प्रकाशित की।
- ऐनी बेसेंट: 16 नवम्बर, 1893 को भारत आईं और वाराणसी में रहने लगीं।
- महात्मा गाँधी: अब्दुल्ला सेठ नामक व्यापारी के मुकदमें के लिए दक्षिण अफ्रीका गए।
- क्रांतिकारी शुरुआत: नासिक में चापेकर बंधुओं ने ‘सोसायटी फॉर दी रिमूवल ऑफ ऑब्स्टेकल्स टू दी हिन्दू रिलीजन’ नामक गुप्त संस्था बनाई।
काँग्रेस का विभाजन
- 1907: सूरत अधिवेशन में स्वदेशी आन्दोलन चलाने के तरीके को लेकर काँग्रेस गरम दल (उग्रवादी) और नरम दल (उदारवादी) में बँट गई; इस अधिवेशन की अध्यक्षता रास बिहारी बोस ने की थी।
सांस्कृतिक और क्रांतिकारी राष्ट्रवाद
- रवीन्द्र नाथ ठाकुर: स्वदेशी आन्दोलन के दौरान ‘आमार सोनार बंगला’ गीत लिखा, जो बाद में बांग्लादेश का राष्ट्रीय गीत बना।
- बाल गंगाधर तिलक: वे पहले काँग्रेसी नेता थे जिन्होंने देश के लिए कई बार जेल की यात्रा की। उन्होंने 1893 में गणपति और 1895 में शिवाजी उत्सव मनाना प्रारंभ किया। वेलेन्टाइल शिरॉले ने उन्हें “भारतीय असन्तोष का जनक” कहा था।
- चापेकर बंधु: पूना में प्लेग अधिकारी रैंड एवं एयर्स्ट की हत्या कर दी।
- बंगाल में क्रांति: बरिन्द्र कुमार घोष ने 1905 में ‘भवानी मंदिर’ पुस्तिका लिखी और 1906 में भूपेन्द्रनाथ दत्त के साथ मिलकर ‘युंगातर’ समाचारपत्र निकाला।
- अनुशीलन समिति: पी० मित्रा द्वारा गठित इस समिति का उद्देश्य ‘खून का बदला खून’ था; इसके सदस्य हेमचन्द्र बम बनाने की कला सीखने रूस गए थे।
- अभिनव भारत: 1904 में विनायक दामोदर सावरकर ने महाराष्ट्र में इसकी स्थापना की।
मुजफ्फरपुर बम कांड (1908)
- 30 अप्रैल, 1908: प्रफुल्ल चाकी और खुदीराम बोस ने जज किंग्जफोर्ड की हत्या का प्रयास किया।
- इस घटना के बाद प्रफुल्ल चाकी ने आत्महत्या कर ली और 11 अगस्त, 1908 को मात्र 15 वर्ष की आयु में खुदीराम बोस को फाँसी दे दी गई।
> 1905 ई० में लन्दन में श्याम जी कृष्ण वर्मा ने इंडियन होमरूल सोसायटी की स्थापना की।
> 30 दि०, 1906 को ढाँका के नवाब सलीम उल्ला खाँ के निमंत्रण पर सम्मेलन हुआ। नवाब वकारुल मुल्क इसके अध्यक्ष थे । इसी सम्मेलन में अखिल भारतीय मुस्लिम लीग का उदय हुआ। लीग का संविधान 1907 में करांची में बना और इस संविधान के अनुसार प्रथम अधिवेशन 1908 में अमृतसर में हुआ जहाँ आगा खाँ को इसका अध्यक्ष बना दिया गया।
>1 जुलाई, 1909 ई० को मदन लाल ढींगरा ने विलियम कर्ज़न वाइली को गोली मारकर हत्या कर दी। 16 अगस्त, 1909 को मदन लाल ढींगरा को मृत्यु दंड दिया गया।
> 21 दिसम्बर, 1909 ई० को अनंत कान्हरे ने जैक्सन को गोली मार दी।
>वायसराय लॉर्ड हार्डिंग ने 1911 ई० में दिल्ली में भव्य दरबार का आयोजन इंगलैंड के सम्राट् जॉर्ज पंचम एवं मेरी के स्वागत में किया। इस दरबार में निम्न घोषणाएँ हुई-
(i) बंगाल विभाजन को रद्द किया गया।
(ii) बंगाली भाषी क्षेत्रों को मिलाकर अलग एक प्रांत बनाया गया।
(iii) बिहार एक अलग राज्य बना, जिसमें उड़ीसा भी शामिल था।
(iv) राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानान्तरित करने की घोषणा हुई। 1912 ई० में दिल्ली, भारत की राजधानी बनी।
>’कोमागातामारु जापानी जहाज को बाबा गुरुदत्त सिंह (1914 ई०) ने किराया पर लिया था । यह जलयान 351 यात्रियों के साथ 26 सितम्बर, 1914 को हुगली पहुंचा। बजबज नामक बंदरगाह पर जहाज पहुँचने पर तलाशी हुई और संघर्ष हुआ। 18 यात्री मार दिए गए और लगभग 25 यात्री घायल हुए।
>23 दिसम्बर, 1912 ई० को रासबिहारी बोस ने दिल्ली में वायसराय लॉर्ड हार्डिंग पर बम फेका। इसके परिणाम स्वरूप 13 व्यक्ति गिरफ्तार किये गये इसमें प्रमुख थे- मास्टर अमीचन्द, दीनानाथ, अवधबिहारी लाल, बाल मुकुंद, बसंत कुमार विश्वास, हनुमंत सहाय एवं बलराज । दीनानाथ दबाव में आकर सरकारी गवाह बन गये और मास्टर अमीचन्द अवधविहारी लाल, बाल मुकुंद एवं बसंत कुमार विश्वास को फाँसी दे दी गयी।
>1 नवम्बर, 1913 ई० में अनेक भारतीयों ने लाला हरदयाल के नेतृत्व में सैनफ्रांस्किो (अमेरिका) में गदर पार्टी की स्थापना की, सोहनसिंह भाक्खना इसके प्रथम अध्यक्ष, लाला हरदयाल इसके प्रथम मंत्री एवं काशीराम कोषाध्यक्ष चुने गये थे।
>1915 ई० में अंग्रेज सरकार ने कैंसर-ए-हिन्द की उपाधि से महात्मा गाँधी को सम्मानित किया।
>काँग्रेस के लखनऊ अधिवेशन (1916 ई०) में कॉंग्रेस के दोनों दलों में एकता हो गयी। इसी अधिवेशन में मुस्लिम लीग ने भी कॉंग्रेस से मिलकर एक संयुक्त समिति की स्थापना की।
>बाल गंगाधर तिलक ने स्वशासन प्राप्ति हेतु मार्च, 1916 ई० को पुना में होमरूल लीग की स्थापना की।
>ऐनी बेसेन्ट ने सितम्बर, 1916 ई० में मद्रास में होमरूल लीग की स्थापना की। जार्ज अरुण्डेल को लीग का सचिव बनाया।
>गांधीजी ने प्रथम विश्वयुद्ध के समय लोगों को सेना में भर्ती होने के लिए प्रोत्साहित किया, इसलिए लोगों ने इन्हें भर्ती कराने वाला सार्जेन्ट कहने लगे।
>1916 ई० में गाँधीजी ने अहमदाबाद के करीब साबरमती आश्रम की स्थापना की।
> बिहार के एक किसान नेता राजकुमार ने गाँधी जी को चम्पारण आने को प्रेरित किया।
> गाधीजी ने ‘सत्याग्रह’ का सर्वप्रथम प्रयोग द० अफ्रीका में किया। भारत में ‘सत्याग्रह’ का पहला प्रयोग 1917 ई० में चम्पारण (बिहार) में किया गया।
>चम्पारण विद्रोह के कारण अंग्रेजों को तीनकठिया प्रथा को समाप्त करना पड़ा।
> बेसेन्ट ने 20 अगस्त, 1917 ई० को होमरूल लीग को समाप्त करने की घोषणा की। > महात्मा गाँधी ने पहली बार भूख हड़ताल अहमदाबाद मिल मजदूरों के हड़ताल (1918 ई०) के समर्थन में की थी।
इतिहास
77
>गांधीजी ने 1918 ई० में गुजरात के खेड़ा जिले में “कर नहीं आन्दोलन” चलाया। >19 मार्च, 1919 ई० को रौलट ऐक्ट लागू किया गया। इसके अनुसार किसी भी संदेहास्पद व्यक्ति को बिना मुकदमा चलाए गिरफ्तार किया जा सकता था, परन्तु उसके विरूद्ध ‘न कोई अपील, न कोई दलील और न कोई वकील’ किया जा सकता था।
> गांधी ने इस कानून के विरुद्ध 6 अप्रैल, 1919 ई० को देशव्यापी हड़ताल करवायी।
>13 अप्रैल, 1919 ई० को अमृतसर में जालियाँवाला बाग हत्याकांड हुआ। डॉ० सतपाल और सैफुद्दीन किचलू की गिरफ्तारी के विरोध में हो रही जनसभा पर जेनरल डायर ने अंधाधुंध गोली चलवायी। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार इसमे 379 व्यक्ति एवं कांग्रेस समिति के अनुसार लगभग 1000 व्यक्ति मारे गए।
>जालियाँवाला बाग हत्याकांड में हंसराज नामक भारतीय ने डायर का सहयोग किया था।
> शंकरन नायर ने जालियाँवाला बाग हत्याकांड के विरोध में वायसराय की कार्यकारिणी परिषद् के सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
>जालियाँवाला बाग हत्या कांड के विरोध में महात्मा गाँधी ने ‘कैंसर-ए-हिन्द की उपाधि, जमनालाल बजाज ने ‘राय बहादुर’ की उपाधि एवं रवीन्द्र नाथ टैगोर ने ‘सर’ की उपाधि वापस लौटा दी।
> जालियाँवाला बाग हत्याकांड की जाँच के लिए सरकार ने 19 अक्टूबर, 1919 ई० में लार्ड हंटर की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया। इसमें पाँच अंग्रेज एवं तीन भारतीय (सर चिमन लाल सीतलवाड, साहबजादा सुल्तान अहमद एवं जगत नारायण) सदस्य थे।
> काँग्रेस ने जालियाँवाला बाग हत्याकांड की जाँच के लिए मदन मोहन मालवीय के नेतृत्व में एक आयोग नियुक्त किया। इसके अन्य सदस्यों में मोतीलाल नेहरू और गांधीजी थे।
> जालियाँवाला बाग कभी जल्ली नामक व्यक्ति की संपत्ति थी।
> खिलाफत आंदोलन भारतीय मुसलमानों का मित्र राष्ट्रों के विरूद्ध विशेषकर ब्रिटेन के खिलाफ टर्की के खलीफा के समर्थन में आंदोलन था।
> 19 अक्टूबर, 1919 ई० को समूचे देश में ‘खिलाफत दिवस मनाया गया।
> 23 नवम्बर, 1919 ई० को हिन्दू और मुसलमानों की एक संयुक्त कांफ्रेंस हुई, जिसकी अध्यक्षता महात्मा गांधी ने की।
> रॉलेट ऐक्ट, जालियाँवाला बाग कांड और खिलाफत आंदोलन के उत्तर में गांधी जी ने 1 अगस्त, 1920 ई० को असहयोग आंदोलन प्रारंभ किया। असहयोग आन्दोलन की पुष्टि भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस ने दिसम्बर, 1920 ई० के नागापुर अधिवेशन में की।
> मुहम्मद अली को सर्वप्रथम असहयोग आन्दोलन में गिरफ्तार किया गया।
> मुहम्मद अली जिन्ना, ऐनी बेसेंट तथा विपिन चन्द्रपाल कांग्रेस के असहयोग आन्दोलन से सहमत नहीं थे, अतः उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी।
>5 फरवरी, 1922 ई० को गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा नामक स्थान पर असहयोग आन्दोलनकारियों ने क्रोध में आकर थाने में आग लगा दी, जिससे एक थानेदार एवं 21 सिपाहियों की मृत्यु हो गयी। इस घटना से दुखित होकर गांधीजी ने 11 फरवरी, 1922 ई० को असहयोग आन्दोलन स्थगित कर दिया।
> 13 मार्च, 1922 ई० को गांधीजी को गिरफ्तार कर 6 वर्ष की कड़ी कारावास की सजा सुनाई गयी । स्वास्थ्य संबंधी कारणों से गांधी को 5 फरवरी, 1924 ई० को रिहा कर दिया गया।
>1922 ई० के मेवाड़ भील आन्दोलन का नेता मोतीलाल तेजावत था।
>1923 ई० में इलाहाबाद में चितरंजनदास एवं मोतीलाल नेहरू ने कॉंग्रेस के अंतर्गत स्वराज्य पार्टी की स्थापना की।
>महात्मा गांधी सिर्फ एक बार काँग्रेस के बेलगाँव अधिवेशन (1924) में इसके अध्यक्ष चुने गए।
शचीन्द्र सान्याल ने 1924 ई० में ‘हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसियेशन’ की स्थापना की। भगत सिंह ने 1928 ई० में इसका नाम बदल कर ‘हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसियेशन’ रख दिया।
78
> 9 अगस्त, 1925 ई० को जब रेलगाड़ी से सरकारी खज़ाना सहारनपुर से लखनऊ की ओर’ जा रहा था, तो इसे काकोरी नामक स्टेशन पर लूट लिया गया, इसे ही काकोरी कांड कहा गया। सरकारी खजाना लूटने का विचार राम प्रसाद बिस्मल का था। इसमें राम प्रसाद बिस्मल, राजेन्द्र लाहिड़ी, रोशन सिंह एवं अशफाकउल्ला खाँ को दिसम्बर, 1927 ई० में फाँसी दे दी गई एवं शचीन्द्र सान्याल को आजीवन कारावास की सजा मिली। मन्मथनाथ गुप्त को 14 वर्ष की कैद हुई। राम प्रसाद बिस्मिल यह कहते हुए कि “मैं राज्य के पतन की इच्छा करता हूँ” फाँसी पर लटक गए।
> संभवतः अशफाकउल्ला खाँ पहले भारतीय क्रांतिकारी मुसलमान थे, जो देश की स्वतंत्रता के लिए फाँसी के तख्ते पर लटके थे।
> स्त्रियों ने स्वयं अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने के उद्देश्य से 1926 में अखिल भारतीय महिला संघ स्थापित किया ।
> साइमन कमीशन 3 फरवरी, 1928 ई० को भारत आया । इसे वाइट मैन कमीशन भी कहते है।
> 30 अक्टूबर, 1928 ई० को लाहौर में साइमन आयोग के विरुद्ध प्रदर्शन करते समय पुलिस की लाठी से लाला लाजपत राय घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गयी।
चंद्रशेखर आजाद (पंडित जी )
पूरा नाम : चंद्रशेखर सीताराम तिवारी
जन्म स्थान : भावरा, झाबुआ जिला (वर्तमान में अलीराजपुर जिला म० प्र०)
जन्म तिथि : 23 जुलाई, 1906 ई०
पिता : पं. सीताराम तिवारी
माता : जगरानी देवी
शहीद स्थल : अलफ्रेड पार्क, इलाहाबाद
शहीद तिथि : 27 फरवरी, 1931
संबंधित संगठन : नौजवान सभा, कृति किसान पाट्री, हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसियशन
>साइमन कमीशन का बहिष्कार न करने वाले दो दल थे – जस्टिस पार्टी एवं पंजाब यूनियस्टि पार्टी ।
>भगत सिंह के नेतृत्व में पंजाब के क्रांतिकारियों ने 17 दिसम्बर, 1928 ई० को लाहौर के तत्कालीन सहायक पुलिस कप्तान सॉण्डर्स को गोली मार दी ।
>’पब्लिक सेफ्टी बिल’ पास होने के विरोध में 8 अप्रैल, 1929 ई० को बटुकेश्वर दत्त एवं भगत सिंह ने दिल्ली में सेन्ट्रल लेजिस्लेटिव असेम्बली में खाली बेंचों पर बम फेंका ।
> 1929 ई० के कॉंग्रेस के लाहौर अधिवेशन में काँग्रेस ने ‘पूर्ण स्वराज्य’ का अपना लक्ष्य घोषित किया। इस अधिवेशन की अध्यक्षता जवाहर लाल नेहरू कर रहे थे। 31 दिसम्बर, 1929 ई० को रात के 12 बजे जवाहर लाल नेहरू ने रावी नदी के तट पर नव गृहीत तिरंगे झण्डे को फहराया। इसी अधिवेशन में 26 जनवरी, 1930 ई० को ‘प्रथम स्वाधीनता दिवस’ के रूप में मनाने का निश्चय किया गया। इसी के साथ प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाए जाने की परम्परा शुरू हुई।
>12 मार्च, 1930 ई० को गाँधीजी ने अपने 79 समर्थकों के साथ साबरमती स्थित अपने आश्रम से लगभग 322 किमी०* दूर डाण्डी के लिए प्रस्थान किया। लगभग 24 दिनों बाद 6 अप्रैल, 1930 ई० को डाण्डी पहुँचकर गाँधीजी ने नमक कानून तोड़ा। सुभाष चन्द्र बोस ने गाँधीजी के नमक सत्याग्रह की तुलना नेपोलियन के एल्बा से पेरिस यात्रा से की।
> 8 मार्च, 1931 ई० को गाँधी-इरविन पैक्ट हुआ, इसके बाद गाँधी जी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित कर दिया। गाँधी इरविन समझौता को दिल्ली समझौता के नाम से भी जाना जाता है।
> दूसरा गोलमेज सम्मेलन 7 सितम्बर, 1931 को हुआ। महात्मा गाँधी ने काँग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में इसमें भाग लिया; परन्तु यह सम्मेलन साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व के कारण असफल रहा।
नोट : प्रथम गोलमेज सम्मेलन 12 नवम्बर, 1930 ई० एवं तृतीय गोलमेज सम्मेलन 17 नवम्बर, 1932 ई० में हुआ।
> तीनों गोलमेज सम्मेलन के समय इंगलैंड का प्रधानमंत्री जेम्स रेम्जे मैकाडोनाल्ड था ।
> डॉ भीमराव अम्बेडकर को लंदन में हुई तीनों गोलमेज सभाओं में अछूतों के प्रतिनिधि के रूप में बुलाया गया।
> दूसरे गोलमेज सम्मेलन की असफलता के बाद गाँधी ने 3 जनवरी, 1932 ई० पुन: सविनय अवज्ञा आन्दोलन प्रारंभ कर दिया। सविनय अवज्ञा आन्दोलन अंतिम रूप से 7 अप्रैल, 1934 को वापस लिया गया।
>सविनय अवज्ञा आन्दोलन में पठान सत्याग्रहियों पर गोली चलाने से गढ़वाल राइफल्स ने इन्कार कर दिया ।
> 23 मार्च, 1931 ई० को सुखदेव, भगत सिंह एवं राजगुरु को फाँसी पर लटका दिया गया।
> मई, 1934 ई० कॉंग्रेस सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना हुई।
>1939 ई० में महात्मा गाँधी द्वारा प्रस्तावित प्रत्याशी पट्टाभि सीतारमैय्या को हराकर सुभाष चन्द्र बोस काँग्रेस के अध्यक्ष चुने गए।
>1 मई, 1939 ई० को सुभाष चंद्र बोस ने कॉंग्रेस के भीतर ही एक नए गुट का गठन किया. जिसे फारवर्ड ब्लाक (Forward Block) कहा गया। सुभाष चन्द्र बोस ने स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान फ्री इण्डियन लीजन नामक सेना बनायी थी।
>13 मार्च, 1940 ई० को लंदन में पंजाब के सुनाम नामक स्थान के सरदार ऊधमसिंह ने पंजाब के भूतपूर्व लैफ्टिनेंट गवर्नर डायर की गोली मारकर हत्या कर दी।
>गाँधी जी ने 17 अक्टूबर, 1940 ई० को पावनार में व्यक्तिगत सत्याग्रह आन्दोलन शुरू किया। इस आन्दोलन के प्रथम सत्याग्रही विनोबाभावे दूसरे सत्याग्रही जवाहर लाल नेहरू एवं तीसरे सत्याग्रही ब्रह्मदत्त थे। इस आन्दोलन को ‘दिल्ली चलो’ आन्दोलन भी कहा गया।
>24 मार्च, 1940 ई० को मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन में अध्यक्षता करते हुए मुहम्मद अली जिन्ना ने भारत से अलग मुस्लिम राष्ट्र पाकिस्तान की माँग की। मुस्लिम लीग के 1940 ई० के दिल्ली अधिवेशन (अध्यक्ष अल्लाबक्स) में खलीकुज्जमान ने पाकिस्तान नाम से अलग राष्ट्र का प्रस्ताव रखा ।
>वर्धा (1942 ई०) में कॉंग्रेस ने ‘अंग्रेजो भारत छोड़ों’ प्रस्ताव पारित किया ।
>7 अगस्त, 1942 ई० को कॉंग्रेस की बैठक बम्बई के ऐतिहासिक ग्वालिया टैंक में हुई। > गाँधी के भारत छोड़ो प्रस्ताव को काँग्रेस कार्य समिति ने 8 अगस्त, 1942 ई० को स्वीकार कर लिया। भारत छोड़ो आन्दोलन की शुरुआत 9 अगस्त, 1942 ई० को हुई। इसी आन्दोलन में गाँधीजी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया।
>9 अगस्त, 1942 ई० को सवेरे ही गांधीजी एवं काँग्रेस के अन्य सभी महत्त्वपूर्ण नेता गिरफ्तार कर लिए गए। गांधीजी को पूना के आगा खाँ महल में तथा काँग्रेस कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों को अहमदनगर के दुर्ग में रखा गया था। राजेन्द्र प्रसाद को भी नजरबंद कर दिया गया था। 9 मई, 1944 ई० को गाँधी जी को जेल से छोड़ा गया।
>आज़ाद हिन्द फौज की स्थापना का विचार सर्वप्रथम कैप्टन मोहन सिंह के मन में आया।
>आज़ाद हिन्द फौज की प्रथम डिवीजन का गठन 1 सितम्बर, 1942 ई० को कैप्टन मोहन सिंह के द्वारा किया गया परन्तु वह असफल रहा।
>आजाद हिन्द फौज का सफलतापूर्वक स्थापना का श्रेय रास बिहारी बोस को दिया जाता है।
अक्टूबर, 1943 ई० में सुभाष चन्द्र बोस को आजाद हिन्द फौज का सर्वोच्च सेनापति बनाया गया था। आज़ाद हिन्द फौज के तीन ब्रिगेडों के नाम सुभाष ब्रिगेड, गांधी ब्रिगेड एवं नेहरू ब्रिगेड एवं महिलाओं के ब्रिगेड का नाम ‘लक्ष्मीबाई रेजीमेंट’ था। आजाद हिन्द फौज का झंडा कॉंग्रेस के तिरंगे झंडे की भाँति था, जिस पर दहाड़ते हुए शेर का चिह्न था ।
>8 नवम्बर, 1943 ई० को जापान ने अंडमान और निकोबार द्वीप सुभाष चन्द्र बोस को सौंप दिए। नेता जी ने इनका नाम क्रमशः ‘शहीद द्वीप’ और ‘स्वराज्य द्वीप’ रखा। >टोकियो जाते हुए फार्मूसा द्वीप के बाद अचानक हवाई जहाज में आग लग जाने से सुभाष चन्द्र बोस 18 अगस्त, 1945 ई० को मारे गए, परन्तु इस दुर्घटना को अभी तक प्रमाणिक नहीं माना गया है ।
नोट : सुभाष चन्द्र बोस का जन्म 23 जनवरी, 1897 ई० को कटक (उड़ीसा) में हुआ था।
>आजाद हिन्द फौज के गिरफ्तार अधिकारी पी० के० सहगल, कर्नल गुरुदयाल ढिल्लन एवं मेजर शाहनवाज खाँ पर राजद्रोह का आरोप लगाकर दिल्ली के लाल किले पर नवम्बर, 1945 ई में मुकदमा चलाया गया। वायसराय ने इनकी सजा माफ कर दी।
>आजाद हिन्द फौज के अभियुक्तों की तरफ से तेजबहादुर सप्रू, जवाहर लाल नेहरू, भोला भाई देसाई एवं के० एन० काटजू ने पैरवी की।
> कराची में 20 फरवरी, 1946 ई० वायुसेना के कुछ सैनिकों ने ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध हड़ताल कर दी । बम्बई, लाहौर, दिल्ली में भी यह शीघ्र ही फैल गयी। इसमें लगभग 5,200 सैनिकों ने भाग लिया। इनकी प्रमुख मांग थी कि भारतीय और अंग्रेज सैनिकों में बराबरी का व्यवहार किया जाय।
>नौसेना विद्रोह 19 फरवरी, 1946 ई० को मुम्बई में आई० एन० एस० तलवार नामक जहाज के नौसैनिकों के द्वारा किया गया। 5,000 सैनिकों ने आज़ाद हिन्द फौज के बिल्ले लगायें। इन्होंने भी बराबरी की माँग की।
> कैबिनेट मिशन योजना को मुस्लिम लीग ने 6 जून, 1946 ई० को और कॉंग्रेस ने 25 जून, 1946 ई० को स्वीकार कर लिया।
> कैबिनेट मिशन योजना को स्वीकार किए जाने के पश्चात् संविधान सभा के निर्माण के लिए हुए चुनाव (जुलाई 1946 ई०) कॉंग्रेस ने 214 सामान्य स्थानों में से 205 स्थान प्राप्त किए और मुस्लिम लीग ने 78 मुस्लिम स्थानों में से 73 स्थान प्राप्त किए। कांग्रेस को 4 सिक्ख सदस्यों का भी समर्थन प्राप्त था।
>मुस्लिम लीग ने 16 अगस्त, 1946 ई० को सीधी कार्रवाई दिवस मनारा ।
>27 मार्च, 1947 ई० को मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान दिवस के रूप में मनाया। >जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में अन्तरिम सरकार का गठन 2 सितम्बर 1946 ई० को हुआ । 26 अक्टूबर, 1946 ई० को मुस्लिम लीग (पाँच सदस्य) अंतरिम सरकार में सम्मलित हुई।
> स्वतंत्रता प्राप्ति के समय कॉंग्रेस के अध्यक्ष जे० बी० कृपलानी एवं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री क्लीमेन्ट एटली (लेबर पार्टी) थे।
>भगत सिंह के विरूद्ध मुखबिरी करने के कारण फणीन्द्र घोष की हत्या बैकुण्ठ शुक्ल ने की थी।
>महात्मा गांधी द्वारा स्थापित हरिजन सेवक संघ के संस्थापक अध्यक्ष घनश्याम दास बिडला थे।
> गांधीजी ने कॉंग्रेस की सदस्यता से दो बार त्यागपत्र दिया- 1925 में और 1930 ई० में ।
> बाँटो और छोड़ो का नारा लीग ने दिसम्बर 1943 ई० के कराची अधिवेशन में दिया। > काँग्रेस का प्रथम ब्रिटिश अध्यक्ष जार्ज यूल थे।
> मैं देश की बालू से ही कॉंग्रेस से भी बड़ा आन्दोलन खड़ा कर दूँगा-महात्मा गांधी ने कहा।
> डंडा फौज का गठन पंजाब में चमनदीव ने किया।
> दीनबंधु मित्र का नाटक ‘नील दर्पण’ में नील की खेती करनेवाले पर हुए अत्याचार का उल्लेख है।
> राष्ट्रवादी अहरार आंदोलन मजहर-उल-हक ने प्रारंभ किया।
> आत्मसम्मान आंदोलन की शुरुआत रामस्वामी नायकर ने की।
>निरंकारी आंदोलन की शुरुआत दयालदास ने की।
>ब्रह्मसमाज का प्रतिज्ञापत्र देवेन्द्रनाथ ठाकुर ने तैयार किया।
>देवसमाज के संस्थापक शिव नारायण अग्निहोत्री थे।
>तरुण स्त्रीसमा की स्थापना कलकत्ता में की।
>”भारत, भारतीयों के लिए’ – यह नारा आर्यसमाज ने दिया ।
>अखिल भारतीय किसान सभा की स्थापना लखनऊ में हुई।
>स्वामी विवेकानन्द ने 1893 ई० में शिकागो में विश्व धर्मसम्मेलन को संबोधित किया।
> दिल्ली पड्यंत्र केस में दीनानाथ के द्वारा मुखबिरी की गयी थी।
अलीपुर केस में सरकारी गवाह नरेन्द्र गोसाई बन गया था।
>सबसे कम उम्र में फाँसी की सजा पानेवाला क्रान्तिकारी खुदीराम बोस था।
> ‘इन्कलाब जिन्दाबाद’ का नारा भगत सिंह ने दिया।
> शहीद-ए-आजम के नाम से भगत सिंह को जाना जाता है ।
> भगत सिंह को फाँसी की सजा सुनानेवाला न्यायाधीश जी० सी० हिल्टन था ।
> सबके लिए एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर का नारा श्री नारायण गुरु ने दिया ।
> सवर्ण हिन्दुओं की फांसीवादी काँग्रेस कहकर कॉंग्रेस का चरित्र-निरुपण मोहम्मद अली जिन्ना ने किया ।
> ‘मैं एक क्रांतिकारी के रूप में कार्य करता हूँ।’ यह कथन है-जवाहर लाल नेहरू का । > महात्मा गाँधी को रवीन्द्र नाथ टैगोर ने सर्वप्रथम ‘महात्मा’ कहा।
> महात्मा गाँधी को सर्वप्रथम ‘राष्ट्रपिता’ कहकर संबोधित सुभाष चन्द्र बोस ने किया। > बल्लभ भाई पटेल को ‘सरदार की उपाधि’ बारदोली सत्याग्रह की सफलता के बाद वहाँ के महिलाओं की ओर से गाँधी जी ने प्रदान की ।
> सुभाष चन्द्र बोस को सर्वप्रथम ‘नेताजी’ एडोल्फ हिटलर ने कहा था।
> गोखले के आध्यामिक एवं राजनीतिक गुरु एम० जी० रानाडे थे।
> महात्मा गाँधी के राजनीतिक गुरु गोपाल कृष्ण गोखले थे ।
> सुभाष चन्द्र बोस के राजनीतिक गुरु देशबन्धु चित्तरंजन दास थे ।
> भारत का बिस्मार्क सरदार बल्लभ भाई पटेल को कहा जाता है।
> शुद्धि आंदोलन के प्रवर्तक स्वामी दयानन्द सरस्वती थे।
> 19वीं शताब्दी के भारतीय पुनर्जागरण का पिता राजा राममोहन राय को कहा जाता है।
> अखिल भारतीय हरिजन संघ की स्थापना महात्मा गाँधी ने की थी।
> चर्चिल ने महात्मा गाँधी को अर्धनग्न फकीर कहा था ।
> राष्ट्रीय युवा दिवस स्वामी विवेकानंद से संबंधित है।
> यंग बंगाल आंदोलन का प्रवर्तक विवियन डेरीजियो था ।
> काँग्रेस ने मौलाना अबुल कलाम आजाद की अध्यक्षता में भारत छोड़ो प्रस्ताव को पारित किया ।
> भारत के पितामह (ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया) दादाभाई नौरोजी को कहा जाता है। > गोपाल हरिदेशमुख को लोकहितवादी के नाम से भी जाना जाता है।
>बिना ताज का बादशाह सुरेन्द्रनाथ बनर्जी को कहा जाता है।
>ए० ओ० ह्यूम को “हरमिट ऑफ शिमला” कहा जाता है।
>ए० ओ० ह्यूम 1885-1907 ई० तक काँग्रेस के महामंत्री रहे।
> काँग्रेस के प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष बदरुद्दीन तैयबजी थे ।
>रौलेट एक्ट को बिना अपील, बिना वकील तथा बिना दलील का कानून कहा गया। >मुहम्मद अली एवं शौकतअली ने 1920 ई० में खिलाफत आंदोलन की शुरुआत की। >तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लेने वाले भारतीय नेता थे- डॉ० भीमराव अम्बेदकर ।
>22 दिसम्बर 1939 ई० को कॉंग्रेस मंत्रिमंडल ने सामूहिक रूप से त्यागपत्र दिया। इस दिन को मुस्लिम लीग ने ‘मुक्ति दिवस’ के रूप में मनाया।
>पाकिस्तान शब्द का जन्मदाता चौधरी रहमत अली थे ।
> गांधीजी ने क्रिप्स प्रस्ताव पर कहा- यह एक आगे की तारीख का चेक है, जिसका बैंक नष्ट होने वाला है । (“It is a post dated cheque”)
>इण्डिपेण्डस फोर इंडिया लीग की स्थापना जवाहर लाल नेहरू और सुभाष चन्द्र बोस ने की थी ।
> इण्डिया इण्डिपेण्डस लीग की स्थापना रास बिहारी बोस ने की थी।
> राष्ट्रीय स्वंत्रता आन्दोलन के दौरान कुख्यात सेलुलर जेल अण्डमान में स्थित है।
> आर्य महिला सभा की स्थापना पंडिता रमाबाई ने की।