1. प्रमुख गैसीय नियम (Gas Laws)

गैसों के व्यवहार को समझने के लिए तीन मुख्य नियम दिए गए हैं:

  • बॉयल का नियम (Boyle’s Law): स्थिर ताप (Constant Temperature) पर गैस की नियत मात्रा का आयतन (V), उसके दाब (P) का व्युत्क्रमानुपाती (Inversely Proportional) होता है।अर्थात्: V ∝ 1/P (स्थिर ताप पर)
  • चार्ल्स का नियम (Charles’s Law): स्थिर दाब (Constant Pressure) पर किसी गैस की नियत मात्रा का आयतन (V), उसके परमताप (Absolute Temperature, T) का सीधा समानुपाती (Directly Proportional) होता है।अर्थात्: V ∝ T (स्थिर दाब पर)

    नोट: परमताप (T) = 273 + t°C

  • आवोगाद्रो का नियम (Avogadro’s Law): समान ताप एवं दाब (Equal Temperature and Pressure) पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है।

2. आदर्श गैस अवस्था समीकरण (Ideal Gas Equation)

बॉयल, चार्ल्स और आवोगाद्रो के नियमों को मिलाकर गैस की अवस्था का समीकरण प्राप्त होता है:

PV = nRT  (जहाँ ‘n’ = मोलों की संख्या है और ‘R’ = मोलर गैस स्थिरांक / Universal Gas Constant है)

यदि गैस की मात्रा 1 मोल (n = 1) हो, तो समीकरण निम्न प्रकार होगा:

PV = RT

सामान्य ताप एवं दाब (STP) पर मानक मान:

  • सामान्य ताप एवं दाब (STP) पर विभिन्न गैसों के 1 ग्राम अणु (1 मोल) का आयतन हमेशा 22.4 लीटर होता है।
  • इस 22.4 लीटर आयतन में अणुओं की कुल संख्या 6.022 × 1023 होती है (इसे आवोगाद्रो संख्या भी कहते हैं)।

3. गैसों का विसरण (Diffusion of Gases)

परिभाषा: घनत्व में अंतर रहते हुए भी, पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध गैसों के आपस में स्वतः मिलने-जुलने की स्वाभाविक प्रक्रिया को विसरण (Diffusion) कहा जाता है।

ग्राहम का गैसीय विसरण नियम (Graham’s Law of Diffusion):

नियत ताप एवं दाब पर गैसों के विसरण की आपेक्षिक गतियाँ (r), उनके घनत्वों (d) अथवा अणुभार (M) के वर्गमूल (Square Root) के व्युत्क्रमानुपाती होती हैं।

r1 / r2 = √(d2 / d1) = √(M2 / M1)

उदाहरण (हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के विसरण की तुलना):

माना हाइड्रोजन (H2) का अणुभार M1 = 2 है और ऑक्सीजन (O2) का अणुभार M2 = 32 है।

rH / rO = √(MO / MH)
rH / rO = √(32 / 2)
rH / rO = √16
rH / rO = 4 / 1 यानी rH = 4 × rO

निष्कर्ष: इस नियम के अनुसार, हाइड्रोजन गैस के विसरण (फैलने) की गति ऑक्सीजन गैस के विसरण की गति से चार गुनी (4 गुना) अधिक होती है क्योंकि हाइड्रोजन हल्की गैस है।

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