भौतिक विज्ञान: गति एवं गति के नियम
1. भौतिक राशियाँ: अदिश और सदिश
- अदिश राशि (Scalar): केवल परिमाण। उदाहरण: द्रव्यमान, चाल, कार्य, ऊर्जा, समय, ताप, दाब, विद्युत धारा।
- सदिश राशि (Vector): परिमाण + दिशा। उदाहरण: वेग, विस्थापन, बल, त्वरण, संवेग, आवेग।
2. गति के मूलभूत मापन
| मापन | परिभाषा |
|---|---|
| दूरी | तय किए गए मार्ग की कुल लंबाई (धनात्मक)। |
| विस्थापन | दो बिंदुओं के बीच की न्यूनतम दूरी (धनात्मक/ऋणात्मक/शून्य)। |
| चाल | दूरी/समय। |
| वेग | विस्थापन/समय। |
3. न्यूटन के गति के नियम
प्रथम नियम (जड़त्व का नियम): वस्तु अपनी अवस्था तब तक नहीं बदलेगी जब तक बाह्य बल न लगे। (बल की परिभाषा मिलती है)।
द्वितीय नियम: संवेग परिवर्तन की दर आरोपित बल के समानुपाती होती है (F = ma)। (बल का व्यंजक प्राप्त होता है)।
तृतीय नियम: प्रत्येक क्रिया के बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है।
4. वृत्तीय एवं कोणीय गति
- अभिकेन्द्रीय बल: वृत्त के केंद्र की ओर कार्य करने वाला बल (F = mv²/r)।
- अपकेन्द्रीय बल: यह एक ‘छद्म बल’ (Pseudo force) है जो अभिकेन्द्रीय बल के विपरीत कार्य करता है (जैसे: क्रीम निकालने की मशीन)।
- कोणीय वेग (ω): 1 सेकंड में तय किया गया कोण (ω = 2πn)।
5. सरल मशीन और उत्तोलक (Lever)
उत्तोलक तीन प्रकार के होते हैं:
- प्रथम श्रेणी: आलंब (F) बीच में (जैसे: कैंची, पिलाश, शीश-झूला)।
- द्वितीय श्रेणी: भार (W) बीच में (जैसे: सरौता, नींबू निचोड़ने की मशीन)।
- तृतीय श्रेणी: आयास (E) बीच में (जैसे: चिमटा, मनुष्य का हाथ)।
6. संतुलन के प्रकार
- स्थायी संतुलन: विस्थापित करने पर पुनः पुरानी स्थिति में आना।
- अस्थायी संतुलन: विस्थापित करने पर पुरानी स्थिति में न आना।
- उदासीन संतुलन: विस्थापित करने पर नई स्थिति में संतुलित रहना।