1. राष्ट्रीय आय एवं लेखांकन शब्दावली
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राष्ट्रीय आय (National Income): एक देश की सीमा के भीतर उत्पन्न वस्तुओं और सेवाओं का कुल मौद्रिक मूल्य (दोहरी गणना से मुक्त)।
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सकल घरेलू उत्पाद (GDP): एक निश्चित समयावधि (सामान्यतः 1 वर्ष) में देश की सीमा के अंदर उत्पादित अंतिम वस्तुओं व सेवाओं का कुल बाजार मूल्य।
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सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP): GDP में से विदेशों को प्राप्त आय घटाकर, देश द्वारा विदेशों से अर्जित आय को जोड़ने पर प्राप्त मूल्य।
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शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP): GNP में से ‘मूल्य ह्रास’ (Depreciation) घटाने पर प्राप्त आय।
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गरीबी (Poverty): ग्रामीण क्षेत्र में 2400 कैलोरी और शहरी क्षेत्र में 2100 कैलोरी से कम उपभोग स्तर।
2. आर्थिक स्थितियाँ एवं बाजार शब्दावली
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मिश्रित अर्थव्यवस्था: निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों का सह-अस्तित्व।
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बूम (Boom): आर्थिक गतिविधियों का तीव्र विस्तार (मंदी का विपरीत)।
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मंदी (Recession): माँग में भारी कमी, क्रय शक्ति में गिरावट और बेरोजगारी में वृद्धि।
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मुद्रा स्फीति (Inflation): मुद्रा का मूल्य गिरना और कीमतों में वृद्धि।
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मुद्रा संकुचन (Deflation): मुद्रा की कमी से कीमतें गिरना, उत्पादन/व्यापार में गिरावट।
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विस्फीति (Disinflation): मुद्रा स्फीति को नियंत्रित करने के प्रयासों के कारण कीमतों में गिरावट (सामान्य मूल्य स्तर से ऊपर)।
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स्टेगफ्लेशन (Stagflation): आर्थिक मंदी और मुद्रा स्फीति का एक साथ होना।
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बफर स्टॉक: आपात स्थिति के लिए वस्तुओं का संग्रह।
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हीनार्थ प्रबंधन (Deficit Financing): बजट घाटे को पूरा करने के लिए केंद्रीय बैंक से ऋण लेना या अतिरिक्त मुद्रा छापना।
3. शेयर बाजार एवं बैंकिंग शब्दावली
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तेजड़िया (Bulls): जो कीमतें बढ़ाने में रुचि रखते हैं।
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मंदड़िया (Bears): जो कीमतों में गिरावट की आशा में भविष्य में बेचने का वायदा करते हैं।
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स्टैग (Stag): नई कंपनियों के इश्यू में आवेदन करने वाले अल्पकालिक निवेशक।
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ब्रिज लोन: कंपनियों द्वारा शेयर जारी करने की अवधि के बीच बैंकों से लिया गया अंतरिम ऋण।
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इनसाइडर ट्रेडिंग: गुप्त सूचनाओं के आधार पर शेयरों का अवैध क्रय-विक्रय।
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कर्ब ट्रेडिंग: बाजार के आधिकारिक समय के बाद अनधिकृत रूप से किए गए सौदे (सेबी द्वारा प्रतिबंधित)।
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शेयरों के प्रकार:
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राइट शेयर: वर्तमान शेयरधारकों को पहले खरीदारी का अधिकार।
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बोनस शेयर: अर्जित लाभ से मुफ्त में दिए गए शेयर।
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वोलेटाइल शेयर: कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले शेयर।
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डिफेंसिव शेयर: कीमतों में स्थिरता वाले शेयर।
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4. प्रमुख आर्थिक समितियाँ (सुधार/क्षेत्र)
| समिति | संबंधित क्षेत्र |
| स्वामीनाथन समिति | जनसंख्या नीति |
| जानकीरमन् समिति | प्रतिभूति घोटाला |
| दांतवाला समिति | बेरोजगारी के अनुमान |
| रेखी समिति | अप्रत्यक्ष कर |
| सरकारिया समिति | केंद्र-राज्य संबंध |
| गोस्वामी समिति | औद्योगिक रुग्णता |
| महालनोबिस समिति | राष्ट्रीय आय |
| रंगराजन समिति | भुगतान संतुलन |
| राजा चेलैया समिति | कर सुधार |
| मल्होत्रा समिति | बीमा क्षेत्र में सुधार |
| खुसरो समिति | कृषि साख |
| गोइपोरिया समिति | बैंक सेवा सुधार |
| भूरेलाल समिति | मोटर वाहन करों में वृद्धि |
| नरसिम्हम समिति | वित्तीय (बैंकिंग) सुधार |
| भण्डारी समिति | क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की पुनर्संरचना |
| सच्चर समिति | मुस्लिमों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति |
| सुरेश तेंदुलकर समिति | गरीबी |
| एस. तारापोर समिति | रुपये की पूंजी खाते पर परिवर्तनीयता |
| आबिद हुसैन समिति | लघु उद्योग |
| डॉ. कीर्ति एस. पारिख | पेट्रोलियम उत्पादों की मूल्य प्रणाली |
| बी.एस. व्यास समिति | कृषि एवं ग्रामीण साख |
| महाजन समिति | चीनी उद्योग |
5. आर्थिक सुधार नीति के प्रमुख घटक
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निजीकरण: सार्वजनिक क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाना।
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उदारीकरण: सरकारी नियंत्रण को कम करना या समाप्त करना।
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विश्वव्यापीकरण: अर्थव्यवस्था को विश्व अर्थव्यवस्था से जोड़ना।
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विनिवेश: सार्वजनिक क्षेत्र में सरकारी हिस्सेदारी कम करना।