भारतीय संघ में देशी रियासतों के विलय से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित रूप में नीचे प्रस्तुत किया गया है:

1. विलय हेतु प्रशासनिक ढांचा

  • रियासती मंत्रालय: देशी रियासतों को भारत में सम्मिलित करने के उद्देश्य से सरदार वल्लभ भाई पटेल के नेतृत्व में ‘रियासती मंत्रालय’ का गठन किया गया था।

2. विलय की प्रक्रियाएं

विभिन्न रियासतों को उनकी विशिष्ट परिस्थितियों के अनुसार भारतीय संघ में शामिल किया गया:

  • जूनागढ़ रियासत: इसे ‘जनमत संग्रह’ (Referendum) के आधार पर भारत में मिलाया गया।

  • हैदराबाद रियासत: इसे ‘पुलिस कार्रवाई’ (Police Action) के माध्यम से भारतीय संघ का हिस्सा बनाया गया।

  • जम्मू-कश्मीर रियासत: इसे ‘विलय पत्र’ (Instrument of Accession) पर हस्ताक्षर के माध्यम से भारत में शामिल किया गया।

राज्य पुनर्गठन

भारतीय राज्यों के पुनर्गठन और क्षेत्रीय परिषदों से संबंधित समस्त जानकारी को यहाँ व्यवस्थित और क्रमबद्ध रूप में प्रस्तुत किया गया है:

1. राज्यों के पुनर्गठन का ऐतिहासिक क्रम

  • धर आयोग (1948): अध्यक्ष एस.के. धर। भाषायी आधार पर पुनर्गठन का विरोध किया और प्रशासनिक सुविधा का समर्थन किया।

  • जे.वी.पी. समिति (1949): जवाहर लाल नेहरू, बल्लभ भाई पटेल और पट्टाभि सीतारमैय्या। इन्होंने भी भाषायी आधार पर पुनर्गठन की मांग को खारिज कर दिया।

  • प्रथम भाषायी राज्य (आंध्र प्रदेश): पोटी श्री रामुल्लू के 56 दिन के आमरण अनशन और मृत्यु के बाद, नेहरू ने पृथक् आंध्र प्रदेश की घोषणा की। 1 अक्टूबर, 1953 को इसका गठन हुआ (राजधानी: कर्नूल)।

2. राज्य पुनर्गठन अधिनियम और प्रमुख आयोग

  • फजल अली आयोग: अध्यक्ष फजल अली, सदस्य – हृदयनाथ कुंजरू और के.एम. पणिक्कर।

  • राज्य पुनर्गठन अधिनियम (जुलाई, 1956): इसके तहत भारत में 14 राज्य एवं 6 केंद्र शासित प्रदेश स्थापित किए गए।

3. महत्वपूर्ण विलय और स्थापनाएं

  • पांडिचेरी (1954/1956): फ्रांस ने पांडिचेरी, यनाम, चंद्रनगर और केरीकल भारत को सौंपे, जिन्हें मिलाकर संघ राज्य क्षेत्र बनाया गया।

  • गोवा, दमण व दीव (1961): 18 दिसंबर, 1961 को कार्रवाई कर पुर्तगालियों से मुक्त कराया गया। 12वें संविधान संशोधन द्वारा इन्हें भारत का अभिन्न अंग बनाया गया।

  • बंबई का बँटवारा (1 मई, 1960): मराठी और गुजराती भाषियों के लिए महाराष्ट्र और गुजरात राज्य बने।

  • नागालैंड (1 दिसंबर, 1963): असम को विभाजित कर बनाया गया।

  • पंजाब और हरियाणा (1 नवंबर, 1966): पंजाब का भाषायी विभाजन हुआ।

  • पूर्ण राज्य का दर्जा:

    • हिमाचल प्रदेश (25 जनवरी, 1971)

    • मणिपुर, त्रिपुरा एवं मेघालय (21 जनवरी, 1972)

    • सिक्किम (26 अप्रैल, 1975) – 22वाँ राज्य

    • मिजोरम एवं अरुणाचल प्रदेश (20 फरवरी, 1987)

    • गोवा (30 मई, 1987) – 25वाँ राज्य

  • नवंबर 2000 के गठन: छत्तीसगढ़ (26वाँ), उत्तराखंड (27वाँ) और झारखंड (28वाँ)।

4. वर्तमान स्थिति

  • भारत में 28 राज्य एवं 8 संघ राज्य क्षेत्र हैं (संविधान की प्रथम अनुसूची में शामिल)। नोट: मूल पाठ में 7 संघ राज्य क्षेत्र का उल्लेख है, वर्तमान में इनकी संख्या 8 है।

5. क्षेत्रीय परिषद (Zonal Councils)

  • गठन: राष्ट्रपति द्वारा।

  • अध्यक्ष: केंद्रीय गृहमंत्री या राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत केंद्रीय मंत्री।

  • उपाध्यक्ष: संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री (प्रतिवर्ष बदलते हैं)।

  • कुल परिषदों की संख्या: 5

क्षेत्रीय परिषदों का वर्गीकरण:

  1. उत्तरी: पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दिल्ली।

  2. मध्य: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखण्ड, छत्तीसगढ़।

  3. पूर्वी: बिहार, प० बंगाल, उड़ीसा, झारखंड, असम, सिक्किम, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम।

  4. पश्चिमी: गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, दमण-दीव, दादर तथा नागर हवेली।

  5. दक्षिणी: आन्ध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुदुचेरी।

 

राज्य गठन वर्ष
आन्ध्र प्रदेश 1953
महाराष्ट्र 1960 ई०
गुजरात 1960 ई०
नागालैंड (संभावित, 1963 के अनुसार) 1963 ई०
हरियाणा 1966 ई०
हिमाचल प्रदेश 1971 ई०
मेघालय 1972 ई०
मणिपुर 1972 ई०
त्रिपुरा 1972 ई०
सिक्किम 1975 ई०
मिजोरम 1987 ई०
अरुणाचल प्रदेश 1987 ई०
गोवा 1987 ई०
छत्तीसगढ़ 2000 ई०
उत्तराखंड 2000 ई०
झारखंड 2000 ई०

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