1. भूमि उपयोग और श्रम शक्ति

  • भूमि वितरण:

    • कृषि योग्य भूमि: ~51%

    • वन क्षेत्र: ~21%

    • बंजर एवं अनुपयोगी भूमि: ~24%

    • चरागाह: ~4%

  • श्रम शक्ति: देश की कुल श्रम शक्ति का लगभग 52% हिस्सा कृषि और उससे संबंधित उद्योगों पर आश्रित है।

  • आर्थिक योगदान: 2009-10 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में कृषि का योगदान 14.6% था।

  • निर्यात: 2008-09 में भारत के कुल निर्यात में कृषि एवं संबंधित वस्तुओं का हिस्सा लगभग 9.1% था।

2. प्रमुख फसलें और उत्पादन

  • चावल:

    • चीन के बाद भारत का विश्व में दूसरा स्थान है।

    • भारत में कुल खाद्यान्न क्षेत्र के 47% भाग पर चावल उगाया जाता है।

  • गेहूँ:

    • चीन के बाद भारत का विश्व में दूसरा स्थान है।

    • देश की कुल कृषि योग्य भूमि के 15% भाग पर गेहूँ की खेती होती है।

    • राज्यवार: उत्तर प्रदेश का उत्पादन में प्रथम स्थान है, जबकि प्रति हेक्टेयर उत्पादन में पंजाब प्रथम है।

3. हरित क्रांति और तकनीकी विकास

  • हरित क्रांति (Green Revolution):

    • भारत में लाने का श्रेय डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन को जाता है।

    • शुरुआत: 1967-68 में हुई।

    • प्रभाव: गेहूँ और चावल पर सर्वाधिक प्रभाव पड़ा, जिसमें चावल की तुलना में गेहूँ के उत्पादन में अधिक वृद्धि हुई।

  • द्वितीय हरित क्रांति: 1983-84 में शुरू हुई, जिसमें अधिक उत्पादन, निवेश और कृषक सेवाओं पर बल दिया गया।

  • तिलहन प्रौद्योगिकी मिशन: स्थापना 1986 में हुई।

4. उर्वरक स्थिति

  • भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा उर्वरक उत्पादक और उपभोक्ता देश है।

  • पोटाशियम उर्वरक: भारत इसका पूरी तरह से आयात करता है।

5. बागवानी और अन्य उत्पादन (विश्व रैंकिंग)

  • प्रथम स्थान (विश्व में): आम, केला, चीकू, खट्टे नींबू, काजू, नारियल, काली मिर्च, अदरक, हल्दी।

  • द्वितीय स्थान (विश्व में): फलों एवं सब्जियों के उत्पादन में भारत का दूसरा स्थान है (प्रथम: चीन)।

प्रमुख फसल प्रमुख उत्पादक राज्य
चावल पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, आन्ध्र प्रदेश, बिहार एवं पंजाब।
गेहूँ उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान।
ज्वार महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश एवं आन्ध्र प्रदेश।
बाजरा गुजरात, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश।
दलहन मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात एवं आन्ध्र प्रदेश।
तिलहन गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल एवं उड़ीसा।
जौ  उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार एवं पंजाब।
गन्ना उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, हरियाणा एवं पंजाब।
मूंगफली गुजरात, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश।
चाय असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, त्रिपुरा, कर्नाटक एवं हिमाचल प्रदेश।
कहवा कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, आन्ध्र प्रदेश एवं महाराष्ट्र।
कपास महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु एवं आन्ध्र प्रदेश।
रबड़ केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम एवं अंडमान निकोबार द्वीप समूह।
पटसन (जूट) पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, उड़ीसा एवं उत्तर प्रदेश।
तम्बाकू आन्ध्र प्रदेश, गुजरात, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल एवं तमिलनाडु।
काली मिर्च केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु एवं पुदुचेरी।
हल्दी आन्ध्र प्रदेश, उड़ीसा, तमिलनाडु, महाराष्ट्र एवं बिहार।
काजू केरल, महाराष्ट्र एवं आन्ध्र प्रदेश।

ऋतुओं के आधार पर फसलों का वर्गीकरण
1. रबी की फसल यह अक्टूबर-नवम्बर में बोयी जाती है और मार्च-अप्रैल में काट ली जाती है। इसकी मुख्य फसलें हैं— गेहूँ, जौ, चना, मटर, सरसों, आलू, राई आदि । 2. खरीफ फसल : यह जून-जुलाई में बोयी जाती है, और नवम्बर-दिसम्बर में काट ली जाती है। इसकी मुख्य फसलें हैं—धान, गन्ना, तिलहन, ज्वार, बाजरा, मक्का, अरहर आदि । 3. गरमा फसल : यह मई-जून में बोयी जाती है और जुलाई-अगस्त में काट ली जाती है। फसलें हैं— राई, मक्का, ज्वार, जूट और मडुआ ।
इसकी मुख्य

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